जयपुर/भरतपुर: भरतपुर जिले (Bharatpur District) में थाना उद्योग नगर (Udhyog Nagar) क्षेत्र के रीको एरिया (Ricco Area) स्थित पीएनबी बैंक (PNB Bank) में 12 जनवरी को दिनदहाड़े फायरिंग (Firing) कर लूट करने के मामले में पुलिस (Police) ने एक और आरोपी कल्ला उर्फ कारूआ उर्फ लक्ष्मण जाटव पुत्र सुरेश (31) निवासी जाटव मोहल्ला बिलोनी थाना कंचनपुर जिला धौलपुर (Dholpur) को गिरफ्तार किया है। एसपी मृदुल कच्छावा (SP Mridul Kachawa) ने बताया कि 12 जनवरी 2024 की दोपहर करीब 12:30 बजे रीको एरिया स्थित पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में पहुंचे तीन नकाबपोश बदमाश फायरिंग कर स्टाफ को धमका कर कैश काउंटर (Cash Counter) से 24 हजार 380 रुपए लूट कर भाग गए थे। शाखा प्रबंधक अंकुश मित्तल (Brnch Manager Ankush Mittale) की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी कच्छावा ने बताया कि एसएचओ हनुमान सहाय (SHO Hanuman Sahay) के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage),घटनास्थल पर मिले सबूत (Evidence), अन्य तकनीकी साक्ष्यों व आसूचना संकलन के आधार पर 16 अक्टूबर को घटना के दो आरोपियों अजीत ठाकुर व शिब्बू उर्फ शिवचरण ठाकुर निवासी धौलपुर को गिरफ्तार किया था। रविवार (Sunday) को तीसरे आरोपी कल्ला उर्फ कारुआ उर्फ लक्ष्मण जाटव को गिरफ्तार (Arrest) किया गया। कल्ला के विरुद्ध जयपुर (Jaipur) एवं धौलपुर के विभिन्न थानों में जानलेवा हमला, डकैती, लूट, चोरी और फायरिंग के सात प्रकरण दर्ज है। रिपोर्ट: संदीप अग्रवाल 969453455
रीको एरिया स्थित PNB बैंक में फायरिंग कर दिनदहाड़े लूट की वारदात में एक और आरोपी गिरफ्तार, आरोपी के
भरतपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फायरिंग कर दिनदहाड़े लूट का एक और आरोपी गिरफ्तार
Related News
रफीक खान ने कहा-क्या मेरा मुसलमान होना कोई गुनाह, आखिर क्यों छलका विधायक का दर्द...
आखिर विधानसभा में ऐसा क्या हुआ की मीडिया के सामने भावुक हो गए कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान। विधायक रफीक खान का दर्द छलक उठा और वह भावुक हो गए। मीडिया से बात करते हुए रफीक खान का गला भर आया और उन्होंने कहा कि सदन में मेरा चरित्र हनन किया गया। क्या मेरा मुसलमान होना कोई गुनाह है। सदन में मुझे गालियां दी गई। मैं अपने आप को पीड़ित महसूस कर रहा हूं। रफीक खान ने कहा कि अगर मुसलमान होना गुनाह है तो भाजपा के लोगों से कह रहा हूं कि आप कोई कानून लेकर आ जाओ। और यह कह दो कि आगे से कोई मुसलमान विधायक चुनकर नहीं आएगा। रफीक खान भावुक होते हुए कहने लगे कि आज अगर मेरे पिता जिंदा होते तो यह शब्द सुन भी नहीं पाते। मेरे पिता हिंदी के कवि रहे और उन्होंने हमेशा हिंदी को बढ़ावा दिया है। दरअसल रफीक खान का यह दर्द इसलिए छलक क्योंकि विधानसभा में हंगामे के दौरान पाकिस्तानी-पाकिस्तानी के नारे लगाए गए थे। यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस में रोष व्याप्त है और कांग्रेस लगातार इसकी निंदा कर रही हैं।
पाकिस्तानी कहने पर छलका विधायक रफीक खान का दर्द
रफीक खान ने कहा कि मैं विधानसभा अध्यक्ष से मिला तो उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री से बात करो। मैं संसदीय कार्य मंत्री से मिला तो उन्होंने कहा कि हम चर्चा नहीं करेंगे। शब्द डिलीट कर देंगे, लेकिन यह शब्द पूरे मीडिया में है। यूट्यूब पर हैं तो क्या वहां से यह शब्द डिलीट हो जाएंगे। रफीक खान ने कहा कि विधायक गोपाल शर्मा ने जिस तरह से मेरे चरित्र का चीर हरण किया वह बर्दाश्त के लायक नहीं है। रफीक खान ने कहा की विधानसभा में चर्चा कर रहे हो तो बातचीत से समाधान होना चाहिए था। आपने चर्चा के दौरान न केवल शब्दों की मर्यादा तोड़ी, जिस तरह मेरे व्यक्तित्व का चीर हरण किया गया। इस तरह के शब्द मेरे लिए इस्तेमाल किए गए , मैं उम्मीद करता हूं यह बात पूरी सरकार सुनेगी और इस बात पर चर्चा करेगी ।
राजस्थान विधानसभा में लगे थे पाकिस्तानी-पाकीस्तानी के नारे
यह मामला तब शुरू हुआ जब राजस्थान विधानसभा में नगरीय विकास और स्वायत्त शासन की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल अचानक गरमा गया। कांग्रेस के सचेतक रफीक खान जब अपनी बात रख रहे थे,रफीक खान ने भजनलाल सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को नाकाम बताया। साथ ही उन्होंने एक शेर पढ़ा ‘जो रईस हैं खानदानी मिजाज रखते हैं, नरम अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है‘। तभी भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने उन पर पाकिस्तानी -पाकिस्तानी का नारा लगाया। गोपाल शर्मा के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया, जिससे सदन में तकरीबन दो मिनट तक नोकझोंक होती रही। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रोष जताया था।
खान ने कहा- मुस्लिम विधायक होना गुनाह तो पास करवा दो कानून
टीकाराम जूली ने इस मामले को लेकर कहा था की सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान पर की गई टिप्पणी बेहूदा एवं स्तरहीन है। भाजपा नेताओं में बयानबाजी का स्तर दिनोंदिन गिराने की होड़ लग गई है। इन्हें विधानसभा में बोलने और सड़क पर दिए जाने वाले भाषणों में कोई अन्तर नहीं लगता है। ये भूल जाते हैं कि रफीक खान उस शेखावटी की भूमि से आते हैं जहां सभी धर्मों के लोग सेना में जाकर इस देश के लिए फक्र से अपनी जान देते हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं सदन के नेता भजनलाल शर्मा को इस पर संज्ञान लेकर विधायक पर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी टिप्पणियां असहनीय एवं निंदनीय हैं। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या ऐसे बयानों में क्या उनकी स्वीकारोक्ति है
राजस्थान के उपचुनावों में पार्टीयों के बीच गठबंधन को लेकर पशोपेश ।
जयपुर : उपचुनावों की घोषणा के साथ ही राजस्थान में भी चुनावी रण छिड गया है। सभी 7 सीटो पर नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 13 नवंबर को वोटिंग व 23 नवंबर को उपचुनाव का परिणाम आयेगा। चुनावी घोषणा के साथ ही, राज्य की सभी पार्टियां अपनी अपनी रणनितियो मे जूट गई है। गठबंधन पर भी बैठको का दौर शुरू हो गया है। हालंकि गठबंधन पर सभी पार्टियों के अपने -अपने मत है। राजस्थान में होने वाले 7 सीटो पर उपचुनाव में 4 प्रमुख पार्टिया सामने निकलकर आ रही है - भाजपा, कांग्रेस, BAP और RLP और चारो ही पार्टिया असमजम में दिख रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड का कहना है - कि वो उपचुनाव मे किसी से गठबंधन के लिए आग्रह नही करेगे , लेकिन अगर आगे से कोई निवेदन आता है - तो उसे मना भी नहीं करेंगें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने उप-चुनावो को काग्रेस के लिए लिए सभी चुनौती माना , जबकि भाजपा के सभी 7 सीटो पर आश्वस्त दिखे।वहीं काग्रेस ने गठबंधन पर फैसला दिल्ली आलाकमान पर छोड़ा है। आपको बता दे ,लोकसभा चुनाव में राष्टीय पार्टी काग्रेस ने क्षेत्रीय पार्टी BAP से गठबंधन किया था।आदिवासी बेल्ट चौरासी विधानसभा सीट पर BAP जीत सुनिश्चत मान रही है| ऐसे में माना जा रहा था- यदि चौरासी सीट पर दोनो पार्टीयो का गठबंधन हो जाता है, तो यह बीजेपी की साख पर सवाल बन जायेगी। लेकिन कल भारत आदिवासी पार्टी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान करके सभी प्रकार की सुगबुगाहट पर पुरण विराम लगा दिया है। BAP के मोहनलाल रोत का कहना है कि हम किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगें। चौरासी व सलूबर सीट से पार्टी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। देवली -उनियार सीट पर अभी विचार जारी है। हालंकि मोहनलाल रोत का यह भी कहना है कि- वो गठबंधन नही करेंगे, हाँ यदि काग्रेस समर्थन देती है, तो स्वागत है।
बेनीवाल ने कहा- भाजपा हमारी दुश्मन न०-1
वही दूसरी तरफ RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का गुरुवार को एक बयान आया है.बेनीवाल ने बताया की BJP उनकी दुश्मन न०-1 है| भाजपा को सभी 7 सीटो पर मात के लिए वह काग्रेस से गठबंधन के लिए तैयार है। लेकिन देवली व खींवसर सीट पर वे अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे | बेनीवाल के अनुसार दो तीन दिन में यह साफ हो जायेगा कि दोनो पार्टियों में अलाइंस होता है कि नहीं। लेकिन अगर काग्रेस, RLP की शर्ते मान कर उनकी दो सीट की डिमांड पूरी कर देती है और सभवतः गठबंधन हो जाता है, तो बीजेपी की जीत की डगर कठिन हो सकती है, हाँ यदि मुकाबला त्रिकोणीय होता है भाजपा की जीत की संभावना अधिक हो जाती है |RLP प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि गठबंधन नहीं होता है ये देवली- उनियारा व खींवसर समेत रामगढ व झुंझुनूं यानि 4 सीटों पर चुनाव लडेंगें । इन सभी , चर्चाओ पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि वे राज्य की सभी 7 सीटो पर चुनाव लड़ने केलिए पूर्णतय तैयार हैं। लेकिन गठबंधन पर निर्णय के लिए दिल्ली में कमेटी बनायी गयी है। आलाकमान जो तय करेगा हमें वह मान्य होगा।
आपको बता दे - दौसा विधानसभा सीट पर कांग्रेस सचिन पायलट के समर्थक को टिकट देने की संभावना बतायी जा रही| वही झुंझुनूं विधानसभा सीट पर भाजपा की तरफ से बबलू चौधरी की दावेदारी मानी जा रही है। रामगढ़ सीट पर दिवंगत विधायक जुबेर खान की पत्नी व बेटे को चुनावी मैदान में उतारकर कांग्रेस अपना इमोशल कार्ड खेल सकती है जबकि भाजपा अपने पुराने प्रत्यशी सुखवंत सिंह को टिकट दे सकती है। चौरासी विधानसभा सीट पर BAP का दबदबा है व देवली- उनियारा , खीवंसर सीट पर RLP का वर्चस्व बना हुआ है। ( रिपोर्ट: अनुश्री यादव )
वक्फ संशोधन बिल पर बोले मदन राठौड़ बाहुबलियों का कब्जा होगा खत्म, डोटासरा ने कहा-चहेतों को मलिक बनाना चाहती है सरकार
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पास हो गया है। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। सदन ने विपक्ष के सभी संशोधनों को भी ध्वनिमत से खारिज कर दिया। विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया। वहीं, विपक्ष ने बिल का विरोध किया। वक्फ संशोधन बिल को लेकर लगातार पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साधने में लगी हुई है।वक्फ संशोधन बिल को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा की वक्फ की संपत्तियों पर बाहुबलियों का कब्ज खत्म हो जाएगा। जिससे सभी को लाभ मिलेगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर सरकार की नियत में खोट है और सरकार अपने चहेतो को वक्फ संपत्तियों का मालिक बनाना चाहती है।
वक्फ संशोधन बिल पर मदन राठौड़ ने कहा मुस्लिम समाज को मिलेगा लाभ वक्फ संशोधन बिल पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुस्लिम समुदाय का अधिकांश वर्ग इस संशोधन से खुश है। क्योंकि यह बिल गरीब मुसलमानों के हित में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल का पूरे देश में स्वागत हो रहा है। यह बिल किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता और इसमें मौजूदा वक्फ संपत्तियों को छेड़छाड़ से बचाने का प्रावधान भी शामिल है। राठौड़ ने वक्फ संशोधन बिल को वर्तमान समय की जरूरत बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि वक्फ की संपत्ति पर कई लोगों ने कब्जा कर रखा है। वक्फ की संपत्ति अल्लाह को दी गई है तो इसकी संपत्ति पर बाहुबली और मठाधीशों का कब्जा क्यों है। कुछ बाहुबली लोग इस संपत्ति का उपयोग करते हुए लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जबकि मुस्लिम समाज को इसका लाभ तक नहीं मिल रहा। वक्फ बिल संशोधन मुसलमानों के हित में है, गरीब मुसलमानों के भलाई के लिए इस धन का उपयोग किया जाएगा। जबकि अब तक बाहुबली ही इसका उपयोग कर रहे थे। मदन राठौड़ ने कहा कि यह कैसा कानून है जो यह कहता है कि किसी भी संपत्ति को कह दो कि यह वक्फ की संपत्ति है और वह उसकी हो जाए यह भी ठीक नहीं है ईश्वर किसी से भी संपत्ति छिनना नहीं चाहता है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा की वक्फ की संपत्तियां, जो अल्लाह को समर्पित हैं, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों और बाहुबलियों ने कब्जा कर रखा है। मदन राठौड़ ने सवाल उठाया कि ऐसी संपत्तियों पर बाहुबली या मठाधीशों का नियंत्रण क्यों है। जबकि मुस्लिम समुदाय को इसका लाभ नहीं मिल रहा।
गोविंद सिंह डोटासरा ने बोला केंद्र सरकार पर हमला बोले- इनकी नियत में खोट वक्फ संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। डोटासरा ने कहा की वक्फ संपत्तियों को लेकर भाजपा सरकार की नियत में खोट है। सरकार इसका लाभ अपने चहेतों को पहुंचाना चहाती है। सरकार अपने चहेतों को संपत्तियों का मालिक बनाना चाहती है। डोटासरा ने कहा की देश में कुछ बड़े लोगों को जो पिछले 10 साल में केंद्र सरकार के संज्ञान में आए हैं, उनको वक्फ संपत्तियों का मालिक बनाकर उन्हें अधिकार देना चाहती है। इसलिए यह बिल लेकर आ गए। इसके जरिए हिंदू-मुसलमान भी हो जाएगा और राजनीतिक रोटियां भी सेक ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर पहले से ही कानून बना हुआ है। अब इसमें संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी। डोटासरा ने कहा इसके उद्देश्य और कारण बताएं को लेकर ये लोग भ्रम फैलाने लग जाते हैं कि नए संसद भवन को भी वक्फ संपत्ति घोषित कर देंगे। इनसे पूछा जाए कि जो पहले से संसद भवन बना हुआ है, क्या उसे वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया।
सचिन पायलट की दिवानी है हरियाणा की सरपंच, नैना चाहती है पायलट के साथ कॉफी पीना...
कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट युवाओं में काफी फेमस है। पायलट की अपनी एक अलग ही फैन फॉलोइंग है। और अब इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। वह नाम है हरियाणा की दबंग लेडी सरपंच नैना झोरड़ का। नैना झोरड़ ने खुद कहा है की सचिन पायलट उनके क्रश है। नैना ने सचिन पायलट से मिलने की इच्छा भी जताई है। जैसे ही नैना का यह बयान सामने आया सोशल मीडिया पर कमेंट के भरमार हो गई। इसके बाद नैना ने भी खुलकर कहा सचिन पायलट मेरे क्रश थे, है और क्रश रहेंगे। सचिन पायलट खूबसूरत है, सौम्या और सरल है। पर्सनालिटी है बंदे की तो कोई कैसे पसंद ना करें। नैना ने तो यहां तक कह दिया कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना। कई लोगों ने नैना को सचिन पायलट से दूसरी शादी करने की सलाह तक दे डाली है। इसके बाद नैना ने कहा कि किसी को पसंद करने का मतलब यह नहीं कि उससे शादी कर लो। ऐसे तो लोग सलमान खान को भी पसंद करते हैं तो क्या उससे शादी कर ले। लोगों को अपनी सोच अच्छी रखनी चाहिए।
हरियाणा की सरपंच नैना ने सचिन पायलट को बताया अपना क्रश नैना ने एक इंटरव्यू के दौरान सचिन पायलट को अपना क्रश बताया था। नैना ने कहा था कि सचिन पायलट मेरे क्रश है और मुझे कोई भी कमेंट करें इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस दौरान नैना ने सचिन पायलट से मिलने की इच्छा भी जताई। नैना ने कहा की यदि कभी सचिन पायलट के साथ मिलने का मौका मिला तो उनके साथ 10 मिनट अकेले बैठकर सुकून से कॉफी पीना चाहूंगी। सचिन पायलट काफी अच्छी पॉलिटिशियन है और मैं उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री देखना चाहती हूं। सचिन पायलट युवा है ईमानदार नेता है। यदि कभी उनसे मिली तो राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत बातचीत करूंगी। नैना ने कहा कि मुझे सचिन पायलट आज से नहीं बल्कि काफी सालों से पसंद है। मैं कभी सचिन पायलट से मिली नहीं हूं। नैना ने कहा कि मेरी बात को लोग गलत ले रहे हैं। किसी को पसंद करना कोई गलत नहीं है।
सोशल मीडिया पर ट्रोल होने पर कहा कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना आपको बता दें कि नैना इंडियन नेशन लोकदल से जुड़ी हुई हैं। वे सिरसा की महिला विंग की प्रधान हैं। नैना तब सुर्खियों में आईं थी, जब एक जनसभा के दौरान उन्होंने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के पैरों में अपना दुपट्टा फेंक दिया था। नैना ने हरियाणा के मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी की खुलकर तारीफ भी की। नैना ने मई 2023 में सिरसा में मनोहर लाल खट्टर के पैरों में दुपट्टा फेंका था। यहां मनोहर लाल जनसंवाद कार्यक्रम कर रहे थे। तब बणी गांव की सरपंच नैना झोरड़ शिकायत लेकर आईं। उन्होंने कहा कि मेरे पति पर झूठा केस दर्ज किया गया है। जिसके बाद वहां पर कुछ बहस हुई और नैना ने अचानक अपना दुपट्टा निकालकर खट्टर के पैरों में फेंक दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाया। वहीं खट्टर ने भी जांच के आदेश दे दिए। नैना का कहना था कि पति पर ही हमला हुआ और उन्हीं पर केस दर्ज कर लिया गया। और अब एक फिर नैना अपने बयान के कारण सुर्खियों में है। नैना ने जब से यह कहा है की सचिन पायलट उनके क्रश है तब से लगातार नैना सोशल मीडिया पर छाई हुई है।
बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव बचनेश अग्रवाल ने कहा कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने की है। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण 'माइक्रो प्लानिंग' कर घोषणाओं को मूर्त रूप देने में जुट जाएं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देश पर अग्रवाल ने बुधवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुख्यालय 'अम्बेडकर भवन' स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल से जिला स्तरीय अधिकारियों से वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए बैठक ली और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। इस दौरान निदेशालय सहित संंबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संचालन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की तो कम प्रदर्शन करने वाले जिलों को मोटिवेट भी किया। उन्होंने कहा घोषणाओं की उच्च स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है, ऐसे में अधिकारीगण किसी भी स्तर पर कोर—कसर नहीं छोडें। अग्रवाल ने कहा किया बजट 2025-26 घोषणाओं की क्रियान्विति से पूर्व पिछले वर्ष की जो भी बजट घोषणाएं अपूर्ण हैं, उन्हें सबसे पहले पूरी करने पर जोर दें। उन्होंने बजट 2025-26 की घोषणाओं के अनुसार और आवश्यकता के अनुरूप भूमि चिन्हीकरण एवं आवंटन से जुड़ी गतिविधियों को तय समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में समयबद्धता, गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बजट घोषणाओं के कार्यों को रफ्तार देने की जरूरत पर भी जोर दिया। बैठक के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम योजना, स्वयंसिद्धा आश्रम, देवनारायण आवासीय योजना, कामकाजी महिला आवास योजना, बेघर वृद्धजन एवं असहाय निराश्रित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु स्थापित किया जा रहे स्वयं सिद्ध आश्रमों, विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान की दृष्टि से दादू दयाल घुमंतू सशक्तिकरण योजना प्रारंभ करने, प्रदेश के एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन आदि को आर्थिक संबल प्रदान करने की दृष्टि से अनुजा, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक निगमों द्वारा दिए गए ऋणों के क्रम में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने सहित अन्य विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' से जुड़े आवेदनों की जांच और सत्यापन कार्य आगामी 3 दिवसों में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सत्यापन से शेष मामलों में अधिकारियों को शत—प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर नवाचार करते हुए ओटीपी और एप के जरिए वेरिफिकेशन करवाएं। उन्होंने 7 और 8 अप्रेल को देहरादून में होने वाले चिंतन शिविर तथा 14 अप्रेल को अंबेडकर जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों से जुड़ी तैयारियों को भी पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त निदेशक केसरलाल मीणा, अतिरिक्त निदेशक श्रीमती रीना शर्मा, अतिरिक्त निदेशक अशोक जांगिड़, अतिरिक्त निदेश हरिसिंह मीणा, अतिरिक्त निदेशक अरविंद सैनी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।