आखिर विधानसभा में ऐसा क्या हुआ की मीडिया के सामने भावुक हो गए कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान। विधायक रफीक खान का दर्द छलक उठा और वह भावुक हो गए। मीडिया से बात करते हुए रफीक खान का गला भर आया और उन्होंने कहा कि सदन में मेरा चरित्र हनन किया गया। क्या मेरा मुसलमान होना कोई गुनाह है। सदन में मुझे गालियां दी गई। मैं अपने आप को पीड़ित महसूस कर रहा हूं। रफीक खान ने कहा कि अगर मुसलमान होना गुनाह है तो भाजपा के लोगों से कह रहा हूं कि आप कोई कानून लेकर आ जाओ। और यह कह दो कि आगे से कोई मुसलमान विधायक चुनकर नहीं आएगा। रफीक खान भावुक होते हुए कहने लगे कि आज अगर मेरे पिता जिंदा होते तो यह शब्द सुन भी नहीं पाते। मेरे पिता हिंदी के कवि रहे और उन्होंने हमेशा हिंदी को बढ़ावा दिया है। दरअसल रफीक खान का यह दर्द इसलिए छलक क्योंकि विधानसभा में हंगामे के दौरान पाकिस्तानी-पाकिस्तानी के नारे लगाए गए थे। यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस में रोष व्याप्त है और कांग्रेस लगातार इसकी निंदा कर रही हैं।
पाकिस्तानी कहने पर छलका विधायक रफीक खान का दर्द
रफीक खान ने कहा कि मैं विधानसभा अध्यक्ष से मिला तो उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री से बात करो। मैं संसदीय कार्य मंत्री से मिला तो उन्होंने कहा कि हम चर्चा नहीं करेंगे। शब्द डिलीट कर देंगे, लेकिन यह शब्द पूरे मीडिया में है। यूट्यूब पर हैं तो क्या वहां से यह शब्द डिलीट हो जाएंगे। रफीक खान ने कहा कि विधायक गोपाल शर्मा ने जिस तरह से मेरे चरित्र का चीर हरण किया वह बर्दाश्त के लायक नहीं है। रफीक खान ने कहा की विधानसभा में चर्चा कर रहे हो तो बातचीत से समाधान होना चाहिए था। आपने चर्चा के दौरान न केवल शब्दों की मर्यादा तोड़ी, जिस तरह मेरे व्यक्तित्व का चीर हरण किया गया। इस तरह के शब्द मेरे लिए इस्तेमाल किए गए , मैं उम्मीद करता हूं यह बात पूरी सरकार सुनेगी और इस बात पर चर्चा करेगी ।
राजस्थान विधानसभा में लगे थे पाकिस्तानी-पाकीस्तानी के नारे
यह मामला तब शुरू हुआ जब राजस्थान विधानसभा में नगरीय विकास और स्वायत्त शासन की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल अचानक गरमा गया। कांग्रेस के सचेतक रफीक खान जब अपनी बात रख रहे थे,रफीक खान ने भजनलाल सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल को नाकाम बताया। साथ ही उन्होंने एक शेर पढ़ा ‘जो रईस हैं खानदानी मिजाज रखते हैं, नरम अपना, तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है‘। तभी भाजपा विधायक गोपाल शर्मा ने उन पर पाकिस्तानी -पाकिस्तानी का नारा लगाया। गोपाल शर्मा के इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया, जिससे सदन में तकरीबन दो मिनट तक नोकझोंक होती रही। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रोष जताया था।
खान ने कहा- मुस्लिम विधायक होना गुनाह तो पास करवा दो कानून
टीकाराम जूली ने इस मामले को लेकर कहा था की सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा द्वारा कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान पर की गई टिप्पणी बेहूदा एवं स्तरहीन है। भाजपा नेताओं में बयानबाजी का स्तर दिनोंदिन गिराने की होड़ लग गई है। इन्हें विधानसभा में बोलने और सड़क पर दिए जाने वाले भाषणों में कोई अन्तर नहीं लगता है। ये भूल जाते हैं कि रफीक खान उस शेखावटी की भूमि से आते हैं जहां सभी धर्मों के लोग सेना में जाकर इस देश के लिए फक्र से अपनी जान देते हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं सदन के नेता भजनलाल शर्मा को इस पर संज्ञान लेकर विधायक पर कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसी टिप्पणियां असहनीय एवं निंदनीय हैं। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या ऐसे बयानों में क्या उनकी स्वीकारोक्ति है