राजस्थान की राजनीति में इन दिनों शायराना जंग छिड़ी हुई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बीच राइजिंग राजस्थान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। दोनों ही नेता एक दूसरे पर शायराना अंदाज़ में तंज कसते हुए नजर आ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजेंद्र राठौड़ पर शायराना अंदाज में तंज कसते हुए कहा झूठ कहने लगा, सच से बचने लगा हौंसले मिट गए, तजरबा रह गया। वहीं राजेंद्र राठौड़ ने टीकाराम जूली पर पलटवार करते हुए कहा जो सच के सिपाही थे, वो डटते रहेंगे, झूठ के सौदागर ही पलटते रहेंगे। दरअसल दोनों नेताओं के बीच यह जंग राइजिंग राजस्थान को लेकर चल रही है। टीकाराम जूली लगातार आंकड़े पेश कर भाजपा सरकार पर आरोप लगा रहे हैं वहीं राजेंद्र राठौड़ जूली पर पलटवार कर रहे हैं। राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा राजस्थान में कर्जभार तो हमें विगत कांग्रेस सरकार से विरासत में मिला था जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही कम करने का काम किया है। राज्य में कर्जभार FRBM की अनुमत सीमा में ही है तथा वर्ष 2025-26 में इसे कम करते हुए GSDP का 36.50 प्रतिशत लाया जाना प्रस्तावित है। यह भी FRBM की अनुमत सीमा 38.20 प्रतिशत से कम है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और राजेंद्र राठौड़ के बीच शायराना जंग जारी
टीकाराम जूली ने कहा झूठ कहने लगा, सच से बचने लगा हौंसले मिट गए, तजरबा रह गया। राठौड़ साहब यह शेर आपके इस कथन पर एकदम सटीक है। राइजिंग राजस्थान में हो रहे घोटाले की बात केवल मैं नहीं कर रहा अपितु राजस्थान के अखबारों में रोज खबरें आ रही हैं जिन्हें दबाने का भी पूरी प्रयास आपकी सरकार करती है। खैर, आपने बजट 2025-26 के स्टेट जीडीपी की साइज के बिन्दु का उल्लेख किया परन्तु 2024-25 में राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर किए गए दावे और उनकी हकीकत को आपने नहीं देखा। 2024-25 पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 44,216 करोड़ रुपए रखा पर आपकी सरकार 13 प्रतिशत कम खर्च कर पाई और आपका खर्च केवल 38,288 करोड़ रुपए हुआ। ये आपकी असफलता है। जूली ने कहा आपने 2024-25 के लिए अनुमान लगाया कि स्टेट जीडीपी का 35.97 प्रतिशत ही कर्ज होगा पर रिवाइज एस्टिमेट में यह बढ़कर 37.65 प्रतिशत निकलकर आया यानी FRBM में कर्ज की लिमिट 38.20 प्रतिशत तक आप लगभग पहुंच गए। इस तथ्य को आप छिपा नहीं सकते कि आपकी सरकार दो साल में ही 1.56 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। अगली साल तक आप हर राजस्थानी पर 1 लाख रुपए का कर्ज लाद देंगे।
राजेंद्र राठौड़ और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक दूसरे पर चलाए शब्दबाण
टीकाराम जूली पर पलटवार करते हुए राठौड़ ने कहा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली राइजिंग राजस्थान से अब आपने बहस को राजस्थान की वित्तीय स्थिति की ओर मोड़ दिया है, फिर भी मुझे प्रसन्नता है कि आप वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करने लगे हैं इसके लिए बधाई। आपसे उम्मीद है कि आप इसी तरह वित्तीय आंकड़ों अध्ययन को जारी रखेंगे। वर्तमान में मैं विधानसभा का सदस्य नहीं हूं लेकिन मैंने मेरे सीमित संसाधनों से अध्ययन किया है और आपके ज्ञानवर्धक के लिए आपको कुछ आंकड़े भेज रहा हूं। कैपिटल एक्सपेंडिचर को लेकर आपने आंकड़ों का भ्रमजाल रखा। आप विगत कांग्रेस सरकार के समय के 2023-24 के आकंड़े भी बता देते तो अच्छा रहता। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि वर्ष 2024-25 में संशोधित अनुमान के अनुसार पूंजीगत व्यय 38 हजार 288 करोड़ रुपये रहा जो अब तक का सर्वाधिक है और वर्ष 2023-24 के वास्तविक व्यय 26 हजार 646 करोड़ से 43.69 प्रतिशत अधिक है। क्या इस खर्च को भी असफलता कहा जाएगा ? हमारी सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर के जरिये प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं का जाल बिछाकर विकास की गंगा बहाने के लिए प्रतिबद्ध है। टीकाराम जूली आपको राजस्व घाटे पर बोलने से पहले अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा देख लेना चाहिए। वर्ष 2024-25 में जनकल्याण योजनाओं पर अधिक खर्च के बावजूद राजस्व घाटा 31 हजार 939 करोड़ अनुमानित है जो विगत कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2023-24 में हुए 38 हजार 955 करोड़ के घाटे से करीब 7 हजार 16 करोड़ रुपये कम है। भाजपा सरकार ने वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ जनहित में खर्च को प्राथमिकता दी है। यही फर्क है - कांग्रेस की घोषणाओं और भाजपा के सुशासन में।