पेयजल समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, ग्रीष्मकाल में पेयजल प्रबन्धन के प्रति गंभीर रहें

जलदाय मंत्री ने बांसवाडा- डूंगरपुर के पेयजल प्रबन्धों की समीक्षा की

190732_HomePage_fc2e4abe-34f3-44b7-bc45-5a01cedd2e8e

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने ग्रीष्मकाल में पेयजल प्रबन्धन को बेहतर बनाए रखने के लिए गंभीरता के साथ दायित्व निभाने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यह अच्छी तरह सुनिश्चित करें कि ग्रीष्मकाल के दौरान् पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या सामने न आए। बैठक में जलदाय मंत्री  चौधरी ने मंगलवार को बांसवाड़ा जिला कलक्ट्री सभाकक्ष में पेयजल विषयक बांसवाडा - डूंगरपुर जिले के जलदाय विभाग के अधिकारियों को यह निर्देश दिए। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल के लिए कंटीन्जेंसी योजना के अनुरूप जिले में पेयजल प्रबन्धन को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इनके त्वरित समाधान की कार्यशैली अमल में लाएं और इसके लिए जिले भर में विभागीय कार्यालयों को सक्रिय बनाए रखते हुए समस्या समाधान करें और जिला स्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों में नियंत्रण कक्षों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करें। जलदाय मंत्री ने कहा कि पेयजल योजनाओं से संबंधित पुराने कार्यों में सुधार लाएं तथा नवीन पेयजल योजनाओं के कार्य पूरी गुणवत्ता से सुनिश्चित करें ताकि योजना के अनुरूप इनकी पूरी-पूरी उपयोगिता अच्छी तरह सामने आ सके और पेयजल प्रबन्धन एवं वितरण तंत्र को मजबूती प्राप्त हो सके। उन्होंने दोनोंं जिलों में पेयजल की वर्तमान स्थिति और आने वाले समय में संभावित स्थितियों पर विस्तार से जानकारी ली और कहा कि ग्रीष्मकाल के दौरान् अधिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी से कार्य करने की जरूरत है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि आवश्यकता वाले स्थानों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाए, जहां जरूरत हो वहां ट्यूबवैल, हैण्डपम्प स्थापित करें और पीने का पानी मुहैया कराने के लिए सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करें। जलदाय मंत्री ने पेयजल के पुराने एवं परम्परागत स्रोतों का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि इस दिशा में गंभीरता से चिन्तन करने की आवश्यकता है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार पेयजल प्रबन्धन की जानकारी ली और कहा कि दोनों  जिले के हर क्षेत्र में विभागीय गतिविधियों को और अधिक बेहतर बनाते हुए पेयजल वितरण के प्रति गंभीरता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने दोनों जिले में पेयजल येाजनाओं के स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी दी कि पेयजल प्रबन्धन से संबंधित गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने आरयूआईडीपी के तहत पेयजल गतिविधियों को अच्छी तरह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गढ़ी विधायक कैलाश मीणा ने जिले में पेयजल से संबंधित कार्याें को जल्द से जल्द पूरा करने और पेयजल समस्या से प्रभावित इलाकों में पानी के प्रबन्ध सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने का आग्रह किया। बैठक में बांसवाड़ा जिला प्रमुख  रेशम मालवीया, जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव सहित बांसवाडा, डूंगरपुर के जलदाय विभाग के अधिकारिगण मौजूद थे। डूंगरपुर जिले के विधायक व जनप्रतिनिधिगण आदि ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी और पानी से संबंधित समस्याओं के स्थायी एवं निर्णायक समाधान का आग्रह किया।