वीबी-जी राम जी योजना में पहली डीबीटी जारी

वीबी-जी राम जी योजना में मजदूरी भुगतान ने पकड़ी रफ्तार, 15 दिन में श्रमिकों के खातों में पहुंची पहली डीबीटी

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वीबी-जी राम जी योजना: 15 दिन में श्रमिकों के खातों में पहुंची पहली डीबीटी, मजदूरी भुगतान प्रक्रिया हुई तेज

विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत श्रमिकों को मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। राज्य सरकार की समयबद्ध भुगतान की प्रतिबद्धता के अनुरूप पहली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) राशि निर्धारित 15 दिन की समय-सीमा के भीतर पात्र श्रमिकों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक भेज दी गई है। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार लगभग 37 लाख रुपये की मजदूरी राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई है, जबकि बड़ी संख्या में अन्य भुगतान विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं और जल्द ही जारी किए जाएंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि योजना के तहत कार्य करने वाले प्रत्येक पात्र श्रमिक को उसकी मजदूरी पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सीधे बैंक खाते में उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से भुगतान प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है।

15 दिन की समय-सीमा में हुआ पहला भुगतान

ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने योजना के प्रारंभ से ही यह लक्ष्य तय किया था कि पात्र श्रमिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।

इसी क्रम में पहली डीबीटी राशि समय पर जारी की गई है। विभाग का मानना है कि समयबद्ध भुगतान से श्रमिकों का विश्वास बढ़ेगा और ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को भी मजबूती मिलेगी।

डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में पहुंच रही राशि

योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इससे राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंच रही है और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।

डीबीटी व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है तथा भुगतान में अनावश्यक विलंब की संभावना भी कम हो जाती है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक पात्र श्रमिक तक समय पर और सुरक्षित भुगतान पहुंचाना है।

चरणबद्ध तरीके से जारी हो रहे हैं भुगतान

ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि केंद्र सरकार से प्राप्त स्वीकृतियों के आधार पर मजदूरी भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, उनमें प्राथमिकता के आधार पर डीबीटी के माध्यम से राशि जारी की जा रही है। शेष मामलों की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है ताकि पात्र श्रमिकों को जल्द भुगतान मिल सके।

जिला से पीएफएमएस स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग

शासन सचिव ने बताया कि भुगतान प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए जिला, ब्लॉक, ट्रेजरी तथा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) स्तर पर लगातार समन्वय और मॉनिटरिंग की जा रही है।

विभागीय अधिकारी प्रत्येक स्तर पर भुगतान की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण भुगतान प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है।

वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को दी गई तेजी

ग्रामीण विकास विभाग ने बताया कि भुगतान में देरी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

जहां भी दस्तावेजी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, वहां तत्काल भुगतान जारी किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र श्रमिकों को उनकी मजदूरी निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त हो।

श्रमिक हित सरकार की प्राथमिकता

कृष्ण कुणाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजना के तहत कार्य करने वाले प्रत्येक पात्र श्रमिक को उसकी मेहनत का उचित और समय पर भुगतान मिले।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए पूरी भुगतान प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ग्रामीण विकास को मिलेगी मजबूती

विकसित भारत-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आधारभूत विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है। समय पर मजदूरी भुगतान से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक बल मिलेगा।

विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में शेष भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों और विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने दोहराया है कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रमिक को पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना भी है। इसी दिशा में डीबीटी आधारित भुगतान प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ बिना किसी बाधा के पात्र श्रमिकों तक पहुंच सके।

GOLDEN HIND DESK