1 करोड़ नए लोगों को मिला खाद्य सुरक्षा लाभ

राजस्थान में 1 करोड़ से अधिक नए लाभार्थी खाद्य सुरक्षा से जुड़े, अजमेर में करीब 2 लाख पात्रों को मिला लाभ: सुमित गोदारा

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राजस्थान में 1 करोड़ से अधिक नए पात्र लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़े, अजमेर में करीब 2 लाख लोगों को मिला लाभ

 राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे का विस्तार करते हुए प्रदेश के एक करोड़ एक लाख 15 हजार 449 वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने का दावा किया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों को न केवल सस्ती एवं निःशुल्क खाद्यान्न सुविधा मिल रही है, बल्कि कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित हुआ है।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में कुल 4.37 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थी हैं, जिनमें नए जोड़े गए लाभार्थियों की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

एक करोड़ से अधिक लोगों को मिला खाद्य सुरक्षा का लाभ

सुमित गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2024 के बीच 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ा गया।

इसके बाद 26 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा शुरू किए जाने के बाद बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। इसके परिणामस्वरूप 88 लाख 19 हजार 785 पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

अजमेर जिले में लगभग दो लाख पात्र लाभार्थी जुड़े

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि अजमेर जिले में एक लाख 96 हजार 66 पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिया गया है।

उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 26 जनवरी 2025 के बाद अजमेर उत्तर में 12,876, अजमेर दक्षिण में 8,227, केकड़ी में 40,689, किशनगढ़ में 32,156, मसूदा में 21,677, नसीराबाद में 24,925 तथा पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में 55,516 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में जोड़ा गया।

सरकार का कहना है कि इन परिवारों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

खाद्य सुरक्षा के साथ मिल रहे कई अन्य लाभ

सुमित गोदारा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ने के बाद लाभार्थियों को केवल निःशुल्क खाद्यान्न ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत परिवार के लिए 10 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा भी प्राप्त हो रही है।

मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा और ऊर्जा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मानसून को देखते हुए तीन माह का राशन एक साथ

उन्होंने बताया कि मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है।

राज्य सरकार पात्र परिवारों को तीन माह का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध करा रही है, ताकि बारिश के दौरान राशन वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो और लाभार्थियों को बार-बार उचित मूल्य की दुकानों तक नहीं जाना पड़े।

सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था विशेष रूप से दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए राहतकारी साबित होगी।

गिव अप अभियान से पात्र परिवारों को मिला अवसर

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि नवंबर 2024 में शुरू किए गए 'गिव अप अभियान' के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत लगभग 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया। वहीं करीब 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटाए गए।

इन दोनों कारणों से रिक्त हुए स्थानों पर वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना था, जिससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

राजस्थान मॉडल को मिली राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

सुमित गोदारा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में राजस्थान सरकार की इस पहल की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार के गिव अप अभियान को एक बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने इसे राज्य सरकार की पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रमाण बताते हुए कहा कि इससे अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी।

सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का विस्तार केवल राशन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा योजना का लगातार विस्तार किया जा रहा है और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी सरकार गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करती रहेगी।

GOLDEN HIND DESK