जयपुर में हिमालयन काले भालुओं की नई जोड़ी पर्यटकों के लिए खुली – वन मंत्री ने किया उद्घाटन
जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में पर्यटकों के लिए एक नया और आकर्षक जोड़ जुड़ गया है। जम्मू एवं कश्मीर से लाए गए एक नर और एक मादा हिमालयन काले भालू को गुरुवार से आमजन के अवलोकन के लिए प्रदर्शित किया गया। यह नया एनक्लोजर जैविक उद्यान के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन गया है और इसे देखने के लिए सैकड़ों पर्यटक हर दिन आते हैं।
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने एनक्लोजर का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने फीता काटकर दोनों भालुओं को पर्यटकों के लिए खोला। उद्घाटन के दौरान मंत्री ने कहा कि यह कदम जैविक उद्यान को और अधिक जीवंत बनाने के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करेगा।
उद्यान प्रशासन के अनुसार, नर भालू की आयु लगभग 30 माह और मादा भालू की आयु लगभग 21 माह है। मंत्री ने नर भालू का नाम “हरि” और मादा भालू का नाम “कमला” रखा। दोनों भालू अब विशेष देखभाल और सुरक्षा के तहत रहेंगे। एनक्लोजर में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल आवास तैयार किया गया है, ताकि भालुओं की प्राकृतिक जीवनशैली सुरक्षित रहे।
इस मौके पर बाघ शिवाजी और बाघिन रानी के पांच शावकों का नामकरण भी किया गया। नर शावकों के नाम सूर्या, शौर्य और विजय और मादा शावकों के नाम अम्बे और वृंदा रखे गए। यह नामकरण समारोह जैविक उद्यान में उपस्थित पर्यटकों और बच्चों के लिए एक खास आकर्षण बन गया।
वन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्यान परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन में पौधारोपण एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा में सहयोग करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पवन कुमार उपाध्याय, और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्री के.सी.ए. अरुण प्रसाद सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने जैविक उद्यान में वन्यजीवों की सुरक्षा, देखभाल और पर्यावरणीय जागरूकता पर विस्तृत चर्चा की।
नाहरगढ़ जैविक उद्यान अब जयपुर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। “हरि” और “कमला” के आने से यह स्थल बच्चों, छात्रों और पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक हो गया है। जैविक उद्यान प्रशासन ने भविष्य में और भी वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से लाने और पर्यटकों को शिक्षा देने की योजना बनाई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयन काले भालू प्रकृति में अत्यंत संवेदनशील और धीरे-धीरे विलुप्त होने वाले जीव हैं। जैविक उद्यान में इनके लाने से न केवल संरक्षण बढ़ेगा, बल्कि आम जनता में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
इस नए एनक्लोजर की वजह से जैविक उद्यान की लोकप्रियता बढ़ी है। पर्यटक अब पहले से अधिक संख्या में आएंगे और बच्चों के लिए यह शिक्षा का एक शानदार माध्यम बनेगा। वन मंत्री संजय शर्मा ने भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
जैविक उद्यान प्रशासन ने आश्वासन दिया कि दोनों भालुओं और शावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। इस नई पहल के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान अब राजस्थान के प्रमुख पर्यटन और शिक्षा केंद्रों में शामिल हो गया है।
Golden Hind Desk