जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर छात्र राजनीति, विचारधारा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विमर्श का साक्षी बनी, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 61वें क्षेत्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए हजारों छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद, सामाजिक चिंतक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत की भावी पीढ़ी को दिशा देने वाला मंच साबित हुआ। मुख्यमंत्री के संबोधन से लेकर विचार सत्रों तक, हर क्षण में यह स्पष्ट दिखा कि छात्र समाज को लेकर सरकार और संगठन दोनों की सोच दीर्घकालिक और दूरदर्शी है।
सम्मेलन का ऐतिहासिक महत्व
ABVP का यह 61वां क्षेत्रीय सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब देश की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक संरचना तेज़ी से बदल रही है। डिजिटल युग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोजगार की बदलती परिभाषा और वैचारिक संघर्षों के बीच विद्यार्थियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
ABVP लंबे समय से खुद को केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रवाद की प्रयोगशाला के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यही कारण है कि इसके सम्मेलन केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा पर गंभीर मंथन करते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संबोधन: विचार, दृष्टि और संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता और युवाओं के योगदान को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा:
“किसी भी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सीमाएं या संसाधन नहीं, बल्कि उसकी युवा शक्ति होती है। यदि विद्यार्थी सही दिशा में सोचने लगें, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।”
शिक्षा से आगे सोचने की अपील
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज का छात्र केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित न रहे। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक और नेतृत्वकर्ता तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार नई शिक्षा नीति के तहत
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कौशल आधारित शिक्षा
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तकनीकी ज्ञान
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नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति
को बढ़ावा दे रही है, ताकि छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
युवाओं के लिए सरकार की नीतियाँ: सिर्फ घोषणाएँ नहीं, दिशा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन में सरकार की उन नीतियों का विस्तार से उल्लेख किया, जो सीधे तौर पर युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी हैं।
1. कौशल विकास और रोजगार
सीएम ने कहा कि सरकार का फोकस अब केवल डिग्री देने पर नहीं, बल्कि रोजगार योग्य कौशल विकसित करने पर है। इसके लिए आईटी, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और स्वरोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है।
2. स्टार्टअप और इनोवेशन
उन्होंने छात्रों से कहा कि सरकार स्टार्टअप शुरू करने वालों को
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आर्थिक सहायता
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प्रशिक्षण
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नीति समर्थन
प्रदान कर रही है, ताकि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।
3. नैतिक शिक्षा और संस्कार
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। देश को ऐसे युवा चाहिए जिनमें
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नैतिकता
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अनुशासन
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सामाजिक संवेदनशीलता
हो।
ABVP की भूमिका: आंदोलन से निर्माण तक
मुख्यमंत्री ने ABVP की भूमिका की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ABVP ने छात्र राजनीति को केवल विरोध और आंदोलनों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि रचनात्मक और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि ABVP
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शिक्षा सुधार
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सामाजिक सेवा
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राष्ट्रीय चेतना
के क्षेत्र में निरंतर काम कर रही है।
यह संगठन आपदा के समय राहत कार्यों से लेकर समाज सेवा तक सक्रिय भूमिका निभाता है, जो इसे अन्य संगठनों से अलग बनाता है।
सम्मेलन में क्या-क्या हुआ: सत्र, विचार और संवाद
61वें क्षेत्रीय सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए: