नि:शुल्क जांच, दवा एवं आयुष्मान योजना की समीक्षा, सुधार के निर्देश

SMS अस्पताल में इमरजेंसी मरीजों के लिए अलग-अलग उपचार व्यवस्था होगी लागू

WhatsApp Image 2025-11-29 at 09

जयपुर : सवाई मानसिंह अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर रोगियों एवं सामान्य रोगियों के लिए उपचार की अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी ताकि एक ही कक्ष में रोगी भार अधिक नहीं हो और गंभीर रोगियों को त्वरित ओर बेहतर उपचार मिल सके। साथ ही, अस्पताल में रोगीभार को देखते हुए मानव संसाधन बढ़ाने एवं बेड की उपलब्धता व इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जायेगा। 

 

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सवाई मानसिंह अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान इस संबंध में दिशा निर्देश दिए। राठौड़ रात 8ः30 बजे अचानक सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंची और औचक निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने गणगौरी अस्पताल एवं सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने करीब 2 घंटे निरीक्षण कर तीनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया और सेवाओं को पेशेंट फ्रेण्डली बनाने के निर्देश दिए। 

 

रोगियों को दिलाएं कतारों से मुक्ति —

 

चिकित्सा शिक्षा सचिव ने सवाई मानसिंह अस्पताल में इमरजेंसी, आईसीयू एवं सामान्य वार्ड सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रोगियों के परिजनों के लिए अन्नपूर्णा रसोई की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि ओपीडी में आने वाले रोगियों को पंजीकरण, परामर्श एवं जांच के लिए बार—बार कतारों में नहीं खड़ा होना पड़े। तकनीक का उपयोग करते हुए रोगियों को कतारों से मुक्ति दिलाई जाए। 

 

मानव संसाधन बढ़ाने के लिए भेजें प्रस्ताव —

 

राठौड़ ने सवाई मानसिंह अस्पताल में रोगी भार को देखते हुए चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए भी प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने नि:शुल्क जांच एवं दवा योजनाओं, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के संचालन के ​बारे में भी जानकारी ली और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। 

 

परिजनों के लिए हों जरूरी सुविधाएं —

 

प्रमुख शासन सचिव ने रोगियों एवं उनके परिजनों से भी संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोगियों के परिजनों के अस्पताल में बैठने, छाया एवं पानी की समुचित व्यवस्था हो। रात के समय परिजनों के ठहरने के लिए स्थान निर्धारित कर उसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि रोगियों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं रहे। साथ ही, रोगियों तथा परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। 

 

निर्माणाधीन भवनों का काम जल्द पूरा करें —

 

राठौड़ ने गणगौरी अस्पताल एवं महिला चिकित्सालय में भी इमरजेंसी, आईसीयू, पीआईसीयू, एनआईसीयू, प्रसूति कक्ष, सामान्य वार्ड आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने तीनों अस्पतालों में विद्युत व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं विद्युत उपकरणों व इलेक्ट्रिक वायरिंग को सुव्यवस्थित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, तीनों अस्पतालों में निर्माणाधीन भवनों के कार्यों के बारे में भी जानकारी ली और कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा ताकि इनका लाभ मरीजों को जल्द से जल्द मिल सके।

 

इस दौरान चिकित्सा शिक्षा आयुक्त  नरेश गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।