RCA चुनाव से पराक्रम सिंह बाहर

RCA चुनाव से राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने वापस लिया नामांकन, बोले- दबाव में नहीं लिया फैसला

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RCA चुनाव में बड़ा बदलाव: राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने नामांकन वापस लिया, बोले- दबाव में नहीं

 राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव से एक दिन पहले सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस ले लिया। पराक्रम सिंह ने अपने गुट के साथ नामांकन वापस लेने की जानकारी दी और कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं लिया गया है।

पराक्रम सिंह के मैदान से हटने के बाद RCA चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय के पैनल को समर्थन देने की बात कही है। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव चुनावी प्रक्रिया में बने हुए हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर भी उपाध्यक्ष पद से अपना नामांकन वापस ले चुके हैं।

नामांकन वापस लेने पर क्या बोले पराक्रम सिंह

नामांकन वापस लेने के बाद पराक्रम सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी टीम के साथ चुनाव की तैयारी की थी और उनके पास समर्थन भी था। उन्होंने इसे किसी दबाव का परिणाम मानने से इनकार किया।

रिपोर्टों के अनुसार पराक्रम सिंह ने कहा कि उन्होंने पूरा पैनल तैयार किया था और अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने अपने गुट के पास पर्याप्त समर्थन होने का दावा भी किया। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी के फैसले को सर्वोपरि बताते हुए नामांकन वापस लेने की बात कही।

पराक्रम सिंह के इस फैसले के बाद अब उनका गुट किस तरह बृजकिशोर उपाध्याय के पैनल के साथ आगे बढ़ता है, यह चुनावी समीकरण का अहम हिस्सा बन गया है।

बृजकिशोर उपाध्याय के पैनल को समर्थन

पराक्रम सिंह के नामांकन वापस लेने के साथ ही उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय के पैनल को समर्थन देने की बात कही है। इससे अध्यक्ष पद की चुनावी तस्वीर में एक बड़ा बदलाव आया है।

आरसीए चुनाव में पहले अध्यक्ष पद के लिए धनंजय सिंह खींवसर, पराक्रम सिंह राठौड़ और बृजकिशोर उपाध्याय से जुड़े पैनल के बीच मुकाबले की चर्चा थी। अब पराक्रम सिंह के हटने के बाद उनके समर्थकों और पैनल के समीकरण भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

हालांकि चुनाव में अंतिम परिणाम मतदाताओं के मतदान के बाद ही तय होगा। किसी भी पैनल के समर्थन को लेकर अंतिम संख्या और वोटों का वास्तविक गणित मतदान के दौरान ही सामने आएगा।

शिक्षा मंत्री के बेटे पवन दिलावर भी मैदान से हटे

RCA चुनाव में यह दूसरा बड़ा नाम है, जिसने नामांकन वापस लिया है। इससे पहले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष पद से अपना नाम वापस ले लिया था।

पवन दिलावर के नाम वापस लेने के बाद भी राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई चेहरे चुनावी मैदान में बने हुए हैं। यही वजह है कि RCA चुनाव को लेकर राजस्थान के राजनीतिक और क्रिकेट प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है।

चिकित्सा मंत्री के बेटे धनंजय सिंह मैदान में

RCA अध्यक्ष पद के चुनाव में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर अभी मैदान में हैं। धनंजय सिंह जोधपुर क्रिकेट एसोसिएशन से भी जुड़े रहे हैं और अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार धनंजय सिंह का अपना पैनल भी चुनाव में सक्रिय है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान उनके पैनल में कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े नाम भी दिखाई दिए थे।

धनंजय सिंह के गुट की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्हें सरकार की ओर से किसी तरह का चुनाव लड़ने या हटने का निर्देश नहीं मिला था। ऐसे में उनका चुनाव मैदान में बने रहना RCA चुनाव के अगले चरण को महत्वपूर्ण बनाता है।

सांसद के बेटे आशीष तिवाड़ी भी चुनावी मैदान में

राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी भी RCA की कार्यकारिणी के लिए चुनावी मैदान में हैं। उन्हें कोषाध्यक्ष पद के दावेदारों में बताया गया है।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान आशीष तिवाड़ी का नाम उन राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों में शामिल रहा, जिनकी वजह से इस बार RCA चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ी।

विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी मैदान में

भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी RCA चुनाव में दावेदारी कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने सचिव और उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया था।

इस तरह RCA चुनाव में कई प्रमुख राजनीतिक परिवारों के बेटे अलग-अलग पदों पर अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। पराक्रम सिंह और पवन दिलावर के नाम वापस लेने के बाद भी धनंजय सिंह, आशीष तिवाड़ी और मोहित यादव जैसे नाम चुनावी प्रक्रिया में बने हुए हैं।

38 वोटर तय करेंगे RCA की नई कार्यकारिणी

RCA चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें आम क्रिकेट प्रेमी या खिलाड़ी सीधे मतदान नहीं करते। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में 38 मतदाता हैं। ये जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि होते हैं और इन्हीं के वोट से नई कार्यकारिणी चुनी जाएगी।

इसी वजह से चुनाव में प्रत्येक वोट का महत्व बढ़ जाता है। उम्मीदवारों और पैनल के लिए जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल करना अहम माना जा रहा है।

पराक्रम सिंह ने नामांकन वापस लेने से पहले अपने पक्ष में 32 वोटों के समर्थन का दावा किया था। हालांकि यह उनका राजनीतिक/चुनावी दावा है और वास्तविक वोटिंग में कितने मत किस उम्मीदवार या पैनल को मिलते हैं, इसका पता चुनाव परिणाम के बाद ही चलेगा।

29 सितंबर को होना है चुनाव

RCA चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर 2026 को मतदान होना है। इससे पहले 28 सितंबर नामांकन वापसी की तारीख थी। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों और पैनलों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

अब चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार अंतिम रूप से मैदान में रहेंगे और किन पदों पर सीधा मुकाबला होगा, इसकी तस्वीर नामांकन वापसी के बाद साफ हो रही है।

लंबे समय बाद चुनावी प्रक्रिया में लौटा RCA

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव लंबे समय से विवाद और प्रशासनिक घटनाक्रम के बीच चर्चा में रहा है। संस्था में एडहॉक व्यवस्था के जरिए कामकाज चलने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर घटनाक्रम सामने आए।

रिपोर्टों के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद RCA में चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम जारी हुआ और अब 29 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है।

क्रिकेट प्रशासन के साथ राजनीतिक चर्चा भी तेज

इस बार RCA चुनाव में कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज रही है। हालांकि RCA एक क्रिकेट प्रशासनिक संस्था है और चुनाव में अंतिम फैसला उसके निर्धारित मतदाता करेंगे।

पराक्रम सिंह के नामांकन वापस लेने से अध्यक्ष पद की दौड़ में एक प्रमुख नाम हट गया है। उन्होंने अपने फैसले को दबाव से जोड़ने से इनकार किया है और बृजकिशोर उपाध्याय के पैनल को समर्थन देने की बात कही है। दूसरी ओर धनंजय सिंह खींवसर समेत अन्य उम्मीदवारों की दावेदारी बनी हुई है।

अब 29 सितंबर के मतदान पर सभी की नजरें रहेंगी। 38 मतदाताओं के वोट से RCA की नई कार्यकारिणी का फैसला होगा और इसके साथ राजस्थान क्रिकेट प्रशासन की अगली दिशा भी तय होगी।

GOLDEN HIND DESK