प्रदेश के 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ बना लोक उत्सव, 3 दिन में 1 करोड़ से अधिक लोगों की सहभागिता
राजस्थान में विकसित भारत जन सेवा अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम प्रदेशभर में जनभागीदारी और सामाजिक सरोकार का बड़ा आयोजन बन गया। 25 से 27 सितंबर 2026 तक प्रदेश के करीब 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित इस कार्यक्रम में अनुमानित रूप से 1 करोड़ से अधिक लोगों ने सहभागिता की।
निदेशालय, समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS), राजस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित सेवाओं, पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को सम्मान देना रहा। तीन दिनों तक प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का हुआ सम्मान
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की सबसे खास बात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का सम्मान रहा। विभाग के अनुसार, यह पहला अवसर था जब आंगनबाड़ी दीदियों को इतने बड़े स्तर पर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रधानमंत्री का पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया गया और पौधा भेंट किया गया। इस पहल के माध्यम से उनके काम और समाज में उनकी भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक विभिन्न सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के दौरान उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलने से कार्यक्रम का सामाजिक महत्व भी बढ़ा।
63 हजार केंद्रों पर हुआ आयोजन
राजस्थान के लगभग 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांवों से लेकर शहरों तक स्थानीय लोगों ने इन कार्यक्रमों में भाग लिया। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी रही।
स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों को आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाली सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं, बच्चों और परिवारों से जुड़े पोषण एवं स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
विभाग के अनुसार, तीन दिनों के दौरान अनुमानित तौर पर एक करोड़ से अधिक लोगों की सहभागिता रही। इतनी बड़ी जनभागीदारी ने ‘आंगन मिलन सेवा’ को प्रदेशव्यापी जन उत्सव का रूप दिया।
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और धात्री माताओं के बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण के महत्व का संदेश दिया गया।
गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। वहीं अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को उचित समय पर पूरक आहार शुरू करने और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
इन गतिविधियों ने आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी योजनाओं के संचालन का स्थान नहीं बल्कि समुदाय के लोगों के बीच संवाद और जागरूकता के केंद्र के रूप में भी प्रस्तुत किया।
लोकगीत और लोकनृत्य से उत्सव का माहौल
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं ने लोकगीत, लोकधुन और लोकनृत्य के साथ कार्यक्रम मनाया।
स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को कार्यक्रम से जोड़ने के कारण लोगों की भागीदारी भी बढ़ी। महिलाओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में पोषण और IEC गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इनके माध्यम से लोगों को बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
आंगनबाड़ी दीदियों को मिला सम्मान का एहसास
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह एहसास कराना भी रहा कि बच्चों और महिलाओं के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को समाज में पहचान मिल रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ी सेवाओं में योगदान देती हैं। ‘आंगन मिलन सेवा’ के दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने उनके साथ संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
विभाग के अनुसार, इस आयोजन से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा और उन्हें अपने काम के प्रति सामाजिक सम्मान का अनुभव हुआ।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
कार्यक्रम में शामिल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के लिए आभार जताया।
इन योजनाओं और सेवाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।
आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण के लिए सहयोग की घोषणाएं
‘आंगन मिलन सेवा’ के दौरान कई क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और भामाशाहों ने स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए आर्थिक सहयोग की घोषणाएं भी कीं।
आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में स्थानीय स्तर पर मिलने वाला सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे केंद्रों पर आने वाले बच्चों, महिलाओं और लाभार्थियों के लिए सुविधाओं में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों को भी अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ियों से जुड़ने और उनके बेहतर संचालन में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
शासन सचिव ने आयोजन को बताया सम्मान का माध्यम
महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम ने बताया कि 25 से 27 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका सम्मान के योग्य है। ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन इसी उद्देश्य से किया गया है।
उनके अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं को समाज के सामने सम्मान के साथ प्रस्तुत करना इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
ICDS निदेशक ने जनभागीदारी के लिए जताया आभार
आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि विकसित भारत जन सेवा अभियान का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सरोकार और पोषण-स्वास्थ्य योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि ‘आंगन मिलन सेवा’ में व्यापक स्तर पर जनभागीदारी रही और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संस्था प्रधानों, शिक्षकों, चिकित्सकों, राजीविका सदस्यों, पोषण सखी, SMC और SHG समूहों का आभार जताया।
विकसित भारत जन सेवा अभियान से जुड़ा आयोजन
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम विकसित भारत जन सेवा अभियान, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है, के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इस अभियान के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम ने महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सेवाओं को लोगों के बीच पहुंचाने का अवसर दिया।
एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी बनी खास उपलब्धि
करीब 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में एक करोड़ से अधिक लोगों की अनुमानित सहभागिता इस आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आमजन, महिलाएं, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक समूह कार्यक्रम से जुड़े।
‘आंगन मिलन सेवा’ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानीय समुदाय के साथ जोड़ने, पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने का मंच उपलब्ध कराया।
तीन दिन तक चले इस आयोजन में सम्मान, जनभागीदारी, लोक संस्कृति, पोषण जागरूकता और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां एक साथ देखने को मिलीं। कार्यक्रम के सफल समापन के साथ प्रदेश की आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को व्यापक स्तर पर सम्मान मिला।
GOLDEN HIND DESK