उत्तराखंड | 28 जुलाई को उत्तराखंड के हल्द्वानी में 16 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी मोहम्मद नदीम अंसारी की गिरफ़्तारी के बाद आज हल्द्वानी शहर में कोतवाली थाने के सामने छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
शहर में 28 जुलाई शाम को अपने घर से पियानो सीखने जा रही एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। जब छात्रा ने अपने घर जाने के लिए हल्द्वानी स्थित मंगलपड़ाव से ऑटो पकड़ा तो कुछ देर बाद ऑटो चालक मोहम्मद नदीम अंसारी ने ऑटो को एक सुनसान जगह ले जाकर नाबालिग के साथ इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। आरोपी अंसारी ने छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने किसी को ये बात बताई तो वो उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। डरी सहमी लड़की ने जब घर पहुँच कर परिजनों को ये बात बताई तो उन्होंने पुलिस स्टेशन में जाकर आरोपी के खिलाफ पोक्सो ऐक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
विरोध कर रहे छात्रों की मांग है की नदीम अंसारी जैसे गुनहगारों को फांसी की सजा देनी चाहिए। शहर भर में लोगों की आँखों में आरोपी के खिलाफ आक्रोश देखा जा सकता है। पुलिस अधिकारियों से जरूरी कार्यवाही का आश्वाशन पाकर प्रदर्शन कर रहे छात्र अपने अपने घर चले गये। लोगों का कहना है की पड़ोसी देशों से आने वाले कुछ लोग शहर मे झूठी पहचान और नाम अपनाते हैं और ऐसे घिनौनी कृत्यों को अंजाम देते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करी गई एक पोस्ट में बताया गया है कि मामले का आरोपी नदीम अंसारी एक बांग्लादेशी घुसपैठिया है। इस बात की सत्यता के आधार पर शहर के पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला
आरोपी को फांसी देने की मांग पर एकजुट हल्द्वानी, छात्रों ने किया प्रदर्शन
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दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, 600 हिरासत में; ध्रुव राठी को घर से ले गई पुलिस
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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शनिवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर पार्टी के समर्थक जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस सहित कई इलाकों में जुटने लगे। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी सामने आई। रिपोर्ट में सड़कों पर कीलें लगाने, वाहनों की जांच करने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की जानकारी दी गई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकना ताकत नहीं, बल्कि डर की निशानी है। दूसरी ओर, पुलिस राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत कर रही है।
जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्तीCJP के प्रदर्शन के ऐलान के बाद जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस वाहनों और बसों की जांच भी कर रही है।
शनिवार सुबह कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ छात्र सार्वजनिक शौचालय में छिपे हुए थे। वहां से करीब 50 छात्रों को वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाहन में दम घुटने से एक बच्चा बेहोश हो गया। इसके बाद कुछ छात्रों ने वाहन पर हाथ मारना शुरू कर दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी की। दिल्ली और नोएडा के बीच आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई। महरौली इलाके में लाउडस्पीकर से लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई। मंडी हाउस और फिरोज शाह रोड जैसे क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की जानकारी सामने आई है।
38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात होने की जानकारीप्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान भी शामिल हैं।
जंतर-मंतर और चुनाव आयोग की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की विशेष निगरानी है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि कुछ सड़कों पर प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रोकने के लिए अतिरिक्त अवरोधक लगाए गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर असरदिल्ली में प्रदर्शन के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है। समाचार रिपोर्ट में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली करीब 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने का उल्लेख है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और 10 डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की जानकारी दी गई है। यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना माध्यमों से सेवाओं की स्थिति जरूर जांच लें।
नमो भारत ट्रेन सेवा को लेकर भी कुछ पाबंदियों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रहने वाले हैं। इस दौरान आनंद विहार से मोदीनगर के बीच ट्रेन सेवाएं निर्धारित समय के अनुसार चलने की बात कही गई है।
प्रदर्शन के चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए लोगों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखने की सलाह दी जाती है।
इंडिया गेट के आसपास इंटरनेट बंद रखने की सूचनासुरक्षा इंतजामों के तहत इंडिया गेट के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवा बंद रखने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इसके अनुसार, शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक यह पाबंदी लागू रहने की बात कही गई।
हालांकि, इंटरनेट बंद करने के आदेश का वास्तविक दायरा और प्रभावित सेवाओं की जानकारी संबंधित प्रशासनिक आदेश से सत्यापित की जानी चाहिए। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने कहा- आंदोलन होकर रहेगाCJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि पार्टी का प्रदर्शन होकर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रदर्शन से पहले ही दबाव में आ गई है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना और राजधानी में पाबंदियां लगाना जनता से डरने का संकेत है।
दीपके ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 का भी हवाला दिया। यह अनुच्छेद नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार देता है। हालांकि, इन अधिकारों के साथ कानून के तहत लागू उचित प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विवादCJP के प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। पार्टी इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है और इसकी जांच कराने की मांग कर रही है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन के केंद्र में है।
रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और नाम बहाल करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। चुनावी डेटा, सॉफ्टवेयर तक पहुंच और फॉर्म-6 में बदलाव जैसे विषयों को लेकर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, इन मुद्दों पर निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित दस्तावेजों, चुनाव आयोग के आधिकारिक पक्ष और उपलब्ध तथ्यों की जांच आवश्यक है।
AAP और लेफ्ट प्रदर्शन में शामिल, कांग्रेस ने बनाई दूरीCJP ने अपने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों को आमंत्रित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों ने प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की। तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया, हालांकि उसकी भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।
विपक्षी दलों के अलग-अलग रुख के कारण यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। प्रदर्शन का आगे क्या असर होगा, यह प्रशासन की कार्रवाई, राजनीतिक दलों की भागीदारी और आंदोलन के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
सोनम वांगचुक प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगेलद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया कि वह दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों और ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में पानी की सुरक्षा से जुड़े प्रयोगों में व्यस्त हैं।
वांगचुक ने कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियर झीलों में बाढ़ यानी GLOF के खतरे को कम करने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील भी की।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी चर्चा मेंप्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों के बीच सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने प्रशासन को जरूरत से ज्यादा सख्त कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। अदालत ने मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने जैसे कदमों पर चिंता जताई थी।
यह मामला सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन से जुड़ा है। प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना भी महत्वपूर्ण है।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाहदिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संबंधी पाबंदियों को देखते हुए लोगों को यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट जांचने चाहिए। जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और संसद मार्ग जैसे क्षेत्रों में जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों की जानकारी रखें। ट्रेन और मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्री संबंधित ऑपरेटर से सेवाओं की पुष्टि करें।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर शनिवार सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुव राठी समेत करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ट्रेन, मेट्रो और कुछ संवेदनशील इलाकों में पाबंदियों की जानकारी भी सामने आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच स्थिति किस तरह आगे बढ़ती है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए विरोध प्रदर्शन को कैसे संभालता है।
भूमि पेडनेकर और अंजनी धवन जयपुर पहुंचीं, शिबानी कश्यप लाइव कॉन्सर्ट में करेंगी परफॉर्म; सवाई माधोपुर में रकुल प्रीत का बर्थडे सेलिब्रेशन
भूमि पेडनेकर और अंजनी धवन जयपुर पहुंचीं, लाइव कॉन्सर्ट के लिए आईं शिबानी कश्यप; सवाई माधोपुर में रकुल प्रीत का बर्थडे सेलिब्रेशन
राजस्थान में इन दिनों बॉलीवुड सितारों की आवाजाही चर्चा में है। शुक्रवार सुबह बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर और अंजनी धवन जयपुर पहुंचीं। वहीं, बॉलीवुड सिंगर शिबानी कश्यप भी लाइव कॉन्सर्ट में परफॉर्म करने के लिए पिंक सिटी आई हैं। दूसरी ओर, एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन को खास बनाने के लिए उनके पति और अभिनेता-निर्माता जैकी भगनानी ने राजस्थान की शाही लोकेशन को चुना है। रकुल प्रीत का बर्थडे सवाई माधोपुर के पास बरवाड़ा स्थित सिक्स सेंसेज फोर्ट में सेलिब्रेट करने की तैयारी है।
जयपुर एयरपोर्ट पर बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी के बीच भूमि पेडनेकर का अंदाज भी चर्चा में रहा। वह फैशन इवेंट में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंची हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय वह मीडिया कैमरों से बचने की कोशिश करती दिखाई दीं। हालांकि, इस दौरान फोटोग्राफर्स ने उनकी तस्वीरें कैमरे में कैद कर लीं। भूमि के साथ अंजनी धवन और शिबानी कश्यप के जयपुर पहुंचने से शहर में मनोरंजन जगत से जुड़ी गतिविधियां सुर्खियों में हैं।
जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आईं भूमि पेडनेकरबॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर शुक्रवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर दिखाई दीं। वह यहां एक फैशन इवेंट में शामिल होने आई हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय भूमि का लुक सामान्य से कुछ अलग नजर आया। उन्होंने सिर पर कैप और आंखों पर काला चश्मा लगाया हुआ था। उनके हाथ में एक किताब भी दिखाई दी।
भूमि पेडनेकर एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय कैमरों से बचती नजर आईं। उन्होंने ज्यादा देर तक फोटोग्राफर्स के सामने रुकने के बजाय बाहर निकलने की कोशिश की। इसके बावजूद उनकी तस्वीरें कैमरे में कैद हो गईं। उनके एयरपोर्ट लुक को लेकर मनोरंजन जगत में दिलचस्पी देखने को मिली।
भूमि पेडनेकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं। वह अपने अलग-अलग किरदारों और फिल्मों के लिए पहचानी जाती हैं। इस बार जयपुर में उनके पहुंचने की वजह फैशन इवेंट बताई गई है।
अंजनी धवन भी पहुंचीं जयपुरभूमि पेडनेकर के अलावा बॉलीवुड एक्ट्रेस अंजनी धवन भी जयपुर पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, अंजनी धवन एयर इंडिया की फ्लाइट से जयपुर आई हैं। एयरपोर्ट पर उनकी मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।
अंजनी धवन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। जयपुर जैसे शहर में फिल्मी सितारों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की आवाजाही से स्थानीय स्तर पर होने वाले आयोजनों को भी सुर्खियां मिलती हैं।
जयपुर में फैशन, मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। ऐसे आयोजनों में फिल्मी हस्तियों की भागीदारी शहर को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाती है। भूमि पेडनेकर और अंजनी धवन का यहां पहुंचना भी इसी सिलसिले का हिस्सा है।
लाइव कॉन्सर्ट में परफॉर्म करेंगी शिबानी कश्यपबॉलीवुड सिंगर शिबानी कश्यप भी लाइव कॉन्सर्ट में प्रस्तुति देने के लिए जयपुर पहुंची हैं। उनकी मौजूदगी से शहर के संगीत प्रेमियों के बीच कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ सकती है।
शिबानी कश्यप अपनी गायकी के लिए जानी जाती हैं। लाइव कॉन्सर्ट में कलाकारों को सीधे दर्शकों के सामने प्रस्तुति देने का मौका मिलता है। ऐसे कार्यक्रमों में संगीत प्रेमी अपने पसंदीदा गानों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
जयपुर में समय-समय पर संगीत कार्यक्रम, फैशन शो और मनोरंजन से जुड़े आयोजन होते हैं। इन कार्यक्रमों में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकार हिस्सा लेने आते हैं। शिबानी कश्यप का लाइव कॉन्सर्ट के लिए जयपुर पहुंचना भी शहर की मनोरंजन गतिविधियों से जुड़ी एक अहम खबर है।
हालांकि, कॉन्सर्ट के समय, स्थान और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी यहां उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कार्यक्रम से जुड़ी अंतिम जानकारी आयोजकों की आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी।
रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन के लिए राजस्थान पहुंचींएक तरफ जयपुर में बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी चर्चा में है, तो दूसरी तरफ अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन को लेकर भी खास तैयारियां की जा रही हैं। अभिनेता और निर्माता जैकी भगनानी अपनी पत्नी रकुल प्रीत के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए राजस्थान पहुंचे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, जैकी भगनानी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद वह सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन के सेलिब्रेशन के लिए सवाई माधोपुर के पास बरवाड़ा स्थित सिक्स सेंसेज फोर्ट को चुना गया है।
यह जगह अपने ऐतिहासिक परिवेश, शाही माहौल और लग्जरी सुविधाओं के लिए जानी जाती है। राजस्थान के किले और महल लंबे समय से पर्यटकों के साथ-साथ निजी समारोह आयोजित करने वालों को भी आकर्षित करते रहे हैं। ऐसे में रकुल प्रीत के जन्मदिन के लिए इस स्थान का चुनाव खास माना जा रहा है।
सिक्स सेंसेज फोर्ट पहले भी रहा है चर्चा मेंबरवाड़ा स्थित सिक्स सेंसेज फोर्ट राजस्थान की चर्चित लग्जरी लोकेशन में शामिल है। ऐतिहासिक किले को होटल के रूप में विकसित किया गया है। यहां शाही वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का मेल देखने को मिलता है।
इस लोकेशन का नाम पहले भी बॉलीवुड की चर्चित शादी के कारण सुर्खियों में आ चुका है। अभिनेता विक्की कौशल और अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने दिसंबर 2021 में इसी स्थान पर शादी की थी। उनकी शादी की तस्वीरों और आयोजन को लेकर देशभर में काफी चर्चा हुई थी।
अब रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन के सेलिब्रेशन के लिए इस जगह का चयन होने से बरवाड़ा एक बार फिर मनोरंजन जगत की खबरों में शामिल है। राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों की खूबसूरती और शाही माहौल बड़े आयोजनों के लिए खास आकर्षण बने रहते हैं।
हालांकि, जन्मदिन समारोह की सभी तैयारियों और कार्यक्रमों का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए आयोजन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
बर्थडे पार्टी में शामिल हो सकते हैं बॉलीवुड के करीबी दोस्तरकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन के मौके पर उनके परिवार और जैकी भगनानी के परिवार के सदस्यों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा, बॉलीवुड में उनके करीबी दोस्त भी समारोह का हिस्सा बन सकते हैं।
फिलहाल, पार्टी में शामिल होने वाले सभी मेहमानों की आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है। ऐसे में किन फिल्मी सितारों की मौजूदगी रहेगी, इसे लेकर कोई निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिल्मी हस्तियों के निजी समारोह अक्सर सीमित मेहमानों के बीच आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों में परिवार और करीबी दोस्तों को प्राथमिकता दी जाती है। रकुल प्रीत और जैकी भगनानी के जन्मदिन समारोह को लेकर भी प्रशंसकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
जयपुर में ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग भी चर्चा मेंजयपुर में इन दिनों वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है। भूमि पेडनेकर इस सीरीज के पहले सीजन में मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह दूसरे सीजन का हिस्सा नहीं हैं।
ऐसे में भूमि पेडनेकर के जयपुर पहुंचने को सीधे तौर पर सीरीज की शूटिंग से जोड़ना सही नहीं होगा। उनके यहां आने की वजह फैशन इवेंट बताई गई है।
जयपुर अपनी ऐतिहासिक इमारतों, महलों और खूबसूरत लोकेशन के कारण फिल्म और वेब सीरीज निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। शहर की विरासत और स्थापत्य कला पर्दे पर राजसी माहौल दिखाने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसी वजह से राजस्थान में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग से जुड़ी गतिविधियों पर भी लोगों की नजर रहती है।
राजस्थान में बॉलीवुड सितारों की आवाजाही से बढ़ती है चर्चाराजस्थान में बॉलीवुड सितारों का पहुंचना कोई नई बात नहीं है। जयपुर, उदयपुर और सवाई माधोपुर जैसे स्थान अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों और पर्यटन स्थलों के कारण देशभर में पहचान रखते हैं।
जहां जयपुर में फैशन इवेंट और लाइव कॉन्सर्ट जैसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं, वहीं सवाई माधोपुर के आसपास की लग्जरी लोकेशन निजी समारोहों के लिए भी जानी जाती हैं। फिल्मी हस्तियों के यहां आने से इन स्थानों को मीडिया में अतिरिक्त जगह मिलती है।
फजयपुर में भूमि पेडनेकर, अंजनी धवन और शिबानी कश्यप की मौजूदगी के साथ-साथ सवाई माधोपुर के पास रकुल प्रीत सिंह के जन्मदिन समारोह की तैयारियां चर्चा में हैं। आने वाले समय में आयोजन से जुड़ी आधिकारिक तस्वीरों और मेहमानों की जानकारी सामने आने पर इस खबर में और अपडेट जुड़ सकते हैं।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, 57 मेट्रो स्टेशन बंद; कई ट्रेनें रद्द
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, पुलिस ने नहीं दी अनुमति; 57 मेट्रो स्टेशन बंद, कई ट्रेनें रद्द
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है, जबकि पार्टी की ओर से 7 अक्टूबर को सूचना दी गई थी।
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़े स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की तैयारी की गई है। खबर के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को भी रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन व्यवस्थाओं के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
CJP के नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन से डर गई है और राजधानी में ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई है, मानो दिल्ली बंद का ऐलान कर दिया गया हो। वहीं, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन होकर रहेगा और वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाएंगे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, पुलिस ने दी कार्रवाई की चेतावनीदिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद के मुताबिक, CJP ने 7 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने की सूचना दी थी। पुलिस की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, नियोजित प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले आवेदन देना आवश्यक है। इसी आधार पर पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने और प्रतिबंधित तरीके से भीड़ जुटाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की ओर से लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधों का पालन करने की अपील की गई है। जंतर-मंतर, जनपथ और टॉलस्टॉय मार्ग सहित कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात किए गए हैं।
दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रही है, तो उसे प्रदर्शन करने से क्यों रोका जा रहा है।
57 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला, यात्रियों को हो सकती है परेशानीप्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, एहतियात के तौर पर 57 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का निर्णय किया गया है। खबर में बताया गया है कि स्टेशनों को बंद करने की व्यवस्था 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से लागू करने की बात कही गई है।
मेट्रो स्टेशन बंद होने से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, कारोबारियों और अन्य यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को घर से निकलने से पहले मेट्रो की आधिकारिक जानकारी और अपने रूट की स्थिति जांचने की सलाह दी जाती है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी मेट्रो सेवाएं बंद होने और केवल चुनिंदा स्टेशनों को बंद रखने में अंतर है। इसलिए यात्रा करने से पहले यह पता कर लें कि आपके स्टेशन पर प्रवेश, निकास और ट्रेन संचालन की क्या स्थिति है।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें रद्दCJP के प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे सेवाओं पर भी असर पड़ने की खबर है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से बताया गया है कि 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द रहेंगी। संबंधित ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस फैसले का असर मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से दिल्ली आने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश से जुड़ी ट्रेनें:
22181 – जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट एक्सप्रेस
12189 – महाकौशल एक्सप्रेस
12121 – मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
बिहार से जुड़ी ट्रेनें:
20801 – मगध एक्सप्रेस
12309 – तेजस राजधानी एक्सप्रेस
12393 – संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
22361 – अमृत भारत एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश से जुड़ी ट्रेनें:
12033 – शताब्दी एक्सप्रेस
12417 – प्रयागराज एक्सप्रेस
12275 – हमसफर एक्सप्रेस
12451 – श्रमशक्ति एक्सप्रेस
12447 – यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
14211 – इंटरसिटी एक्सप्रेस
12559 – शिव गंगा एक्सप्रेस
12581 – बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस
15303 – कासगंज-नई दिल्ली एक्सप्रेस
82501 – तेजस एक्सप्रेस
राजस्थान और हरियाणा से संबंधित ट्रेनें:
15308 – सिरसा-तिलक ब्रिज
12964 – उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन
12963 – हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर सिटी
14727 – श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज
14738 – तिलक ब्रिज-भिवानी
14737 – भिवानी-तिलक ब्रिज
14728 – तिलक ब्रिज-श्रीगंगानगर
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर ट्रेन का नंबर डालकर उसकी स्थिति जांच लें। ऊपर दी गई सूची खबर में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। ट्रेन की तारीख, दिशा और रद्द होने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।
दिल्ली में 26 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 26 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी की गई है। इनमें लगभग 15 हजार अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल होने की बात कही गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर, जनपथ, दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस होटल, गेस्ट हाउस, रेलवे स्टेशन और बसों से आने वाले यात्रियों की जांच भी कर रही है।
होटलों में ठहरे लोगों के पहचान पत्र और रजिस्टर की जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। खास तौर पर समूह में दिल्ली पहुंचने वाले लोगों से उनके आने के उद्देश्य के बारे में पूछताछ किए जाने की खबर है।
हालांकि, सुरक्षा बलों की तैनाती और जांच का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है। प्रशासन की चुनौती यह है कि संभावित भीड़ को नियंत्रित करते हुए राजधानी में सामान्य आवाजाही को यथासंभव सुचारु रखा जाए।
CJP नेताओं का आरोप- प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहाCJP के नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन से पहले उनके कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार लोगों को हिरासत में लेकर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर भी CJP के 15 कार्यकर्ताओं को ट्रेन से उतारे जाने की खबर सामने आई है। इनमें तीन युवतियां और 12 युवक शामिल बताए गए हैं। ये कार्यकर्ता दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वहीं, वामपंथी छात्र संगठन SFI ने भी दावा किया है कि उसके और अन्य लोकतांत्रिक संगठनों से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर पूछताछ कर रही है। प्रशासन की ओर से इन सभी आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
सुप्रीम कोर्ट में मेट्रो और ट्रेनें बंद करने के खिलाफ याचिकादिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध से जुड़ी खबरों के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। खबर के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में सार्वजनिक परिवहन पर रोक को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो स्टेशन बंद रहने से आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी हो सकती है। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में उठाया।
इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अपनी बात रखी। हालांकि, याचिका पर अदालत का अंतिम फैसला क्या रहा, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
वोटर लिस्ट और SIR को लेकर भी विवादCJP का प्रस्तावित प्रदर्शन मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच हो रहा है। पार्टी के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और इस प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इसी बीच, द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने, बहाल करने और चुनावी डेटा के प्रबंधन से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
ये दावे रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित हैं। इन्हें किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष या आधिकारिक रूप से सिद्ध आरोप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
गोवा के पणजी में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। हालांकि, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से संबंधित दावों की जांच और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
10 अक्टूबर को राजधानी में क्या रहेगा खास?CJP के प्रदर्शन को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पार्टी ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पुलिस ने प्रतिबंधों का पालन करने की चेतावनी दी है।
मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों से जुड़ी व्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की पहले से योजना बनानी होगी। दिल्ली आने वाले लोगों को ट्रेन की स्थिति, मेट्रो संचालन और संबंधित मार्गों पर लागू प्रतिबंधों की आधिकारिक जानकारी जांचनी चाहिए।
इस पूरे मामले में तीन प्रमुख सवाल हैं—क्या CJP तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन कर पाएगी, सुरक्षा व्यवस्था के कारण सार्वजनिक परिवहन पर कितना असर पड़ेगा और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। इन सवालों के जवाब आने वाले घटनाक्रम और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से स्पष्ट होंगे।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; PM मोदी समेत कई हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
मुंबई/गोवा: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।
PM मोदी ने नाना पाटेकर को दी श्रद्धांजलिप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनके अभिनय की विशिष्टता और प्रभाव को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर में गजब की तीव्रता, अलग व्यक्तित्व और अपनी खास उपस्थिति थी। उन्होंने अपने हर किरदार में रचनात्मकता और विविधता दिखाई और उनके निभाए किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे।
अक्षय कुमार ने कहा- एक युग का अंतअभिनेता अक्षय कुमार ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। दोनों कलाकारों ने 'वेलकम' और 'हाउसफुल 5' जैसी फिल्मों में साथ काम किया था। अक्षय कुमार ने नाना के अभिनय की विशिष्ट शैली और उनकी प्रतिभा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
रितेश देशमुख हुए भावुकअभिनेता रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर के निधन पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके निधन की खबर से वे स्तब्ध हैं। रितेश ने नाना को बेहतरीन अभिनेता बताते हुए कहा कि वे हर तरह के किरदार को अपनी खास शैली में निभाने की क्षमता रखते थे।
रितेश ने नाना के साथ 'ब्लफमास्टर' और 'हाउसफुल 5' में काम करने की याद भी साझा की और कहा कि उनके साथ मराठी फिल्म में काम करने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई।
जूनियर एनटीआर ने भी जताया दुखसाउथ के अभिनेता जूनियर एनटीआर ने नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नाना के हर किरदार में एक अलग तरह की ईमानदारी और तीव्रता दिखाई देती थी। उनके अभिनय को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
देवेंद्र फडणवीस ने सामाजिक कार्यों को किया यादमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अभिनेता के फिल्मी योगदान के साथ उनके सामाजिक कार्यों को भी याद किया। नाना पाटेकर 'नाम फाउंडेशन' के जरिए किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए किए गए कार्यों के लिए भी जाने जाते थे।
नितिन गडकरी — नाना के साथ अपने करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को याद किया तथा उनके सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया।
सुवेंदु अधिकारी — नाना को भारतीय सिनेमा की बेहद प्रभावशाली आवाज बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
डी.के. शिवकुमार — उनके अभिनय और किसानों के प्रति संवेदनशीलता को याद किया।
शरद पवार — नाना को असाधारण और संवेदनशील कलाकार बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
सुनेत्रा पवार — उन्हें अभिनय का युगपुरुष बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे — क्रिकेट जगत की ओर से भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया गया।
करीब पांच दशक का रहा शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की और 1978 में फिल्म 'गमन' से सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।
'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार', 'अब तक छप्पन', 'नटसम्राट', 'वेलकम' और 'राजनीति' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, नाना पाटेकर ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।
अभिनय के साथ समाजसेवा में भी रहे सक्रियनाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं थी। वे किसानों और ग्रामीण समुदायों से जुड़े सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे। 'नाम फाउंडेशन' के जरिए उन्होंने किसानों और सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए काम किया।
नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय की अलग शैली ने दशकों तक दर्शकों पर प्रभाव छोड़ा। उनका फिल्मी योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
RBI ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाया: फरवरी 2023 के बाद पहली बार बढ़ोतरी, लोन-EMI पर पड़ेगा असर
RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की: फरवरी 2023 के बाद पहली बार बढ़ा ब्याज, होम-कार लोन की EMI पर पड़ेगा असर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच बड़ा फैसला लिया है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब RBI ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।
RBI का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देश में महंगाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों समेत कई आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं। केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को नियंत्रित रखना और साथ ही आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखना है।
25 बेसिस पॉइंट बढ़ा रेपो रेटRBI की मौद्रिक नीति समिति ने 7 अक्टूबर 2026 को अपनी बैठक के बाद रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब रेपो रेट 5.50 फीसदी हो गया है। इससे पहले यह दर 5.25 फीसदी थी।
रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को कम अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंकों के लिए RBI से पैसा लेना महंगा हो जाता है। इसका असर आगे चलकर बैंक के लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
RBI ने फरवरी 2023 में भी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की थी। उस समय रेपो रेट 6.25 फीसदी से बढ़कर 6.50 फीसदी हुआ था। इसके बाद लंबे समय तक रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई।
फरवरी 2023 के बाद पहली बार बढ़ोतरीरेपो रेट में मौजूदा बढ़ोतरी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि फरवरी 2023 के बाद RBI ने पहली बार ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले RBI ने लंबे समय तक ब्याज दरों को स्थिर रखा और बाद में आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार दरों में बदलाव किए।
2023 में रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर पहुंचाने के बाद RBI ने अप्रैल 2023 की बैठक में इसे इसी स्तर पर बनाए रखा था। इसके बाद मौद्रिक नीति में महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया।
अब 2026 में 25 बेसिस पॉइंट की नई बढ़ोतरी के साथ RBI ने संकेत दिया है कि महंगाई और बाहरी आर्थिक जोखिमों को लेकर केंद्रीय बैंक सतर्क है।
महंगाई बनी RBI की बड़ी चिंतारेपो रेट बढ़ाने के पीछे महंगाई एक बड़ा कारण है। अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 फीसदी पहुंच गई थी। यह RBI के 4 फीसदी के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर जारी तनाव ने भी महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारत पर खास तौर पर पड़ता है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। तेल महंगा होने से परिवहन, उत्पादन और अन्य वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है।
इसके अलावा मौसम और कृषि उत्पादन से जुड़े जोखिम भी महंगाई के लिए चुनौती बने हुए हैं। RBI ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया है।
होम लोन और कार लोन की EMI पर असररेपो रेट बढ़ने का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जिनके लोन की ब्याज दरें बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी हैं। इनमें होम लोन, कार लोन और कुछ अन्य प्रकार के फ्लोटिंग रेट लोन शामिल हैं।
जब बैंक की फंडिंग लागत बढ़ती है तो बैंक ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। ऐसे में नए ग्राहकों के लिए लोन महंगा हो सकता है और मौजूदा ग्राहकों की EMI भी बढ़ सकती है।
हालांकि हर बैंक तुरंत और समान अनुपात में ब्याज दर नहीं बढ़ाता। वास्तविक असर बैंक की ब्याज दर, लोन के प्रकार, रीसेट नियम और ग्राहक के अनुबंध पर निर्भर करेगा।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति ने फ्लोटिंग रेट पर बड़ा होम लोन लिया हुआ है, तो ब्याज दर में बदलाव होने पर उसकी मासिक किस्त बढ़ सकती है या लोन की अवधि बढ़ सकती है।
FD और सेविंग करने वालों को भी फायदा हो सकता हैरेपो रेट में बढ़ोतरी का असर केवल कर्ज लेने वालों पर ही नहीं पड़ता। बैंक अपनी जमा योजनाओं की ब्याज दरों में भी बदलाव कर सकते हैं।
ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य बैंक जमा योजनाओं में पैसा रखने वाले ग्राहकों को भविष्य में बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना हो सकती है। हालांकि यह पूरी तरह बैंक की नीतियों पर निर्भर करता है और RBI की रेपो रेट बढ़ोतरी का पूरा फायदा तुरंत ग्राहकों तक पहुंचना जरूरी नहीं है।
इसलिए बचत करने वाले लोगों के लिए भी आने वाले समय में बैंक ब्याज दरों में बदलाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
RBI ने ग्रोथ को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिएरेपो रेट बढ़ाने के बावजूद RBI ने आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है। इससे संकेत मिलता है कि RBI को भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति पर भरोसा है।
हालांकि RBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि महंगाई को नियंत्रित करते हुए आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखा जाए। ब्याज दर बढ़ने से महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है, लेकिन ज्यादा समय तक ऊंची ब्याज दर रहने पर कर्ज की मांग और निवेश पर असर पड़ सकता है।
RBI का रुख भी बदलाइस बार केवल रेपो रेट में बदलाव ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि RBI ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख में भी बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को ‘न्यूट्रल’ से ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ यानी परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से मौद्रिक नीति को सख्त करने की दिशा में बदला है।
इसका मतलब यह माना जा रहा है कि RBI आने वाले समय में महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखेगा। अगर महंगाई का दबाव बना रहता है तो आगे भी ब्याज दरों को लेकर सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।
आम लोगों पर क्या होगा असर?रेपो रेट बढ़ने के बाद आम लोगों के लिए इसका असर अलग-अलग तरीके से दिखाई दे सकता है।
लोन लेने वालों के लिए: होम, कार और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन महंगे हो सकते हैं।
मौजूदा EMI वालों के लिए: बैंक की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने पर EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।
नए घर या कार खरीदने वालों के लिए: ज्यादा ब्याज दर के कारण कुल लोन लागत बढ़ सकती है।
FD निवेशकों के लिए: बैंक जमा दरों में बढ़ोतरी होने पर FD पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
महंगाई के मोर्चे पर: ब्याज दर बढ़ाने का उद्देश्य मांग को नियंत्रित करके महंगाई के दबाव को कम करना है।
आगे RBI के फैसलों पर रहेगी नजरRBI का यह फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाकर केंद्रीय बैंक ने साफ किया है कि वह बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक जोखिमों को हल्के में नहीं ले रहा है।
आने वाले महीनों में महंगाई, कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक आर्थिक स्थिति, घरेलू मांग और आर्थिक विकास जैसे संकेतकों पर RBI की नजर रहेगी। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर आगे ब्याज दरों को लेकर फैसले किए जा सकते हैं।
रेपो रेट 5.50 फीसदी हो गया है। ऐसे में लोन लेने वाले ग्राहकों को अपने बैंक की ब्याज दर और EMI में होने वाले संभावित बदलाव पर नजर रखनी चाहिए। वहीं निवेशकों और FD कराने वालों के लिए भी बैंक की नई ब्याज दरों की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।