सेवानिवृत्त SC-ST अधिकारियों से संवाद: सामाजिक न्याय हमारी नीतियों की आत्मा—मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से जुड़े सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय राज्य सरकार की नीतियों की आत्मा और जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और समाज के बीच निरंतर संवाद सुशासन और सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण माध्यम है। सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने उनके प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक जिम्मेदारी खत्म नहीं होती
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी भले ही सरकारी सेवा से निवृत्त हो गए हों, लेकिन उनकी सामाजिक जिम्मेदारियां कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों से अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, जमीनी परिस्थितियों की समझ और संस्थागत ज्ञान का उपयोग युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन एवं समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी अपने अनुभव के माध्यम से युवाओं को सही दिशा दिखाने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग कर सकते हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना
संवाद के दौरान सेवानिवृत्त अधिकारियों ने राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, निःशुल्क कोचिंग योजना और कौशल विकास से जुड़ी पहलों की सराहना की।
सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में प्रभावी जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए भी राज्य सरकार की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उनके अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए समाज उनसे मार्गदर्शन की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में सेवानिवृत्त अधिकारियों का सहयोग और अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के सबसे जरूरतमंद और वंचित व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए विकसित राजस्थान के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्र की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसमें पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि ये ‘डबल इंजन सरकार’ के संकल्प और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महज ढाई वर्ष में 12,000 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता हासिल की है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है। इसके लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘पंच गौरव’ जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के साथ काम कर रही है। स्थानीय स्तर पर भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना से ग्रामीण विकास को गति
मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम विकास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
इन कार्यों के तहत सड़क, पेयजल और कचरा प्रबंधन सहित बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य वंचित वर्गों के लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देना है।
लाखों विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 4.25 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिला है। वहीं, अनुसूचित जनजाति पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 4.30 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से वंचित वर्गों के युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। छात्रवृत्ति और कोचिंग जैसी योजनाओं से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है।
अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना और उद्यम प्रोत्साहन पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबेडकर तीर्थ स्थल यात्रा योजना के तहत लाभार्थियों को बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं, डॉ. बी.आर. अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक 887 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य वंचित वर्गों के युवाओं और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
बारां में 14,636 परिवारों को मिला आवास का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि बारां जिले में पीएम-जनमन (PM-JANMAN) पहल के तहत 14,636 पात्र परिवारों के घर का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाया जाए।
छात्रावासों में मेस भत्ता बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों के हित में छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में मिलने वाले मासिक मेस भत्ते में भी बढ़ोतरी की है। विद्यार्थियों को मिलने वाला मेस भत्ता 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
इसी प्रकार खेल अकादमियों में विद्यार्थियों का मेस भत्ता 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार के अनुसार इन फैसलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण में सहयोग करना है।
250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि मां-बाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में पिछले दो वर्षों से प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही राज्य में 250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इन पहलों के माध्यम से आदिवासी और वंचित क्षेत्रों में बच्चों एवं परिवारों तक आवश्यक सुविधाओं और सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री के साथ हुए संवाद कार्यक्रम में विभिन्न सेवाओं से जुड़े सेवानिवृत्त अधिकारी मौजूद रहे। इनमें आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, प्रशासनिक सेवाओं सहित अन्य सेवाओं के अधिकारी शामिल थे।
कार्यक्रम में ललित के. पंवार, जे.पी. चांडेलिया, रवि प्रकाश मेहरड़ा, ओम प्रकाश बैरवा और अनिल गोठवाल सहित कई सेवानिवृत्त अधिकारियों ने सहभागिता की।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभव को राज्य के विकास के लिए उपयोगी बताते हुए उनसे सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। वहीं अधिकारियों ने भी सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना विकसित राजस्थान की आधारशिला है। सरकार इन उद्देश्यों को केंद्र में रखते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के साथ राजस्थान को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
GOLDEN HIND DESK