पंजा-लालटेन वालों ने बिहार को पलायन और जंगलराज की पहचान दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीवान में जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर करारा हमला बोला

 बिहार के सिवान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 बिहार के सिवान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लोगों का नाम लिए बगैर कई हमले किए। पीएम मोदी ने RJD के चुनाव चिन्ह लालटेन और कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पंजा का नाम लेकर सारे हमले किए। पीएम ने कहा कि हम कहते हैं- सबका साथ-सबका विकास, ये पंजा और लालटेन वाले 'परिवार का साथ, परिवार का विकास' जानते हैं। RJD वाले बाबा साहेब अंबेडकर को पैरों में रखते हैं, लेकिन मोदी उन्हें दिल में रखता है। बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने के बाद ये लोग माफी तक नहीं मांग रहे हैं।

“नौजवानों ने सिर्फ जंगलराज की कहानियां सुनी हैं”

पीएम मोदी ने कहा कि आज के युवा सिर्फ राजद-कांग्रेस के कुशासन की कहानियां सुनते हैं, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं कि पंजे और लालटेन के शासनकाल ने बिहार को किस हद तक बर्बाद कर दिया था. “इन लोगों ने बिहार को पलायन का प्रतीक बना दिया था. लोगों को रोजगार नहीं, डर और असुरक्षा मिली थी.” उन्होंने कहा कि RJD और कांग्रेस की सरकारें निवेश विरोधी और बिहार विरोधी रही हैं. “जब ये लोग विकास की बात करते हैं तो लोगों को दुकान, मकान और स्कूलों में ताले लटकते नजर आते हैं.” पीएम ने कहा कि इन दलों ने माफिया, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को पोषित किया.

"गरीबी हटाने के नाम पर कुछ परिवार अरबपति बन गए"

लंबे समय तक कांग्रेस के लाइसेंस राज ने देश को गरीब रखा और गरीब को अतिगरीबी में धकेल दिया। कांग्रेस आरजेडी के राज में गरीब को घर नहीं मिलता, राशन बिचौलिए खा जाते थे। इलाज गरीब की पहुंच से दूर था। पढ़ाई और कमाई के लिए संघर्ष था। बिजली पानी का एक कनेक्शन लगाने के लिए सरकारी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे। गैस कनेक्शन के लिए सांसदों की सिफारिश लगानी पड़ती थी। नौकरी बिना घूस या सिफारिश के मिलते ही नहीं थे। इसके सबसे बड़े भुक्तभोगी दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े समाज के लोग थे। इन्हें गरीबी हटाने का सपना दिखाकर कुछ परिवार करोड़पति और अरबपति हो गए। बीते 11 साल से हमारी सरकार गरीब के रास्ते की हर मुश्किल को दूर करने में जुटी है।

"पंजा लालटेन वालों ने बिहार के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई"

उन्होंने कहा कि बिहार के रहने वाले सभी व्यक्तियों के लिए सबसे बड़ी बात होती है उसका स्वाभिमान। बिहारी भाई बहन कठिन से कठिन परिस्थिति में काम करके दिखा देते हैं। वो कभी अपने "स्वाभिमान" से समझौता नहीं करते। लेकिन पंजे और लालटेन ने मिलकर बिहार के स्वाभिमान पर बहुत ठेस पहुंचाई है। इन लोगों ने ऐसी लूट खसोट मचाई कि गरीबी बिहार का दुर्भाग्य बन गई। अनेक चुनौतियों को पार करते हुए नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार को वापस विकास की पटरी पर लौटाई है।