महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय, समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) द्वारा महिला पर्यवेक्षक के 416 पदों पर नियुक्ति के आदेश जारी किये गए हैं। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। विभाग में कार्मिकों की कमी नहीं होने से कार्य सुगमता से होंगे जिससे महिला एवं बाल विकास की योजनाओं से आमजन सरलता और सुगमता से लाभान्वित हो सकेंगे। निदेशक आईसीडीएस ओ. पी. बुनकर ने बताया कि विभाग में 416 कार्मिकों को पोस्टिंग मिली है। इसमें से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोटे से 216 कार्यकर्ताओं की और सीधी भर्ती से 200 महिला पर्यवेक्षकों की भर्ती की गई है। निदेशक ने बताया कि इससे विभाग के कार्य संपादन और मॉनिटरिंग में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि विभाग को नवीन कार्मिक मिलने से उसकी कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। उक्त कैडर के 20 प्रतिशत से अधिक कार्मिकों का मिलना विभागीय कार्यों के संपादन में उपयोगी होगा। निदेशक आईसीडीएस ने बताया कि राज्य की बाल विकास परियोजनाओं में कार्यरत सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया है कि उक्त आदेश में दिए गए निर्देशानुसार कार्मिकों की पर्सनल फाइल का संधारण सुव्यवस्थित ढ़ंग से किया जाए और कार्मिकों की सर्विस बुक भी को समय पर बनाकर उसमें तथ्यात्मक सूचनाएं सावधानी से सुस्पष्टता से भरी जाए। अधूरी सर्विस बुक बाद में समस्या का कारण बनती है। उन्होंने कार्मिकों की फोटो, हस्ताक्षर , अँगुली और अंगूठे के निशान, शैक्षणिक योग्यता इत्यादि सभी एंट्री पूर्ण सावधानी से करने के निर्देश दिए।निदेशक ओ.पी. बुनकर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोटे से भर्ती हुई कार्यकर्ता से विभाग द्वारा आवंटित फोन तथा समस्त रिकार्ड अन्य कार्यकर्ता/ सहायिका जिसको भी चार्ज दिया जा रहा है, को सुपुर्द करने के उपरांत ही कार्यमुक्त आदेश जारी करने के सीडीपीओ को निर्देश दिए। उन्होंने सीडीपीओ को उक्त कार्मिकों को कार्यमुक्ति आदेश के साथ नियुक्ति आदेश भी जारी करने और निर्देशानुसार फोटो युक्त अनुभव प्रमाण पत्र भी जारी किया करने और इनका संधारण कार्मिक की पर्सनल फाइल में करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग का हो रहा सुदृढ़ीकरण
महिला पर्यवेक्षक के 416 पदों पर नियुक्ति के आदेश हुए जारी
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डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण की अगुवाई में जयपुर पुलिस की बड़ी सफलता, 212 मोबाइल रिकवर, 23 साइबर अपराधी गिरफ्तार
जयपुर में साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। Jaipur Police की वेस्ट जिला टीम ने डीसीपी वेस्ट Prashant Kiran के नेतृत्व में ‘म्यूल हंटर’ और अन्य तकनीकी अभियानों के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने न केवल शहर में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क को झटका दिया है, बल्कि आम नागरिकों को भी बड़ी राहत पहुंचाई है।
इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने करीब ₹40 लाख की कीमत के 212 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये सभी मोबाइल फोन जयपुर शहर के विभिन्न इलाकों से गुम या चोरी हुए थे। पुलिस ने इन मोबाइल्स को ढूंढने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया। विशेष रूप से CEIR Portal (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) का उपयोग कर मोबाइल फोन को ट्रैक किया गया। इस पोर्टल की मदद से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है, जिससे उन्हें वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन को अब उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जिन्होंने अपने महंगे मोबाइल फोन खो दिए थे और उनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी।
इस पूरे ऑपरेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘म्यूल हंटर अभियान’ रहा। इस अभियान के तहत Rajasthan Police की टीम ने साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया और 23 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये अपराधी फर्जी बैंक खातों, जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, के जरिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे थे। ये खाते आमतौर पर ऐसे लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, जिन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं होती या फिर मामूली लालच देकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जाता है।
जांच में सामने आया कि ये आरोपी विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड जैसे फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम और निवेश के नाम पर ठगी जैसे मामलों में संलिप्त थे। इन फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
पुलिस ने इस मामले में केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि वित्तीय कार्रवाई भी की। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच पुलिस ने अपराधियों के खातों में ₹3.90 करोड़ की राशि होल्ड करवाई। इसके अलावा, त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग ₹1.34 करोड़ की राशि पीड़ितों को वापस रिफंड करवाई गई। यह उपलब्धि साइबर क्राइम से निपटने में पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है।
डीसीपी प्रशांत किरण ने इस सफलता का श्रेय पुलिस टीम की मेहनत, आधुनिक तकनीक के उपयोग और नागरिकों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक तेजी से बढ़ती चुनौती है, लेकिन सही रणनीति और सतर्कता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साथ ही, पुलिस ने नागरिकों को महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह भी दी है। यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत CEIR Portal पर जाकर उसकी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। इससे मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसे ट्रैक करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से पैसे को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य राज्य में साइबर अपराधों पर लगाम लगाना और चोरी हुए कीमती सामान को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। हाल ही में राज्य स्तर पर भी इसी तरह के अभियानों में बड़ी सफलता मिली है, जहां सैकड़ों मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में जहां एक ओर तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस और आम नागरिकों के बीच सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है। जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार के अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
जयपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियानों के जरिए साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, जयपुर वेस्ट पुलिस की यह सफलता शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अपराधियों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि आम जनता में भी विश्वास बढ़ेगा कि उनकी सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है।
राजस्थान में कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रु महंगा हुआ, अब 3099 रुपए में मिलेगा।
राजस्थान में 1 मई 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹993 की भारी बढ़ोतरी ने हड़कंप मचा दिया है। इस 'महंगाई बम' से अब बाहर खाना और अन्य सेवाएं महंगी होना तय माना जा रहा है.पेट्रोलियम कंपनियों ने गुरुवार रात एलपीजी गैस की कीमतों का रिव्यू करने के बाद कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की है। स्टूडेंट और छोटे दुकानदारों पर असर पड़ा है. हालांकि 14 किलो घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर है, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई का बोझ बढ़ गया है.
छोटा सिलेंडर भी 241 रुपए महंगा हुआ
इंडेन गैस एजेंसी के मालिक सुभाष मित्तल ने लोकल 18 को बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलो के सबसे छोटे सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. 5 किलो के सबसे छोटे सिलेंडर की कीमत में 241 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. मित्तल का कहना है कि पहली बार सबसे बड़े और सबसे छोटे दोनों प्रकार के सिलेंडरों की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है. हालांकि सामान्य 14 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है.कॉमर्शियल गैस और रिफिलिंग के छोटे सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते माइग्रेंट लोग, स्टूडेंट, गरीब मजदूरों और सड़कों पर छोटी दुकानें चलाने वाले लोगों को अब सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
इस साल में 1490 रुपए बढ़े
इस साल में कॉमर्शियल सिलेंडर पर कंपनियों ने अब तक 1490 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। पिछले साल 31 दिसंबर तक 1669 रुपए में सिलेंडर मिलता था, जो अब 1 मई तक बढ़कर 3099 रुपए में हो गया। जनवरी में कंपनियों ने 111 रुपए, फरवरी में 49.50, मार्च में 141.50 रुपए और अप्रेल में 195 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की।
2 मई को होगा “रंग दे गुलाबी” अभियान का आयोजन, शहर की 500 दीवारें रंगने का होगा प्रयास
नगर निगम जयपुर ने नवाचारों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम रखते हुए 2 मई को “रंग दे गुलाबी” अभियान की घोषणा की, इस अभियान के तहत देश में पहली बार एक ही दिन में 500 दीवारें रंगने का प्रयास किया जा रहा है। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई यह पहल शहर की सुंदरता को नई पहचान देने के साथ-साथ जनभागीदारी का एक बड़ा उदाहरण बनेगी। नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में नगर निगम आयुक्त ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को जयपुर के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।
शहर को और अधिक आकर्षक और जीवंत बनाने की दिशा में यह अगला कदम
आयुक्त ने बताया कि “सफाई सेवा मैराथन” से स्वच्छता की दिशा में मजबूत आधार स्थापित करने के बाद अब शहर को और अधिक आकर्षक और जीवंत बनाने की दिशा में यह अगला कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “रंग दे गुलाबी” केवल गुलाबी रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गुलाबी नगरी जयपुर को विभिन्न रंगों से और अधिक सुंदर, सृजनात्मक और जीवंत बनाना है। शहर की दीवारों पर पारंपरिक गुलाबी के साथ-साथ आकर्षक और कलात्मक रंगों का उपयोग किया जाएगा, जिससे हर क्षेत्र अपनी अलग पहचान के साथ उभरे और शहर की सांस्कृतिक विरासत का आधुनिक स्वरूप सामने आए। इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, एनजीओ, निजी संस्थाएं, कॉर्पोरेट समूह और आम नागरिक स्वेच्छा से भाग ले सकते हैं। विशेष रूप से पेंटिंग सेवाएं देने के इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं 7470651609 एवं 7878252518 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अभियान के अंतर्गत चिन्हित सभी 500 दीवारों की जानकारी पेंटिंग से पहले और बाद में मीडिया एवं आमजन के साथ साझा की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। नगर निगम जयपुर ने सभी जयपुरवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में भाग लेकर शहर को स्वच्छ, सुंदर और रंगीन बनाने में अपना योगदान दें।
राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026 सम्पन्न, 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के मसालों की हुई बिक्री,
सहकारिता विभाग एवं कॉनफेड द्वारा जवाहर कला केन्द्र में आयोजित किए जा रहे दस दिवसीय मेले ''राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026'' का रविवार को समापन हो गया है। मेले में रिकॉर्ड 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के मसालों एवं अन्य उत्पादों की बिक्री हुई। यह अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और विगत वर्ष से करीब 1.25 करोड़ रुपये अधिक है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को किया गया पुरस्कृत,शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार ने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को दी बधाई
पहली बार लगभग 160 स्टॉल्स पर उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी की गई
सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने बताया कि इस बार का मसाला मेला कई मायनों में खास रहा। मेले में पहली बार लगभग 160 स्टॉल्स पर उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी की गई। यह अब तक की सर्वाधिक स्टॉल संख्या है और पिछले वर्ष से लगभग 40 अधिक है। मेले में पहली बार उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ट्रॉली की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने बताया कि आमजन में जागरूकता बढ़ाने एवं जेनेरिक दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पहली बार मेले में जेनेरिक मेडिसिन जागरूकता स्टॉल भी लगाई गई। साथ ही, आर्गेनिक उत्पादों, श्री अन्न उत्पादों, एक जिला एक उत्पाद एवं जीआई टैग उत्पादों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम बार ग्राम सेवा सहकारी समितियों और कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा मेले में प्रभावी भागीदारी की गई। शासन सचिव ने मेले के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
बिक्री में ये संस्थाएं रहीं अव्वल
शीर्ष संस्थाओं में सर्वाधिक बिक्री की श्रेणी में कॉनफेड प्रथम स्थान पर, तिलम संघ द्वितीय स्थान पर और RCDF (जयपुर डेयरी) तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार, जिला उपभोक्ता भंडारों में प्रथम स्थान पर कोटा, द्वितीय स्थान पर उदयपुर एवं तृतीय स्थान पर बारां रहे। वहीं, क्रय विक्रय सहकारी समितियों में प्रथम स्थान पर मथानिया, द्वितीय स्थान पर बिलाड़ा और तृतीय स्थान पर नागौर रहे। जबकि, ग्राम सेवा सहकारी समितियों में पलसाना ग्राम सेवा सहकारी समिति (Sikar) प्रथम स्थान पर एवं निमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वितीय स्थान पर रही। नवाचार श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य हेतु बाड़मेर जिले की सुंदरा ग्राम सेवा सहकारी समिति को पुरस्कृत किया गया।
‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ का बेंगलुरु में सफल आयोजन
राजस्थान को कृषि नवाचार, एग्रीटेक निवेश और वैश्विक साझेदारी का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) तथा राजस्थान फाउंडेशन के सहयोग से कृषि विभाग, राजस्थान द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ के अंतर्गत बेंगलुरु में इनवेस्टर मीट का सफल आयोजन किया गया जिसमें कृषि, एग्रीटेक, उद्योग और निवेश क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।
राज्य सरकार नवाचार को बढ़ावा देकर एग्रीटेक सेक्टर को मजबूत कर रही
कृषि क्षेत्र में राजस्थान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए माननीय कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचे और नवाचार को बढ़ावा देकर एग्रीटेक सेक्टर को मजबूत कर रही है, जिससे निवेशकों और उद्यमियों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम 2026 की फिल्म के प्रदर्शन ने राज्य में कृषि और एग्रीटेक क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि राजस्थान में कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, जिनमें तकनीक का समावेश, मूल्य संवर्धन और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एग्रीटेक के माध्यम से राज्य में नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट–2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ
बेंगलुरु इनवेस्टर मीट ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)–2026’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है, जिसने राज्य को एग्रीटेक और कृषि निवेश के एक उभरते हुए केंद्र के रूप में सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। आगामी 23 से 25 मई 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की व्यापक भागीदारी अपेक्षित है। इस आयोजन की पूर्व तैयारियों के तहत बेंगलुरु से पहले जयपुर और नई दिल्ली में सफलतापूर्वक इनवेस्टर मीट आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि आगे भी देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में ऐसे इनवेस्टर मीट्स प्रस्तावित हैं, जिससे इस वैश्विक पहल को और व्यापक आयाम मिल सके।