ईरान और इजराइल के बीच जंग इजराइल ने खोंडब में भी हमले की चेतावनी दे रखी है। खोंडब में भी IR-40 हैवी वाटर रिएक्टर है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक और अहम हिस्सा है। यह फैसिलिटी अराक से करीब 40 किलोमीटर दूर है। अराक की तरह इसे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी में रखा जाता है। ईरान और इजराइल के बीच जंग सातवें दिन में पहुंच गई है। अब तक इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 639 हो चुका है और 1329 लोग घायल हुए हैं।
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप को फोन कर किया धन्यवाद
ईरान-इजरायल का संघर्ष सातवें दिन भी जारी है. इसी बीच इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, इजरायल के महान दोस्त अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का हमारे साथ खड़े होने, समर्थन देने, इजरायल की रक्षा करने के लिए धन्यवाद देता हूं. हम लगातार अमेरिका से बात कर रहे हैं. हमने कल रात को भी ट्रंप से बात की है. हमारी बहुत गर्मजोशी से बातचीत हुई. मैं राष्ट्रपति ट्रंप को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. हमने इजरायल राज्य के लिए दो मौजूदा खतरों को खत्म करने के लिए इस ऑपरेशन की शुरुआत की है. हम इन खतरों को खत्म करने की दिशा में आगे कदम बढ़ रहे हैं. हमने तेहरान के स्पेस पर कब्जा कर लिया है. हम अयातुल्ला शासन पर जबरदस्त ताकत से हमला कर रहे हैं. हम परमाणु हथियारों, मिसाइलों, मुख्यालयों, शासन के प्रतीकों पर हमला कर रहे हैं.
इजराइल का ईरान में अराक रिएक्टर साइट पर हमला
ईरान के सरकारी टीवी ने बताया है कि इजराइल ने अराक में बने हेवी वॉटर रिएक्टर पर हमला किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस हमले से कोई रेडिएशन (विकिरण) का खतरा नहीं है क्योंकि हमला होने से पहले ही यह जगह खाली करा ली गई थी। इजराइल ने इस हमले की चेतावनी पहले ही दे दी थी और लोगों से उस इलाके को छोड़ने को कहा था। यह चेतावनी सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दी गई थी, जिसमें रिएक्टर की सैटेलाइट इमेज भी दिखाई गई थी। इजराइली सेना ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को तेहरान और ईरान के अन्य इलाकों में हवाई हमले किए, लेकिन उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी। इजराइल के इन हमलों में पहले ही नतांज यूरेनियम साइट, तेहरान के पास सेंट्रीफ्यूज बनाने वाली जगहों और इस्फहान में एक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में कई टॉप सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं