कई जगह आगजनी; 80 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 200 उपद्रवी गिरफ्तार

नेपाल के बाद फ्रांस में भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन,1 लाख लोग सड़कों पर

France Protests

नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। देश बंदी के समर्थन और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 लाख से ज्यादा लोग सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह आगजनी भी की है। सरकार ने 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। अब तक 200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।  

. प्रदर्शन का स्वरूप और हिंसात्मक घटनाएं

  • सड़कों पर प्रदर्शन, ट्रैफ़िक में रुकावट, आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैरिकेड लगाए, कूड़ा पात्र जलाए, एक बस Rennes में जलाई गई, और दक्षिण-पश्चिम में पावर लाइन क्षतिग्रस्त कर दी जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ।

Bloquons Tout’ ('Block Everything') आंदोलन

  • यह एक सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट्स से शुरू हुआ आंदोलन है, जिसने 10 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल और कार्य बंदी (shutdown) के लिए आह्वान किया

  • आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था Macron सरकार की प्रस्तावित austerity (कंटीले बजट-शमन) नीतियों का विरोध — जैसे 2026 के लिए सार्वजनिक खर्च में कटौती, दो राष्ट्रीय छुट्टियों का हटाया जाना, पेंशन फ्रीज, स्वास्थ्य क्षेत्र में भारी कटौती आदि।

30 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन

फ्रांस में बुधवार से शुरू हुए ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ यानी ‘सब कुछ रोक दो’ मूमेंट में 30 से ज्यादा जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इस प्रदर्शन में 1 लाख से ज्यादा लोग शामिल हैं। इस प्रदर्शन को वामपंथी पार्टी फ्रांस अनबाउंड (LFI) का भी समर्थन मिला है। इसी बीच फ्रांस के ट्रेड यूनियनों ने भी कहा था कि वे 18 सितंबर को बजट प्रस्तावों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।

विरोध प्रदर्शन कर रहे 200 लोग गिरफ्तार

फ्रांस के गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने बताया कि बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों और कस्बों में सड़कों को जाम कर दिया। जगह-जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मंत्री ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत में ही करीब 200 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।