जयपुर में ‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’: युवाओं के विचारों से विकसित भारत की दिशा मजबूत
राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर युवा ऊर्जा और सकारात्मक विचारों का केंद्र बना, जब ‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’ का आयोजन हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने सहभागिता करते हुए युवाओं से सीधे संवाद स्थापित किया। यह आयोजन जयपुर के प्रतिष्ठित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में युवा, शिक्षाविद, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को बजट, योजनाओं और देश के विकास से जोड़ना था, ताकि वे न केवल जागरूक बनें बल्कि सक्रिय भागीदारी भी निभा सकें। इस मंच पर युवाओं को अपनी सोच, नवाचार और सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिससे वे देश के भविष्य निर्माण में अपनी भूमिका तय कर सकें।
युवाओं के विकास पर केंद्रित संवाद
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा, अवसर और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में युवाओं के सर्वांगीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल उन्नयन और रोजगार सृजन जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। यह संवाद केवल विचारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें व्यावहारिक सुझाव और समाधान भी सामने आए, जो आने वाले समय में नीति निर्माण में सहायक हो सकते हैं।
‘माय भारत’ पहल: युवाओं को बजट से जोड़ने की कोशिश
डॉ. बैरवा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ‘माय भारत’ पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश के बजट और विकास योजनाओं से जोड़ना है। यह पहल बजट की जटिलताओं को सरल बनाकर आम युवाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा, “जब युवा यह समझेंगे कि बजट कैसे बनता है, उसमें किन प्राथमिकताओं को शामिल किया जाता है और उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है, तब वे अधिक जिम्मेदारी के साथ अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।”
सिटिजन सेंट्रिक योजनाओं पर जोर
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं पूरी तरह से ‘सिटिजन सेंट्रिक’ होनी चाहिए। यानी ऐसी योजनाएं जो सीधे आमजन के जीवन में सुधार लाएं और उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करें।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, ताकि हर वर्ग—चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी, युवा हो या बुजुर्ग—सभी तक विकास का लाभ समान रूप से पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
कौशल विकास और रोजगार पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास (Skill Development) और रोजगार सृजन पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. बैरवा ने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं को नई तकनीकों और आधुनिक कौशल से लैस होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “आज का युग डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित है। ऐसे में युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन की ओर भी कदम बढ़ाने चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार युवाओं के लिए विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
यूथ डायलॉग के दौरान कई युवाओं ने अपने स्टार्टअप आइडियाज और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने यह साबित किया कि राजस्थान का युवा न केवल प्रतिभाशाली है, बल्कि वह नई सोच और तकनीकी समझ के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार भी है।
डॉ. बैरवा ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि अगर युवा अपने आइडियाज को सही दिशा में आगे बढ़ाएं, तो वे न केवल खुद के लिए बल्कि समाज के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
विकसित भारत@2047 का लक्ष्य
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य ‘विकसित भारत@2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में युवाओं की भूमिका को स्पष्ट करना था। डॉ. बैरवा ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत योजना, नवाचार और सभी के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा, “जब तक समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ नहीं पहुंचेगा, तब तक हम विकसित भारत का सपना पूरा नहीं कर सकते। इसके लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा।”
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है। जब युवा अपने विचार रखते हैं और नीति निर्माण में योगदान देते हैं, तो नीतियां अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनती हैं।
यूथ डायलॉग जैसे मंच युवाओं को न केवल अपनी बात रखने का अवसर देते हैं, बल्कि उन्हें देश की नीतियों और योजनाओं को समझने का भी मौका प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच साबित हुआ जहां युवाओं की सोच, ऊर्जा और नवाचार को दिशा मिली। इस तरह के आयोजन देश के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की उपस्थिति और उनके विचारों ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे केवल सपने ही न देखें, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए सक्रिय रूप से आगे बढ़ें।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि युवा शक्ति को सही दिशा और अवसर मिले, तो ‘विकसित भारत@2047’ का सपना दूर नहीं है, बल्कि एक साकार होती वास्तविकता बन सकता है।