विधानसभा में फिर सुनाई दी फोन टैपिंग मामले की गुंज, टीकाराम जूली ने सरकार लगाना चहाती है जुबां पर ता

 विधानसभा में फिर गुंजा फोन टैपिंग का मामला, स्थगन प्रस्ताव का नेताप्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा 

santi dhariwal

सदन के पटल पर एक बार फिर से फोन टैपिंग मामले की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस के विधायकों ने डॉक्टर किरोडी लाल मीणा की ओर से सरकार पर लगाए गए फोन टैपिंग के मुद्दे का जिक्र किया। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सरकार ने टेलीग्राफ एक्ट की धज्जियां उड़ाई है। भाजपा सरकार के मंत्री ने इसका जवाब दिया और कहा कि किरोड़ी लाल मीणा का फोन टैप नहीं किया गया। यह हमने भी मान लिया। धारीवाल ने कहा कि अगले ही दिन किरोड़ी लाल मीणा कहते हैं कि उनका फोन अभी भी टैप हो रहा है यह क्या तमाशा है क्या इस तरह सरकार चल रही है। शांति धारीवाल ने भाजपा पर निशाना सातवें कहां की राजस्थान में पहली बार इस तरह की सरकार देखी है। हालांकि सदन के पटल पर अवैध बजरी खनन, पुलिस और वन विभाग की टीम पर हमला, बच्चियों से दुष्कर्म जैसे मुद्दे भी छाए रहे।

विधानसभा में एक फिर से फोन टैपिंग का मुद्दा उठा 

विधायक इंदिरा मीणा सहित कई विधायकों ने सदन में इन मामलों को उठाया और सरकार को घेरने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान भाजपा के विधायकों ने भी पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि सरकार अपराध में कमी आने का दावा कर रही है, लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। सरकार को यह बताना चाहिए कि कितने परिवाद पेंडिंग हैं और उन पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कमी नहीं आई है। उल्टे राजस्थान में इसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सिलसिलेवार प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बजरी माफिया और पुलिस की सांठ-गांठ और जेल में कैदियों से चौथवसूली के भी आरोप लगाए।

गलत जवाब के मुद्दे पर पक्ष विपक्ष के बीच हुई नोंकझोंक 
विधानसभा में प्रश्न कल के दौरान सवालों के गलत जवाब देने का मुद्दा भी जमकर उठा। अधिकारियों की ओर से गुमराह किए जाने की बात के ऊपर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हो गया। इसके बाद में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नियमों का हवाला देते हुए मामले को शांत करवाया। प्रश्न काल के दौरान शहीद सैनिकों के सम्मान, विद्यालय में रिक्त पदों सहित कई मुद्दों पर सवाल जवाब हुआ।  खानपुर विधानसभा क्षेत्र में श्मशान में कब्रिस्तान भूमि आवंटन को लेकर विधायक सुरेश गुर्जर ने सवाल किया था। राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा ने जवाब दिया था। विधायक गुर्जर ने इस जवाब को गलत बताया और कहा कि अधिकारी गलत जनकारी देकर सदन को गुमराह कर रहे हैं। इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि हर जवाब गलत नहीं हो सकता। इसके बाद में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जब जवाब गलत है तो उसे गलत ही कहा जाएगा। जिन लोगों ने गलत जानकारी दी उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। पक्ष और विपक्ष के बीच में नोक झोंक हुई हंगामा बढ़ता दिख तो वासुदेव देवनानी ने खड़े होकर कहा कि यदि जवाब गलत लगता है तो आप नियमों के तहत आकर मुझे अपनी बात बताएं और सही उत्तर दिलवाया जाएगा।

विधायक सुभाष गर्ग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव को जूली ने बताया काला अध्याय 
भरतपुर विधायक सुभाष गर्ग के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव लाए जाने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपनी प्रतिक्रिया दी। टीकाराम जूली ने कहा कि 52 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब स्थगन प्रस्ताव को लेकर विधानसभा सदस्य के खिलाफ प्रस्ताव लाकर नोटिस दिया गया है। सरकार विधायकों की जुबान पर ताला लगाना चाहती है। इस तरीके से तो कोई भी विधायक जनता के मुद्दे सदन में नहीं उठा पाएगा। विधानसभा के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जूली ने बताया कि डॉ. सुभाष गर्ग के स्थगन प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया के तौर पर उनके खिलाफ मुख्य सचेतक द्वारा सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया, जिसे आसन द्वारा बिना किसी जांच व सदस्य को बोलने का अवसर दिए बिना विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया। जूली ने सरकारी मुख्य सचेतक के इस कृत्य को लोकतंत्र पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब विधानसभा के नियमों का दुरुपयोग कर प्रतिपक्ष के सदस्यों के कर्तव्य निवर्हन में बाधा उत्पन्न कर रही है।