राजस्थान में मानसून की विदाई, पारा 40 पार

राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू, पारा 40 के पार; इस सीजन 21% कम बारिश

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राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू, पारा 40 के पार; आज बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं, सीजन में 21% तक कम बारिश

 राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई की ओर बढ़ गया है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों से भी पीछे हटने की संभावना है। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर फिर तेज हो गया है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी सामान्य समय के आसपास शुरू हुई है। 19 सितंबर तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून वापस हो चुका था। इसके बाद जैसलमेर, नागौर और सीकर की दिशा में भी मानसून की वापसी आगे बढ़ी। IMD के अनुसार मानसून की विदाई की प्रक्रिया में लगातार शुष्क मौसम, बारिश की गतिविधियों में कमी और निचले वायुमंडल में बदलाव जैसे संकेत देखे जाते हैं।

जैसलमेर में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

मानसून की विदाई के साथ ही पश्चिमी राजस्थान में गर्मी ने फिर जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां लगातार दूसरे दिन तापमान 40 डिग्री के पार रहा। वहीं बाड़मेर में अधिकतम तापमान करीब 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन का तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है।

आज अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क

22 सितंबर को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार प्रदेश में व्यापक बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। जयपुर संभाग में धूप के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक बादल रहने की संभावना है।

पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत ज्यादा गर्म और शुष्क रहने की संभावना है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर क्षेत्र में मानसून की वापसी का असर साफ दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने तथा तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है।

राजस्थान में सामान्य से कम बारिश

इस मानसून सीजन में राजस्थान में बारिश सामान्य से कम रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में मौसमी बारिश की कमी करीब 21 से 40 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है। यह कमी पूरे राज्य में एक जैसी नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का वितरण अलग रहा है।

देश के स्तर पर भी 19 सितंबर तक मौसमी बारिश सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी। IMD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 19 सितंबर तक देश में करीब 695.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश करीब 817 मिलीमीटर के आसपास होती है।

किसानों के लिए मानसून की विदाई अहम

मानसून की वापसी का असर खेती पर भी पड़ सकता है। खरीफ फसलों के अंतिम चरण में मिट्टी में नमी महत्वपूर्ण होती है, जबकि रबी की बुवाई की तैयारी भी आने वाले समय में शुरू होगी। ऐसे में जिन इलाकों में बारिश की कमी रही है, वहां किसान मौसम और मिट्टी में उपलब्ध नमी के अनुसार आगे की कृषि गतिविधियों की योजना बनाएंगे।

राजस्थान में मानसून की विदाई का सिलसिला अभी जारी है। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार मानसून की वापसी चरणबद्ध तरीके से होती है और इसके लिए लगातार कई दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी तथा वातावरण में नमी घटने जैसे संकेतों का आकलन किया जाता है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

आने वाले चार-पांच दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने की संभावना है। कुछ दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हिस्सों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के आसार हैं। वहीं पश्चिमी राजस्थान में तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असर और महसूस हो सकता है।

 राजस्थान में मानसून अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। पश्चिमी जिलों से बारिश का दौर लगभग थम गया है, तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने लगा है और प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस बार कम बारिश के कारण मानसून सीजन सामान्य से नीचे रहा है, जबकि अब मौसम धीरे-धीरे गर्म और शुष्क होने की दिशा में बढ़ रहा है। 

GOLDEN HIND DESK