नई दिल्ली: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में एक हाई-लेवल रणनीतिक बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित राज्य और केंद्र स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक को आगामी पंचायत चुनाव और संगठनात्मक पुनर्गठन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
पंचायत चुनावों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, बैठक में राजस्थान में होने वाले पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने, टिकट वितरण की नीति और संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर फीडबैक लेगा। कांग्रेस का फोकस ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर रहेगा।
संगठनात्मक बदलावों की संभावना
बैठक में प्रदेश कांग्रेस संगठन में संभावित बदलावों पर भी विचार किया जाएगा। जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति, निष्क्रिय इकाइयों की समीक्षा और युवा व महिला नेताओं को आगे लाने जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद संगठन में कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
भाजपा सरकार पर हमले की रणनीति
कांग्रेस नेता भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को घेरने के लिए साझा रणनीति बनाने पर भी चर्चा करेंगे। महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसान मुद्दों को लेकर आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है।
गुटबाजी पर भी नजर
दिल्ली बैठक को राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी हाईकमान चाहता है कि सभी नेता एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरें और आपसी मतभेदों को दरकिनार कर संगठन को मजबूत करें।
बैठक के बाद बड़ा संदेश संभव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के बाद राजस्थान कांग्रेस की आगे की दिशा साफ हो जाएगी। आने वाले दिनों में या तो संगठनात्मक बदलावों की घोषणा होगी या फिर चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत की जा सकती है।