राजस्थान : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आधिकारिक तौर पर इस दौरे को विकास परियोजनाओं और केंद्र सरकार से जुड़े मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर भी सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
विकास परियोजनाओं पर केंद्र से बातचीत
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। इन बैठकों में राजस्थान से जुड़ी बड़ी विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी परिवहन, जल आपूर्ति और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार कुछ अहम योजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त सहयोग और मंजूरी चाहती है।
बजट सत्र से पहले अहम दौरा
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और जल्द ही राज्य का बजट पेश किया जाना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों का असर आगामी बजट और विकास योजनाओं की घोषणाओं पर भी दिखाई दे सकता है।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें
दिल्ली दौरे के साथ ही राजस्थान की राजनीति में कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं। सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों और मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर फीडबैक दिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे संभावित मंत्रिमंडल विस्तार या बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
संगठनात्मक मामलों पर भी चर्चा संभव
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि संगठनात्मक दृष्टि से भी अहम है। दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के दौरान राज्य संगठन, आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज को लेकर भी मंथन हो सकता है।
विपक्ष की नजर
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे पर विपक्ष भी नजर बनाए हुए है। विपक्षी दलों का कहना है कि यदि कैबिनेट में बदलाव होता है तो यह सरकार की आंतरिक असंतुष्टि को दर्शाएगा। वहीं, सरकार समर्थक इसे प्रशासनिक मजबूती और बेहतर समन्वय की दिशा में कदम बता रहे हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा राजस्थान की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। जहां एक ओर विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र से बातचीत की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर सियासी हलचल बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस दौरे के राजनीतिक संकेत और स्पष्ट हो सकते हैं।