जयपुर: प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma सहित भारतीय जनता पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का उपयोग कर रहे हैं। भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने तथा प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में सक्रियता दिखाई दे रही है।
हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कई कार्यक्रमों में इलेक्ट्रिक वाहन से यात्रा करते नजर आए। मुख्यमंत्री के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ग्रीन इंडिया” और “सस्टेनेबल डेवलपमेंट” विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी इलेक्ट्रिक स्कूटर और ई-कारों के उपयोग को लेकर उत्साह बढ़ा है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ी जागरूकता
देशभर में बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का बेहतर विकल्प माना जा रहा है। केंद्र सरकार पहले ही EV सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी लगातार स्वदेशी तकनीक, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने पर जोर देते रहे हैं।
राजस्थान सरकार भी राज्य में EV नीति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने, इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी और सार्वजनिक परिवहन में ई-बसों के उपयोग को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं में भी बढ़ा EV का चलन
भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब पार्टी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी बल्कि ईंधन खर्च में भी बड़ी बचत होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के मुद्दों को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि संगठन स्तर पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल की बचत पर भी जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और अनावश्यक खर्च कम करने पर भी जोर दिया था। बताया जा रहा है कि सरकारी स्तर पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि स्वयं इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करेंगे तो आम जनता में भी इसके प्रति भरोसा बढ़ेगा। इससे प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
युवाओं में बढ़ रहा EV का क्रेज
राजस्थान में युवाओं के बीच भी इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कम खर्च, आसान मेंटेनेंस और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण EV अब नई पीढ़ी की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जैसे नेताओं की पहल के बाद अब राजस्थान में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले समय में राज्य में EV सेक्टर के और तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।