थाने में धक्का-मुक्की का VIDEO वायरल: वकीलों का रातभर धरना

“151 में बंद कर दूंगा” विवाद बढ़ा: कुड़ी भगतासनी थाने पर RAC तैनात, SHO के निलंबन की मांग तेज

PHOTO-2025-12-02-11-32-49

जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई धक्का-मुक्की और तीखी बहस का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है। वायरल वीडियो में SHO को वकीलों से कहते हुए सुना गया— “वकील है तो क्या हुआ, अभी 151 में बंद कर दूंगा… सारी वकालत निकल जाएगी।” इस बयान ने पूरे वकील समाज में नाराज़गी बढ़ा दी है।


घटना के बाद वकीलों का रातभर धरना

सोमवार देर रात हुई झड़प के बाद वकील पूरे रात थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। SHO के निलंबन की मांग को लेकर सैकड़ों वकील जमा हो गए।
ADCP (पश्चिम) रोशन मीणा ने पूरी रात समझाइश की, लेकिन वकील मांग पर अड़े रहे। SHO के सस्पेंशन पर देर रात सहमति की बात सामने आई, लेकिन औपचारिक घोषणा नहीं हुई।


पुलिस कमिश्नर का बयान

रात 1:15 बजे पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने वीडियो संदेश जारी कर कहा—

  • किसी भी वकील को BNSS की धारा 170 में गिरफ्तार नहीं किया गया।

  • घटना की जांच ADCP (पश्चिम) को सौंपी गई है।

  • रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


कैसे शुरू हुआ विवाद?

एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ और एक महिला वकील दुष्कर्म पीड़िता की गिरफ्तारी की मांग लेकर थाने पहुंचे थे।
आरोप है—

  • थाने में बिना वर्दी पुलिसकर्मी बयान ले रहा था, वकीलों ने इसका विरोध किया।

  • SHO ने वीडियो बनाने से रोकते हुए वकीलों से अभद्र भाषा में बातचीत की।

  • इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और “151 में बंद कर दूंगा” जैसी धमकी भी दी गई।


आज हाईकोर्ट और सभी अदालतों में कार्य बहिष्कार

इस विवाद के बाद स्थिति गंभीर हो गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर ने आपात बैठक कर घोषणा की है कि—

2 दिसंबर 2025 को
राजस्थान हाईकोर्ट
और
सभी अधीनस्थ न्यायालयों
में वकील न्यायिक कार्य से स्वैच्छिक बहिष्कार करेंगे।

बैठक की अध्यक्षता

  • एडवोकेट्स एसोसिएशन अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया,

  • लॉयर्स एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद पुरोहित
    ने की।

दोनों संगठनों ने थाने में अधिवक्ताओं से मारपीट और दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की।


RAC तैनात – तनाव बरकरार

विवाद बढ़ने के बाद कुड़ी भगतासनी थाने पर RAC तैनात कर दी गई है।
एसएचओ के निलंबन की मांग को लेकर वकील आज भी आंदोलन पर अड़े हुए हैं।