जयपुर/चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में अवैध हथियारो की तस्करी के खिलाफ गंगरार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर चार पिस्टल व आठ मैगजीन जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी चित्तौड़गढ़ से बीकानेर जाने वाली बस में हथियार ले जाते पकड़े गये। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों ने पिस्टल 35 से 45 हजार में एमपी के खण्डवा से खरीद कर स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए लाना बताया है।
पुलिस ने चलाया है अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान
एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ धरपकड़ कार्रवाई के लिए एएसपी सरिता सिंह व डीएसपी गंगरार प्रभूलाल कुमावत के निर्देशन एवं थानाधिकारी गंगरार फूलचन्द टेलर के नेतृत्व में एएसआई बलवन्त सिह व रमेश चन्द्र, हैड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, दिनेश, रिधिकरण, भरत कुमार व रोहिताश्व के साथ थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि चित्तौड़गढ़ से बीकानेर जाने वाली स्लीपर बस में कुछ व्यक्ति हथियार लेकर जा रहे हैं। सूचना पर टोल नाका के पास स्लीपर बस को रोका गया। जिसमे मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के तीन व्यक्तियों, पंजाब के अमृतसर जिले के कमोके थाना व्यास निवासी 27 वर्षीय गुलाबसिह पुत्र सुखदेव सिह, गुरदासपुर जिले के रगणनगल थाना अचल निवासी 20 वर्षीय अनमोलप्रीत सिह पुत्र बलजीत सिह व अमृतसर जिले के थाना महेता चौक निवासी 20 वर्षीय साहीब जंगरूप सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह की तलाशी ली गई।
तलाशी में इनके पास मिले बैग से चार अवैध पिस्टल एवं आठ मैगजीन मिली। अवैध हथियारों को जब्त कर चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक पूछताछ मे सामने आया कि गुलाब सिंह के विरूद्व हत्या, मारपीट एवं साहिब जगरूपसिह के विरूद्व एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज है। आरोपियों ने स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए इंदौर के पास खण्डवा से 30 बोर की एक पिस्टल 45 हजार में तथा 32 बोर की तीन पिस्टल 35-35 हजार में खरीदकर गांव ले जाना बताया। आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोक्त के सम्बन्ध मे अनुसंधान जारी है। Report: Sandeep Agarwal
आपराधिक गिरोह के हैं सदस्य, स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए MP से खरीदे हथियार
Chittorgarh Police की बड़ी कार्रवाई; पंजाब के तीन हथियार तस्कर गिरफ्तार,चार पिस्टल मय 8 मैगजीन बरामद
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी राजस्थान के किसानों की मजबूत ढाल, 62.58 लाख किसानों को मिला सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बनी राजस्थान के किसानों की मजबूत ढाल, 62.58 लाख किसानों को मिला सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम, ओलावृष्टि, सूखा, कीट एवं बीमारियों से होने वाले फसल नुकसान के बीच यह योजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। राज्य सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में राजस्थान देश का ऐसा राज्य बना है, जहां सबसे अधिक 62 लाख 58 हजार किसानों को इस योजना के तहत जोड़ा गया है। साथ ही एक करोड़ हेक्टेयर से अधिक फसली क्षेत्र का बीमा कर राष्ट्रीय स्तर पर भी पहला स्थान हासिल किया गया है।
सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना और खेती को अधिक सुरक्षित बनाना है। इसी लक्ष्य के तहत राज्य में व्यापक स्तर पर योजना का क्रियान्वयन किया गया है।
एक करोड़ हेक्टेयर से अधिक फसली क्षेत्र हुआ बीमितवर्ष 2025-26 में राजस्थान के लगभग 2 करोड़ 82 लाख हेक्टेयर सकल फसली क्षेत्र में से एक करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किया गया। यह देश में सबसे अधिक बीमित क्षेत्र है।
राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश के कुल फसली क्षेत्र का 36 प्रतिशत हिस्सा बीमा सुरक्षा के दायरे में है, जबकि राष्ट्रीय औसत 32 प्रतिशत है। इस प्रकार राजस्थान राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। बीमित क्षेत्र के प्रतिशत के आधार पर राजस्थान झारखंड और छत्तीसगढ़ के बाद देश में अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।
चूरू, बाड़मेर और बीकानेर में सबसे अधिक कवरेजप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक बीमित क्षेत्र चूरू जिले में दर्ज किया गया, जहां 13.35 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का बीमा हुआ।
इसके बाद बाड़मेर में 11.48 लाख हेक्टेयर तथा बीकानेर में 9.27 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बीमा योजना के दायरे में आया।
यदि बीमा कवरेज प्रतिशत की बात करें तो चूरू में कुल फसली क्षेत्र का 77 प्रतिशत, बाड़मेर में 69 प्रतिशत और नागौर में 47 प्रतिशत क्षेत्र योजना के अंतर्गत बीमित किया गया। सरकार का मानना है कि इन जिलों में किसानों की बढ़ती भागीदारी योजना के प्रति विश्वास को दर्शाती है।
पांच वर्षों में 18,189 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतानराज्य सरकार के अनुसार पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत 5 करोड़ 21 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र का बीमा किया गया।
इस अवधि में किसानों ने 4,650 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम जमा कराया, जो देश में सबसे अधिक बताया गया है।
इसी दौरान राज्य में 18 करोड़ 81 लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए गए और पात्र किसानों को 18,189 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया। सरकार का कहना है कि यह राशि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता साबित हुई है।
दो वर्षों में जारी हुईं 7.53 करोड़ से अधिक पॉलिसियांवर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान खरीफ और रबी दोनों सीजन को मिलाकर लगभग 7 करोड़ 53 लाख से अधिक फसल बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। इन पॉलिसियों का कुल बीमित मूल्य लगभग एक लाख करोड़ रुपये बताया गया है।
इसी अवधि में बीमा दावों के तहत किसानों को 4,498 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। राज्य सरकार का कहना है कि इससे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिली।
प्राकृतिक आपदाओं से मिल रही आर्थिक सुरक्षाराजस्थान में मौसम की अनिश्चितता, सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक जोखिम किसानों के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर रही है।
सरकार का कहना है कि बीमा कवरेज मिलने से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक राहत मिलती है, जिससे वे अगली फसल की तैयारी बिना अधिक वित्तीय दबाव के कर सकते हैं। इससे खेती में जोखिम कम होता है और किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना?प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों, बीमारियों और प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
इस योजना के तहत किसानों से कम प्रीमियम लिया जाता है, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र और राज्य सरकारें करती हैं। यदि बीमित फसल को निर्धारित कारणों से नुकसान होता है तो पात्र किसानों को बीमा कंपनी के माध्यम से दावा राशि का भुगतान किया जाता है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान अधिसूचित फसलों का बीमा निर्धारित समय सीमा के भीतर करा सकते हैं। बीमा के बाद यदि प्राकृतिक कारणों से फसल प्रभावित होती है, तो नियमानुसार सर्वे और आकलन के आधार पर दावा राशि जारी की जाती है।
किसानों की सुरक्षा पर सरकार का जोरराज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल बीमा योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय को सुरक्षित रखने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार लगातार अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने, बीमा कवरेज बढ़ाने और दावा भुगतान प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
प्रदेश में बढ़ते बीमा कवरेज, बड़ी संख्या में लाभान्वित किसानों और हजारों करोड़ रुपये के दावा भुगतान के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राजस्थान के लाखों अन्नदाताओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरी है।
राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 25 हजार लीटर वॉश नष्ट, कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 25 हजार लीटर वॉश नष्ट, कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
जयपुर, 5 अगस्त। राजस्थान में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने राज्यव्यापी अभियान के तहत व्यापक कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के कई जिलों में नाकाबंदी, गश्त और छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध शराब, वॉश (शराब बनाने का कच्चा घोल) और अवैध भट्टियों को नष्ट किया गया। अभियान के दौरान कई मामलों में अभियोग दर्ज किए गए तथा आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया।
आबकारी विभाग ने बताया कि प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। इसी के तहत अन्य राज्यों से शराब की तस्करी, अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभागीय टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और नियमित रूप से दबिश देने के निर्देश दिए गए हैं।
जयपुर ग्रामीण में सबसे बड़ी कार्रवाईअभियान के दौरान जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में आबकारी विभाग ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए चाकसू क्षेत्र के ग्राम माधोगढ़, तुंगा, बगरियां, नारायण बाबा की ढाणी और ढूंढ नदी क्षेत्र में छापेमारी की। यहां से 25 हजार लीटर वॉश नष्ट किया गया। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल हो रही 15 अवैध भट्टियों और उपकरणों को भी ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान 70 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की गई।
विभाग का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब निर्माण की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष योजना बनाकर यह कार्रवाई की गई।
चित्तौड़गढ़ में शराब और वॉश जब्तचित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा और बेगूं क्षेत्र में आबकारी निरोधक दल ने छापेमारी कर 1,000 लीटर वॉश नष्ट किया तथा 15 लीटर अवैध हथकड़ शराब बरामद की। इसके साथ ही बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल से 62 पव्वे अवैध हथकड़ शराब जब्त की गई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
बीकानेर जोन में कई स्थानों पर दबिशबीकानेर जोन में होटलों, ढाबों और संदिग्ध स्थानों पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बीकानेर शहर, श्रीगंगानगर, संगरिया, नोहर, चूरू, रायसिंहनगर और सूरतगढ़ में कार्रवाई की गई। आबकारी प्रवर्तन दल (EPF) ने यहां 1,800 लीटर वॉश, 5 अवैध भट्टियां, 27 बीयर की बोतलें, 54 पव्वे देशी शराब और 34 लीटर हथकड़ शराब जब्त की। कार्रवाई के दौरान 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
ब्यावर, केकड़ी और कोटा में भी कार्रवाईकेकड़ी में छापेमारी के दौरान 200 लीटर वॉश नष्ट कर 2 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।
वहीं ब्यावर आबकारी थाना क्षेत्र में ईपीएफ टीम ने 400 लीटर वॉश, 3 पुरानी भट्टियां और 6 बोतल अवैध हथकड़ शराब बरामद कर नष्ट की।
कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 700 लीटर वॉश और 2 अवैध भट्टियां नष्ट की गईं। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया गया।
जोधपुर, झुंझुनूं और पाली में जब्तीजोधपुर शहर, ग्रामीण, पश्चिम और सरदारपुरा क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई के दौरान 58 बीयर कैन, 87 पव्वे देशी शराब, 19 पव्वे आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) और 4 लीटर हथकड़ शराब जब्त की गई।
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र से 576 पव्वे अवैध शराब बरामद की गई।
पाली शहर में भी संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
किशनगढ़ रेलवे स्टेशन पर हरियाणा निर्मित बीयर बरामदअजमेर जिले के किशनगढ़ रेलवे स्टेशन पर की गई कार्रवाई के दौरान हरियाणा निर्मित बडवाइजर (Budweiser) बीयर के 24 कैन बरामद किए गए। इस मामले में भी आबकारी विभाग ने संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरे प्रदेश में जारी रहेगा अभियानआबकारी विभाग के अनुसार यह अभियान केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के सभी जिलों में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और आबकारी निरोधक दल लगातार नाकाबंदी, गश्त और छापेमारी कर रहे हैं।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जाए। विभाग का लक्ष्य न केवल अवैध शराब की जब्ती करना है, बल्कि इसके निर्माण और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना भी है।
विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की सूचना मिले तो उसकी जानकारी तुरंत आबकारी विभाग या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। विभाग का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
राजस्थान की पांचों बिजली कंपनियों में 2005 पदों पर भर्ती, जूनियर इंजीनियर समेत इन पदों के लिए करें आवेदन
राजस्थान विद्युत निगम भर्ती 2026: पांचों बिजली कंपनियों में 2005 पदों पर सीधी भर्ती, 25 अगस्त तक करें आवेदन
राजस्थान के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर सामने आया है। राज्य की पांचों विद्युत निगमों में विभिन्न संवर्गों के कुल 2005 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPNL) तथा जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL, AVVNL, JDVVNL) में अभियंता संवर्ग और मंत्रालयिक संवर्ग के पदों पर भर्ती की जाएगी।
योग्य अभ्यर्थी इन पदों के लिए 5 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
2005 पदों पर होगी भर्तीविद्युत निगमों की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 2005 पदों में—
कनिष्ठ अभियन्ता (Junior Engineer) के 869 पद
कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant) के 371 पद
कनिष्ठ सहायक/वाणिज्यिक सहायक-द्वितीय के 765 पद
शामिल हैं।
इन पदों पर नियुक्ति के लिए योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
पांचों बिजली कंपनियों की वेबसाइट पर आवेदन सुविधाअभ्यर्थी विद्युत निगमों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हो गई है और अंतिम तिथि 25 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
भर्ती से जुड़ी जानकारी और आवेदन के लिए अभ्यर्थी निम्न वेबसाइटों पर विजिट कर सकते हैं—
energy.rajasthan.gov.in
RVUNL वेबसाइट
RVPNL वेबसाइट
JVVNL वेबसाइट
JDVVNL वेबसाइट
AVVNL वेबसाइट
ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा से होगा चयनविद्युत निगमों में इन पदों पर चयन के लिए ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
कनिष्ठ सहायक और वाणिज्यिक सहायक-द्वितीय पदों के लिए ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की टंकण परीक्षा (Typing Test) भी आयोजित की जाएगी।
भर्ती विज्ञापन में दी गई पूरी जानकारीराजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की ओर से जारी विस्तृत भर्ती विज्ञापन में पदों का श्रेणीवार आरक्षण, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, आवेदन प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया सहित सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले भर्ती विज्ञापन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें और अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के बाद ही आवेदन करें।
युवाओं के लिए रोजगार का अवसरराजस्थान सरकार की पांचों विद्युत निगमों में होने वाली यह भर्ती प्रदेश के तकनीकी और गैर-तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण अवसर है। कनिष्ठ अभियंता पदों के माध्यम से इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा, वहीं कनिष्ठ लेखाकार और कनिष्ठ सहायक पदों से मंत्रालयिक क्षेत्र के अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
हेल्पलाइन नंबर भी जारीभर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी विद्युत निगमों द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9414056655 पर संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन सुविधा सभी कार्यदिवसों में उपलब्ध रहेगी।
विद्युत निगमों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। 25 अगस्त 2026 के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
16 अगस्त को अलवर आएंगे अमित शाह, सरस डेयरी में नए संयंत्र के शिलान्यास की तैयारियां तेज Short Headline
अमित शाह का 16 अगस्त को अलवर दौरा प्रस्तावित, सरस डेयरी में नए संयंत्र के शिलान्यास की तैयारियां तेज
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 16 अगस्त को प्रस्तावित अलवर दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को अलवर स्थित सरस डेयरी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का सफल और व्यवस्थित आयोजन हो सके।
सरस डेयरी में नए संयंत्र का होगा शिलान्यासप्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अलवर स्थित सरस डेयरी में 3 लाख लीटर क्षमता वाले नए डेयरी संयंत्र का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी उनके प्रस्तावित कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।
राज्य सरकार के अनुसार यह परियोजना डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशसमीक्षा बैठक के दौरान वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यक समन्वय बनाए रखा जाए।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोरराज्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।
इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उचित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने और ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकसअमित शाह के प्रस्तावित दौरे के दौरान डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ अन्य विकास कार्यों का भी शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
15 अगस्त से ग्रामीण राजस्थान में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान शुरू होगा
राजस्थान में 15 अगस्त से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में होगी सख्त कार्रवाई
राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 15 अगस्त से राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के लिए जनजागरूकता और प्रवर्तन गतिविधियां चलाई जाएंगी। इसके साथ ही 30 सितंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक नियंत्रण संबंधी नई नीति का मसौदा तैयार किया जाएगा।
यह निर्णय मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने की, जबकि पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतराबैठक में मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से परिणामोन्मुख कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल प्रतिबंध पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता और वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।
30 सितंबर तक तैयार होगी नई नीतिमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 30 सितंबर तक विस्तृत नीति का मसौदा तैयार किया जाए। यह नीति भविष्य में प्लास्टिक के उपयोग को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना का आधार बनेगी।
सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम किया जा सके और टिकाऊ विकल्प अपनाए जा सकें।
15 अगस्त से चलेगा विशेष अभियानराज्य सरकार के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से सभी ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों, पंचायती राज संस्थाओं और संबंधित विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि जनसहभागिता के माध्यम से इसे जनआंदोलन का रूप देना भी है। सरकार चाहती है कि गांव स्तर पर नागरिक स्वयं प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नियमों के तहत होगी सख्त कार्रवाईनई नीति लागू होने तक वर्तमान नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग के खिलाफ नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रतिबंध का पालन पूरी तरह हो सके।
सरकारी कार्यालय होंगे प्लास्टिक मुक्तबैठक में सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालय स्वयं प्लास्टिक मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाकर समाज के लिए उदाहरण बनें। इससे आमजन को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश मिलेगा।
जनजागरूकता पर रहेगा विशेष जोरराज्य सरकार ने माना है कि प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी आवश्यक है।
इस उद्देश्य से ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
साथ ही नागरिकों को कपड़े के थैले, जूट बैग और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कई विभागों की होगी भागीदारीबैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग तथा यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर अभियान को प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
राजस्थान सरकार का मानना है कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ यह राज्यव्यापी अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यदि सरकारी एजेंसियों के साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो ग्रामीण राजस्थान को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में उल्लेखनीय सफलता मिल सकती है।