जयपुर/चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ में अवैध हथियारो की तस्करी के खिलाफ गंगरार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर चार पिस्टल व आठ मैगजीन जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी चित्तौड़गढ़ से बीकानेर जाने वाली बस में हथियार ले जाते पकड़े गये। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपियों ने पिस्टल 35 से 45 हजार में एमपी के खण्डवा से खरीद कर स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए लाना बताया है।
पुलिस ने चलाया है अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान
एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ धरपकड़ कार्रवाई के लिए एएसपी सरिता सिंह व डीएसपी गंगरार प्रभूलाल कुमावत के निर्देशन एवं थानाधिकारी गंगरार फूलचन्द टेलर के नेतृत्व में एएसआई बलवन्त सिह व रमेश चन्द्र, हैड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, कांस्टेबल प्रदीप कुमार, दिनेश, रिधिकरण, भरत कुमार व रोहिताश्व के साथ थाना क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि चित्तौड़गढ़ से बीकानेर जाने वाली स्लीपर बस में कुछ व्यक्ति हथियार लेकर जा रहे हैं। सूचना पर टोल नाका के पास स्लीपर बस को रोका गया। जिसमे मुखबिर द्वारा बताये हुलिये के तीन व्यक्तियों, पंजाब के अमृतसर जिले के कमोके थाना व्यास निवासी 27 वर्षीय गुलाबसिह पुत्र सुखदेव सिह, गुरदासपुर जिले के रगणनगल थाना अचल निवासी 20 वर्षीय अनमोलप्रीत सिह पुत्र बलजीत सिह व अमृतसर जिले के थाना महेता चौक निवासी 20 वर्षीय साहीब जंगरूप सिंह पुत्र विक्रमजीत सिंह की तलाशी ली गई।
तलाशी में इनके पास मिले बैग से चार अवैध पिस्टल एवं आठ मैगजीन मिली। अवैध हथियारों को जब्त कर चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक पूछताछ मे सामने आया कि गुलाब सिंह के विरूद्व हत्या, मारपीट एवं साहिब जगरूपसिह के विरूद्व एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज है। आरोपियों ने स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए इंदौर के पास खण्डवा से 30 बोर की एक पिस्टल 45 हजार में तथा 32 बोर की तीन पिस्टल 35-35 हजार में खरीदकर गांव ले जाना बताया। आरोपियों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोक्त के सम्बन्ध मे अनुसंधान जारी है। Report: Sandeep Agarwal
आपराधिक गिरोह के हैं सदस्य, स्वयं की सुरक्षा व बेचने के लिए MP से खरीदे हथियार
Chittorgarh Police की बड़ी कार्रवाई; पंजाब के तीन हथियार तस्कर गिरफ्तार,चार पिस्टल मय 8 मैगजीन बरामद
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जयपुर में SI पुनः परीक्षा-2021 शांतिपूर्वक संपन्न, दोनों पारियों में 66% से अधिक उपस्थिति
जयपुर में SI पुनः परीक्षा-2021 शांतिपूर्वक संपन्न, दोनों पारियों में 66% से अधिक रही उपस्थिति
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 (गृह विभाग) रविवार को जयपुर जिले में निर्धारित 187 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक हुई।
68,662 अभ्यर्थी थे निर्धारितजिला कलक्टर संदेश नायक ने परीक्षा के दौरान जयपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले में परीक्षा के लिए कुल 68,662 अभ्यर्थी निर्धारित थे।
पहली पारी में 45,930 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 22,732 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह पहली पारी में 66.89 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
वहीं दूसरी पारी में 45,514 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 23,148 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में कुल 66.29 प्रतिशत उपस्थिति रही।
187 परीक्षा केंद्रों पर किए गए व्यापक इंतजामजिला कलक्टर ने बताया कि परीक्षा के सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जयपुर जिले में कुल 187 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया।
गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 62 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई थी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर निगरानी एवं व्यवस्थाओं के लिए 32 सतर्कता दलों का गठन किया गया।
इन सतर्कता दलों में प्रशासनिक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था, ताकि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
कलेक्ट्रेट में स्थापित रहा नियंत्रण कक्षपरीक्षा समन्वयक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष जिला कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या 116 में स्थापित किया गया था। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई।
उन्होंने बताया कि परीक्षा से जुड़ी आवश्यक सूचनाओं और व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष परीक्षा समाप्त होने तक संचालित रहा।
शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई परीक्षाजयपुर जिले में दोनों पारियों की परीक्षा निर्धारित समय पर आयोजित हुई। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीय सामग्री की सुरक्षित पहुंच, निगरानी और समन्वय के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। दोनों पारियों में 66 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
SI पुनः परीक्षा-2021 सफलतापूर्ण संपन्न, पहली पारी में 69.58% और दूसरी में 69.03 % रही उपस्थिति
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार, 20 सितंबर 2026 को उप निरीक्षक (एसआई) और प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा के लिए कुल 2,18,114 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
कंट्रोल रूम से रखी गई नजर
परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। आयोग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह और सचिव आशुतोष गुप्ता ने पूरे समय आयोग मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से परीक्षा की सीधी मॉनिटरिंग की। इस दौरान वे सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस महकमे के साथ निरंतर समन्वय बनाए रहे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
दो पारियों में हुई परीक्षा
आयोग द्वारा यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। प्रथम पारी सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें 'सामान्य हिन्दी' का प्रश्न पत्र हुआ। वहीं, दूसरी पारी दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक 'सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान' विषय के लिए आयोजित की गई। प्रातःकालीन पारी (सामान्य हिन्दी) में 69.58 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि दोपहर की पारी (सामान्य ज्ञान एवं विज्ञान) में उपस्थिति का आंकड़ा 69.03 प्रतिशत रहा।
11 जिलों में बनाए गए थे 666 परीक्षा केंद्र
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। इनमें राजधानी जयपुर के अलावा अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर जिले शामिल थे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच के कड़े इंतजाम किए गए थे।
आयोग अध्यक्ष ने जताया आभार
परीक्षा के सफल आयोजन पश्चात, आयोग अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह ने परीक्षा के समयबद्ध आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए निर्वाचन आयुक्त का विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, उन्होंने सभी 11 जिलों के जिला कलक्टरों और परीक्षा कार्य में लगे तमाम पुलिस एवं प्रशासनिक कार्मिकों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
GST विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, 159.95 लाख की संभावित कर देनदारी
जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: 7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, करीब 160 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई
70.59 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि, अनियमित ITC, बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग और स्टॉक में गड़बड़ियों पर कार्रवाई
राजस्थान में जीएसटी राजस्व में अनियमितताओं और कर अपवंचना के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को प्रदेश के विभिन्न जिलों में करदाताओं के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 7 प्रतिष्ठानों में प्रथम दृष्टया करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है।
कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं ने कुल 70.59 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई है। विभागीय अधिकारियों ने कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक संबंधी कागजात और अन्य अभिलेख भी जब्त किए हैं। सभी मामलों में विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कर देनदारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर अपवंचना और फर्जी बिलिंग के खिलाफ विशेष अभियानवाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जीएसटी राजस्व में होने वाली अनियमितताओं पर निगरानी रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के उपयोग, बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने और बिना बिल के कारोबार जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण में अलग-अलग कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्टॉक, टर्नओवर, खरीद-बिक्री, आईटीसी और टैक्स संबंधी रिकॉर्ड की जांच की गई। कई मामलों में मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया।
विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित करदाताओं से स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त हुई है। हालांकि, इन मामलों में अंतिम कर देनदारी का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद ही किया जाएगा।
1. जयपुर: प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के यहां ITC की जांचजयपुर स्थित प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लॉक क्रेडिट एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिवर्सल से संबंधित मामलों की जांच के लिए निरीक्षण कार्रवाई की गई।
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया करीब 21.60 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता की ओर से कुल 4.74 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। इसमें 1 लाख रुपए आईटीसी के रूप में और 3.74 लाख रुपए नकद राशि शामिल है।
अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठान की पुस्तकों, खरीद बिलों और अन्य व्यावसायिक अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2. अजमेर: Arsh Fashion Couture LLP में स्टॉक की अनियमितताअजमेर स्थित M/s Arsh Fashion Couture LLP के यहां टेक्सटाइल कारोबार से संबंधित स्टॉक और टर्नओवर में संभावित अनियमितताओं की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया। इसमें घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। विभागीय अधिकारियों ने मौके से लूज पेपर, रजिस्टर, नोटबुक और अन्य संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
इस मामले में प्रथम दृष्टया करीब 15 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर राशि जमा कराई है।
विभाग अब जब्त किए गए दस्तावेजों और कारोबारी रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है, ताकि वास्तविक स्टॉक, टर्नओवर और कर देनदारी की स्थिति स्पष्ट हो सके।
3. डीडवाना-कुचामन: बिना उचित बिल खरीद-बिक्री की जांचबोरावड़, डीडवाना-कुचामन स्थित M/s Vinod Kumar Agarwal के प्रतिष्ठान पर भी विभागीय कार्रवाई की गई। यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा और मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका के आधार पर सर्वे किया गया।
अधिकारियों ने बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री तथा कर देनदारी के समायोजन से संबंधित तथ्यों की जांच की। इस दौरान कारोबार से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
मामले में करीब 7 से 8 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता की ओर से 6.50 लाख रुपए नकद जमा कराए गए हैं।
विभाग द्वारा इस मामले में भी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही वास्तविक कर देनदारी का निर्धारण किया जाएगा।
4. केकड़ी: Vijay Manufacturing Industries में टर्नओवर की जांचकेकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर और बेड आदि के निर्माण से जुड़े कारोबार की जांच की गई।
विभाग को प्रतिष्ठान में कम कैश रेशियो और टर्नओवर छिपाने की आशंका के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके आधार पर सर्वे कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक और व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया।
इस मामले में करदाता की ओर से 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक राशि जमा कराई गई है। विभाग अब कारोबार से संबंधित दस्तावेजों, स्टॉक और लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
5. किशनगढ़: Ranka Tiles में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद की जांचकिशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द किए जा चुके जीएसटी पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद और उससे संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट की जांच की गई।
विभागीय कार्रवाई के दौरान करीब 15.85 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता ने 8.45 लाख रुपए नकद जमा कराए हैं।
अधिकारियों द्वारा सप्लायर्स के जीएसटी पंजीयन, खरीद संबंधी दस्तावेजों और आईटीसी के दावों की जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावे जीएसटी नियमों के अनुरूप थे या नहीं।
6. हनुमानगढ़: Jeet Trailers में ITC अनियमितताओं की पड़तालहनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers के यहां ट्रेलर निर्माण इकाई में खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई।
विभागीय अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 100 प्रतिशत आईटीसी के उपयोग से जुड़े तथ्यों की भी जांच शुरू की है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार किया गया और प्रतिष्ठान से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की गई।
इस मामले में करदाता की ओर से 25 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। विभाग द्वारा खरीद, आईटीसी दावों और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है।
जांच पूरी होने के बाद ही मामले में वास्तविक कर देनदारी और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
7. कोटा: Gulab Traders में बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस का मामलाकोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी किए जाने से संबंधित मामले में कार्रवाई की गई।
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए, जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं होने की आशंका जताई गई है। इस मामले में करीब 40 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है।
फिलहाल इस प्रतिष्ठान की ओर से कोई स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त नहीं हुई है। विभाग द्वारा टैक्स इनवॉइस, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और वास्तविक माल की आपूर्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दस्तावेजों और ITC रिकॉर्ड की जांच जारीवाणिज्यिक कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी 7 मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री के अभिलेखों, स्टॉक, इनपुट टैक्स क्रेडिट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।
सर्वे के दौरान सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। हालांकि, वास्तविक कर देनदारी का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।
विभाग यह भी जांच करेगा कि संबंधित करदाताओं द्वारा लिए गए आईटीसी दावे नियमों के अनुरूप थे या नहीं और क्या कारोबार में टैक्स इनवॉइस तथा खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किए गए हैं।
CGST और RGST एक्ट के तहत होगी आगे की कार्रवाईविभाग के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच में कर अपवंचना, गलत आईटीसी का दावा या अन्य जीएसटी अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार कर, ब्याज, जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जीएसटी राजस्व में पारदर्शिता पर जोरवाणिज्यिक कर विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग कारोबार में होने वाली कर संबंधी अनियमितताओं पर निगरानी बढ़ा रहा है। बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग, गलत आईटीसी दावे और स्टॉक में गड़बड़ियों की जांच के जरिए जीएसटी राजस्व की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
18 सितंबर को की गई इस कार्रवाई में 7 प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों में प्रारंभिक स्तर पर करीब 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आने की जानकारी दी गई है। वहीं, 70.59 लाख रुपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि प्राप्त हुई है।
आने वाले दिनों में विस्तृत जांच के परिणामों के आधार पर इन मामलों में वास्तविक कर देनदारी और विभागीय कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।
SI पुनः परीक्षा 2021 की तैयारियों की समीक्षा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दिए जरूरी निर्देश
SI भर्ती 2021 पुनः परीक्षा की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक, 2.18 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित होने वाली उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। परीक्षा का आयोजन 20 सितंबर 2026 को प्रदेश के 11 जिला मुख्यालयों पर निर्धारित 666 परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और पारदर्शी आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, उनके वितरण और निर्धारित समय की पालना को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
20 सितंबर को दो पारियों में होगी परीक्षाउप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन 20 सितंबर को दो पारियों में किया जाएगा। पहली पारी में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य हिन्दी का पेपर होगा। वहीं दूसरी पारी में दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा आयोजित होगी।
इस परीक्षा के लिए कुल 2,18,131 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से परीक्षा केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
11 जिलों में बनाए गए 666 परीक्षा केन्द्रपुनः परीक्षा के आयोजन के लिए राजस्थान के 11 जिला मुख्यालयों का चयन किया गया है। इनमें अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर शामिल हैं।
इन सभी जिला मुख्यालयों पर कुल 666 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
प्रश्न पत्र की सुरक्षा और समयपालन पर विशेष जोरसमीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और निर्देशों की पूरी तरह पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रश्न पत्रों के सुरक्षित रखरखाव और परीक्षा केन्द्रों तक उनके वितरण की प्रक्रिया में निर्धारित समयसीमा का पालन करने पर जोर दिया। परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने परीक्षा आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं में आपसी समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता भी बताई, ताकि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
नकल और अनुचित साधनों पर रोक के लिए सतर्कता दलबैठक में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल और नकल की रोकथाम के लिए पर्याप्त सतर्कता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संख्या में सतर्कता दलों का गठन करने के निर्देश दिए। इन दलों के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और निर्धारित नियमों की पालना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए अतिरिक्त परिवहन व्यवस्थाबड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने के कारण उनके आवागमन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा केन्द्रों तक समय पर पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को परिवहन संबंधी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
परीक्षा के दोनों सत्रों के समय को ध्यान में रखते हुए परिवहन और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं में समन्वय बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देशपरीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
परीक्षा केन्द्रों पर बिजली व्यवस्था में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिजली आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी समय रहते पूरा करने पर जोर दिया गया।
पारदर्शिता और समन्वय पर जोरसमीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए पारदर्शिता, समयबद्धता और आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी विभाग और अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्वहन करें। परीक्षा केन्द्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और राजस्थान लोक सेवा आयोग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया भागसमीक्षा बैठक में शासन सचिव, कार्मिक विभाग सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में महानिदेशक पुलिस, महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, पुलिस आयुक्त जयपुर, अतिरिक्त महानिदेशक एसओजी, पुलिस आयुक्त जोधपुर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर के जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।
2.18 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए व्यापक तैयारीउप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 में 2,18,131 अभ्यर्थियों के पंजीकृत होने के कारण परीक्षा का आयोजन प्रशासन के लिए बड़े स्तर की जिम्मेदारी है। 11 जिलों में 666 परीक्षा केन्द्रों पर एक साथ परीक्षा आयोजित की जाएगी।
दो अलग-अलग पारियों में होने वाली परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने, प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, केन्द्रों पर निगरानी, बिजली आपूर्ति, परिवहन और कानून-व्यवस्था जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्य सरकार और संबंधित विभागों की ओर से अधिकारियों को परीक्षा के दौरान आयोग के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा का पूरा शेड्यूल विवरण जानकारी परीक्षा उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 परीक्षा तिथि 20 सितंबर 2026 कुल पंजीकृत अभ्यर्थी 2,18,131 कुल परीक्षा केन्द्र 666 जिला मुख्यालय 11 पहली पारी सुबह 10:00 से दोपहर 12:00 बजे विषय सामान्य हिन्दी दूसरी पारी दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे विषय सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान आयोजन संस्था राजस्थान लोक सेवा आयोगकुल मिलाकर, उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 के सफल आयोजन के लिए राज्य स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की गई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को सुरक्षा, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, नकल रोकने, परिवहन, बिजली आपूर्ति और कानून-व्यवस्था से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। 20 सितंबर को 11 जिला मुख्यालयों के 666 केन्द्रों पर 2.18 लाख से अधिक अभ्यर्थी दो पारियों में परीक्षा देंगे।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से इंडियन ऑयल चेयरमैन की शिष्टाचार भेंट, पेट्रोलियम क्षेत्र पर चर्चा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी की शिष्टाचार भेंट, राजस्थान में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा
राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास से शुक्रवार को जयपुर स्थित सचिवालय में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के चेयरमैन श्री अरविंदर सिंह साहनी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राजस्थान में इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों तथा कंपनी के संचालन से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच बेहतर समन्वय, कंपनी की गतिविधियों के सुचारू संचालन तथा विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश में इंडियन ऑयल के कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं, कंपनी के चेयरमैन ने भी राज्य सरकार के साथ मिलकर गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सचिवालय में हुई महत्वपूर्ण मुलाकातइंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने 18 सितंबर को राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से सचिवालय में मुलाकात की। यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के रूप में हुई, जिसमें पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
इंडियन ऑयल देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों में शामिल है। कंपनी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, ईंधन वितरण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में कार्यरत है। राजस्थान में भी कंपनी की गतिविधियां पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।
बैठक के दौरान राज्य में कंपनी के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। हालांकि, आधिकारिक जानकारी में किसी नई परियोजना, निवेश राशि या किसी विशेष समझौते की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है।
राजस्थान में इंडियन ऑयल की गतिविधियों पर विचार-विमर्शमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी के बीच हुई चर्चा में राजस्थान में कंपनी के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।
बैठक में पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों के साथ-साथ राज्य में इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी के कामकाज को सुचारू बनाए रखने और राज्य सरकार के साथ बेहतर तालमेल के संबंध में भी चर्चा की गई।
राजस्थान जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य में ऊर्जा और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता का विषय महत्वपूर्ण है। उद्योग, परिवहन, कृषि और अन्य क्षेत्रों की आवश्यकताओं के लिए ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में सरकारी विभागों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के बीच समन्वय का अपना महत्व है।
हालांकि, इस शिष्टाचार भेंट के दौरान किन विशिष्ट परियोजनाओं या योजनाओं पर आगे कार्रवाई की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति में साझा नहीं की गई है।
राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासनबैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में इंडियन ऑयल के संचालन और कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने प्रदेश में कंपनी की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही। इससे राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच प्रशासनिक स्तर पर बेहतर तालमेल बनाए रखने की प्रतिबद्धता सामने आई।
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच समन्वय से विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। विशेष रूप से पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र में प्रशासनिक सहयोग, आवश्यक अनुमतियों और विभागीय तालमेल का महत्व रहता है।
मुख्य सचिव की ओर से दिए गए सहयोग के आश्वासन का उद्देश्य राज्य में इंडियन ऑयल की गतिविधियों के संचालन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक समन्वय बनाए रखना है।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन ने भी जताई प्रतिबद्धताइंडियन ऑयल के चेयरमैन श्री अरविंदर सिंह साहनी ने भी राजस्थान सरकार के साथ सहयोग और समन्वय के माध्यम से कंपनी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की भावना व्यक्त की। इससे प्रदेश में इंडियन ऑयल के संचालन से जुड़े कार्यों में आपसी सहयोग को महत्व दिए जाने का संकेत मिलता है।
इंडियन ऑयल की विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए राज्य के संबंधित विभागों के साथ तालमेल आवश्यक होता है। ऐसे में उच्चस्तरीय अधिकारियों के बीच होने वाली बैठकों के माध्यम से संचालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और आपसी संवाद का अवसर मिलता है।
हालांकि, बैठक के दौरान किसी नई योजना की शुरुआत, निवेश की घोषणा या परियोजना के लिए समयसीमा तय किए जाने की सूचना जारी नहीं की गई है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थितमुख्य सचिव और इंडियन ऑयल के चेयरमैन के बीच हुई इस बैठक में राजस्थान सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त, खान एवं पेट्रोलियम विभाग की विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती नम्रता वृष्णी तथा वित्त (कर) विभाग के विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डीडेल सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों की मौजूदगी में राज्य में कंपनी की गतिविधियों और पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी के संचालन से जुड़े विषयों पर प्रशासनिक समन्वय को महत्व दिया गया। हालांकि, आधिकारिक विज्ञप्ति में प्रत्येक अधिकारी की ओर से दिए गए सुझावों या चर्चा के विस्तृत बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र में समन्वय का महत्वराजस्थान में पेट्रोलियम और ऊर्जा क्षेत्र का राज्य की आर्थिक गतिविधियों से सीधा संबंध है। परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों, कृषि और व्यापार के लिए ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संबंधित कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इंडियन ऑयल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और वितरण से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में से एक है। राज्य में कंपनी की गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक सहयोग और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की आवश्यकता होती है।
मुख्य सचिव और इंडियन ऑयल के चेयरमैन के बीच हुई मुलाकात में इसी तरह के विषयों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन और कंपनी की ओर से समन्वय के साथ काम करने की प्रतिबद्धता इस बैठक के प्रमुख बिंदु रहे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के विकास और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों में सरकारी संस्थाओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण बना हुआ है।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई बैठकमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी के बीच हुई शिष्टाचार भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।
बैठक में राजस्थान में इंडियन ऑयल के संचालन, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषयों और कंपनी की विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कंपनी के कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया, जबकि इंडियन ऑयल के चेयरमैन ने राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार और इंडियन ऑयल के बीच संवाद एवं समन्वय को बनाए रखना रहा। बैठक में किसी नई परियोजना या बड़े निवेश की घोषणा नहीं की गई।