जयपुर
राजस्थान में राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य रक्तदान शिविरों ने रक्तदान के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक विभिन्न जिलों में कुल 894 रक्तदान शिविरों में 44,705 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिससे हजारों लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
सबसे अधिक रक्त संग्रहण कोटा संभाग में
कोटा संभाग में सबसे अधिक 16,161 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। अन्य संभागों और जिलों का विवरण इस प्रकार है:
-
जयपुर संभाग: 10,461 यूनिट
-
भरतपुर: 2,171 यूनिट
-
बीकानेर: 5,777 यूनिट
-
जोधपुर: 3,660 यूनिट
-
अजमेर: 3,326 यूनिट
-
उदयपुर संभाग: 3,149 यूनिट
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की पहल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों में ये रक्तदान शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।
रक्तदान का सामाजिक महत्व
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि रक्तदान एक पुण्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा कार्य है। रक्तदान शिविरों से आपदा या दुर्घटना के समय संकट में पड़े व्यक्ति का जीवन बचाने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से रक्तदान करने और दूसरों को प्रेरित करने की अपील की।
रक्तदाताओं ने न केवल आपदा में जीवन बचाने का कार्य किया, बल्कि समाज में दूसरों के लिए प्रेरणा का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।