बुल्डोजर लेकर पहुँची टीम

चोमू: कुछ दिन पहले पुलिस पर हुई थी पत्थरबाजी, आज प्रशासन बुल्डोजर लेकर पहुँचा

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चोमू (जयपुर) : जयपुर जिले के चोमू कस्बे में कुछ दिन पहले पुलिस पर हुई पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आज इलाके में बुल्डोजर कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ प्रशासन के कड़े संदेश के रूप में देखी जा रही है।

घटना के बाद से ही चोमू क्षेत्र प्रशासन और पुलिस के रडार पर था। पुलिस पर हुए पथराव में कई जवान घायल हुए थे, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।

क्या थी पूरी घटना

कुछ दिन पहले प्रशासन द्वारा सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम का विरोध किया और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस पर पत्थर फेंके गए। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज और अतिरिक्त बल का सहारा लेना पड़ा।

आज क्यों चला बुल्डोजर

पुलिस पर हमले के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया था कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उसी क्रम में आज चोमू में अवैध अतिक्रमण और नियमों के खिलाफ बने ढांचों पर बुल्डोजर कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस दिए जा चुके थे।

भारी पुलिस बल तैनात

बुल्डोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

प्रशासन का सख्त संदेश

प्रशासन का कहना है कि पुलिस पर हमला और सरकारी काम में बाधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

स्थानीय प्रतिक्रिया

इलाके के कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण और उपद्रव के कारण आम जनता को परेशानी हो रही थी। वहीं कुछ लोग इसे कठोर कदम बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है।