राइजिंग राजस्थान को लेकर सियासी पारा हाई हो चुका है। राइजिंग राजस्थान को लाइजिंग राजस्थान कहने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बीच शायराना जंग छिड़ गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राइजिंग राजस्थान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने शायराना अंदाज में भाजपा सरकार पर तंज कसा। जूली ने कहा तराजू नहीं है इनके पास, मेरा सच तोलने को, सवाल उठा रहे हैं वो, जो खुद आदतन हैं झूठ बोलने को। जिस पर पलटवार करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा तराजू हाथ में लेकर खुद बेकसूर बन बैठे
पर इतिहास उठाकर देख लो, कितने कसूर कर बैठे। राठौड़ ने जूली पर निशाना साधते हुए कहा आपने जमीन हथियाने का जो आरोप लगाया है तो आप यह खुलास करें कि कितनी फर्जी कंपनियों ने जमीन हथिया ली? इसकी सूची जारी करें ! महज आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती, हिम्मत है तो प्रमाण पेश करें।
टीकाराम जूली ने राठौड़ पर शायराना अंदाज में कसा तंज
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा मैंने राइजिंग राजस्थान को लेकर सामने आ रहे सच पर सवाल क्या उठाए, भाजपा के तमाम विधायक, मंत्री और पूर्व मंत्री तक सरकार के बचाव में उतर आए। सबकी भाषा भी एक जैसी है जिसे देखकर लगता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने शायद उन्हें आदेश दिया है कि वो जनता को गुमराह करें। जुली ने कहा राजेंद्र राठौड़ आप तो स्वयं नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। मुझे अब तक विश्वास था कि आप इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारियों से भली-भांति परिचित हैं, लेकिन अब प्रतीत होता है कि आप भी अपनी राह से भटक गए हैं और प्रदेशवासियों को गुमराह करने में जुट गए हैं। आप और मुख्यमंत्री दोनों ने "राइजिंग राजस्थान" को "लाइजिंग राजस्थान" बना दिया उसमे आपने 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की बात कही। मैंने सदन में स्पष्ट रूप से पूछा था कि ये 35 लाख करोड़ के एमओयू किन-किन निवेशकों के साथ हुए हैं ? यह जानकारी प्रदेश की जनता के समक्ष सार्वजनिक की जाए, लेकिन आप ने इसे छुपाया और मुख्यमंत्री कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। जूली ने कहा राजेंद्र राठौड़ वैसे आप नाराज मत होइए, आंकड़ों के साथ खिलवाड़ करना भाजपा का पुराना नाता है। वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार ने अपने पिछले 15 माह के कार्यकाल में धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं किया है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने साधा टीकाराम जूली ने निशाना
वहीं टीकाराम जूली पर पलटवार करते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली मैं स्वयं नेता प्रतिपक्ष रहा हूं और मैंने इस पद की गरिमा और जिम्मेदारी को बखूबी समझा है लेकिन कांग्रेस की तरह विधानसभा में सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद कभी नहीं रहा। मैंने मेरे कार्यकाल के अंदर कभी भी सामाजिक सम्मान जैसे 'दादी' शब्द को लेकर सदन में गतिरोध उत्पन्न करने जैसी घटना को अंजाम नहीं दिया था। राठौड़ ने कहा राइजिंग राजस्थान को लाइजिंग राजस्थान बनाने के आपके आरोपों को मैंने पढ़ा। अच्छा रहता कि आप 35 लाख करोड़ के एमओयू में से किन-किन एमओयू में तथाकथित लाइजिंग हुई है उसका तर्कसंगत व सत्यता के साथ खुलासा करते। हवा में बातें उछालने से सच्चाई नहीं बदलती। आप नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे हैं, इस पद की मर्यादा का भी ध्यान रखें। आपके कार्यकाल में निवेशक फोन तक उठाने को तैयार नहीं थे इसलिए पिछली कांग्रेस सरकार में इन्वेस्ट समिट के 12.5 लाख करोड़ के एमओयू में से मात्र 2 प्रतिशत ही धरातल पर उतर सके जबकि भाजपा सरकार के राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट ने निवेशकों का विश्वास बहाल किया जिसकी बदौलत बड़े-बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर आ रहे हैं, हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है लेकिन हैरानी है कि आपको बेचैनी हो रही है।राठौड़ ने कहा आप झूठ और भ्रम की राजनीति से बाहर आइए और राजस्थान के विकास में साझा भागीदार बनिए। नहीं तो जनता का फैसला 2028 में भी वैसा ही रहेगा जैसा 2023 में था।