राज-उन्नति बैठक में CM के सख्त निर्देश 9वीं राज-उन्नति बैठक में CM भजनलाल के निर्देश, गांव-गरीब और किसानों को विकास के केंद्र में रखने पर जोर
Friday, 25 Sep 2026 00:00 am

Golden Hind News

9वीं राज-उन्नति बैठक: गांव, गरीब और किसानों को विकास योजनाओं के केंद्र में रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित 9वीं राज-उन्नति बैठक में प्रदेश में करीब 15 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, युवा, महिलाएं और किसान राज्य सरकार की विकास योजनाओं के केंद्र में हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक निर्धारित समय पर पहुंचना चाहिए। सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों से बाहर निकलकर मौके पर जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण करने और योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की स्वीकृति, टेंडर और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी होनी चाहिए। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।

नवंबर 2026 तक पूरे हों अटल प्रगति पथ के शेष कार्य

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे अटल प्रगति पथ की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 के सभी शेष कार्य और वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के जारी कार्य नवंबर 2026 तक पूरे किए जाएं।

उन्होंने वर्ष 2026-27 के दूसरे चरण के सभी निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए जिलेवार समय सीमा निर्धारित की जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाए।

अटल प्रगति पथ बनने से 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों और क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर 12,500 करोड़ रुपए का निवेश

मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।

प्रदेश के 41 जिलों के 65,308 सरकारी स्कूलों का तकनीकी सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। सर्वेक्षण में 3,587 जर्जर स्कूल भवनों और करीब 71,078 कक्षाओं में सुधार की जरूरत सामने आई है। इसके अलावा बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की आवश्यकता भी चिन्हित की गई है।

राज्य सरकार की ओर से स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। पिछले दो वर्षों में स्कूलों में सुविधाओं के विकास के लिए 3,364 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर अब तक करीब 1,220 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

इसके अलावा करीब 2,500 करोड़ रुपए की लागत के 5,000 कार्य प्रगति पर हैं। 652 नए स्कूल भवनों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। जनजातीय क्षेत्रों में स्वीकृत 82 कार्यों में से 80 कार्य प्रगति पर हैं।

पंचायत मुख्यालयों पर बनेंगे अटल ज्ञान केंद्र

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की।

उन्होंने पंचायती राज विभाग को प्रथम चरण के शेष कार्य जल्द पूरा करने और दूसरे चरण में प्रस्तावित अटल ज्ञान केंद्रों के लिए जल्द स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए।

पहले चरण में 2,052 अटल ज्ञान केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 628 केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। बाकी केंद्रों पर काम जारी है। दूसरे चरण में 3,000 अटल ज्ञान केंद्र बनाए जाने हैं, जिनमें से 1,000 केंद्रों के लिए स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

इन केंद्रों पर पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इन्हें ग्रामीण युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों के पोषण पर भी सरकार का फोकस

बैठक में पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत विद्यार्थियों को नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराया जाए और दूध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को सभी जिलों में मिल्क पाउडर की शत-प्रतिशत उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा, पशुपालन और वित्त विभाग को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया, ताकि मिल्क पाउडर की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आए।

इस योजना से प्रदेश में करीब 46 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के लिए करीब 800 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

VB-G RAM G योजना में 3.29 करोड़ मानव दिवस रोजगार

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने VB-G RAM G योजना के तहत रोजगार और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक जरूरतमंद पात्र परिवार को योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए और मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाए।

बैठक में बताया गया कि जुलाई से अब तक योजना के तहत 3.29 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को समय पर रोजगार और भुगतान उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्के मकान का लक्ष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार वर्ष 2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में निर्माणाधीन सभी आवासों को दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाए और लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर किया जाए। वर्ष 2026-27 के लिए आवंटित लक्ष्यों की स्वीकृति भी जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए।

वन भूमि पर निवास कर रहे भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि और आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों की 8.97 लाख से अधिक शिकायतों का निस्तारण

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त नागरिक शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 21 सितंबर 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों से 8,97,808 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 8,68,425 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।

कुल शिकायतों में करीब 3.27 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। पेयजल से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता देने के साथ लगातार निगरानी करने को कहा गया।

कृषि और पशुपालन विभाग से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इन विभागों में शिकायतों के निस्तारण की लगातार समीक्षा करने को कहा।

भारतपुर, बीकानेर और अजमेर में बनेंगे राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी

बैठक में भारतपुर, बीकानेर और अजमेर के तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी RIT के रूप में विकसित करने की योजना की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को विधानसभा में RIT की स्थापना से जुड़े विधेयक पेश करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधि विभाग की सहमति जल्द लेने को कहा।

इन तीनों संस्थानों की स्थापना पर राज्य सरकार की ओर से करीब 300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वित्त विभाग को आवश्यक वित्तीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रदेश में छह नए ट्रॉमा सेंटरों की प्रगति की समीक्षा

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश में बनाए जा रहे छह नए ट्रॉमा सेंटरों की प्रगति भी बैठक में समीक्षा के दायरे में रही।

मुख्यमंत्री ने कोलाना, बांदीकुई और प्रतापगढ़ के डालोट स्थित ट्रॉमा सेंटर का काम 31 मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। पाली के देसूरी में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण मार्च 2028 तक पूरा करने को कहा गया।

जयपुर स्थित RUHS के ट्रॉमा सेंटर के अपग्रेडेशन का कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। पाली के सांडेराव में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण शुरू करने के लिए जल्द कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि दूदू का ट्रॉमा सेंटर पहले ही पूरा हो चुका है।

SMART योजना के तहत 10 योजनाएं दिसंबर तक प्लेटफॉर्म पर

मुख्यमंत्री ने Service Management with Artificial Intelligence and Real-Time System (SMART) योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, पालनहार छात्रवृत्ति, स्वयं सहायता समूहों को ऋण, लाडो प्रोत्साहन योजना, गार्गी पुरस्कार और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित 10 प्रमुख योजनाओं को 10 दिसंबर तक SMART प्लेटफॉर्म पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को योजनाओं के नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि SMART योजना के तहत अब तक करीब 2.70 लाख लोग छह सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।

जिला विकास कार्यों को दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत वर्ष 2025-26 और 2026-27 के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कार्यों को 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरा किया जाए।

उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े सभी कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कराने पर जोर दिया।

आमजन को राहत देना सरकार की प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने बीकानेर जिले के लूणकरनसर उप जिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामले तथा धौलपुर जिले के कटेलपुरा गांव में स्कूल जाने वाली मुख्य सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या के संबंध में शिकायतकर्ताओं से बातचीत की।

शिकायतकर्ताओं ने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि आमजन को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लिया हिस्सा

9वीं राज-उन्नति बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और संबंधित विभागों के सचिव, संभागीय आयुक्त तथा जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी आमजन तक पहुंचेगा, जब योजनाओं की स्वीकृति से लेकर निर्माण और क्रियान्वयन तक प्रत्येक स्तर पर समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।