
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सेवानिवृत्त एवं सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। विभाग की ओर से लंबित पेंशन प्रकरणों और उनसे संबंधित आपत्तियों के निस्तारण के लिए आज, 23 सितंबर 2026 को पेंशन अदालत आयोजित की जा रही है। पेंशन अदालत का आयोजन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशालय में किया जाएगा। विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को लंबित प्रकरणों से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित पेंशन प्रकरणों की समीक्षा के उद्देश्य से पेंशन अदालत आयोजित की जा रही है। इस दौरान लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली जाएगी और जहां दस्तावेजों या अन्य औपचारिकताओं की कमी है, उन्हें पूरा कराने की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार पेंशन अदालत का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक पेंशन प्रकरणों से जुड़े आवश्यक अभिलेखों के साथ मौजूद रहेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की पूरी जानकारी और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि समीक्षा के दौरान किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
पेंशन अदालत में लंबित प्रकरणों के साथ-साथ विभिन्न मामलों में दर्ज आपत्तियों की भी समीक्षा की जाएगी। यदि किसी पेंशन प्रकरण में दस्तावेज अधूरे हैं या किसी प्रकार की आपत्ति के कारण मामला लंबित है तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित पेंशन प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों एवं आपत्तियों की पूर्ति कर प्रकरणों को पूर्ण रखा जाए। इसका उद्देश्य यह है कि पेंशन मामलों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जा सके और पात्र कार्मिकों को अपने पेंशन संबंधी लाभ के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े।
विभाग की ओर से अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि पेंशन प्रकरणों से संबंधित सभी जरूरी अभिलेखों को व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रखा जाए। इससे पेंशन अदालत में मामलों की समीक्षा के दौरान आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी और प्रकरणों में आगे की कार्रवाई तेजी से की जा सकेगी।
पेंशन अदालत में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके माध्यम से आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारी और कार्मिक ऑनलाइन माध्यम से पेंशन प्रकरणों की समीक्षा प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों के लिए भी पेंशन अदालत की प्रक्रिया में शामिल होना आसान होगा। इससे विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की जानकारी साझा करने और आवश्यक निर्देशों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेंशन मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन कर्मचारियों की नियमित आर्थिक जरूरतों से जुड़ी होती है। ऐसे में पेंशन प्रकरणों में दस्तावेजी कमी, आपत्तियों या विभागीय स्तर पर लंबित कार्रवाई के कारण होने वाली देरी को दूर करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि सेवानिवृत्त एवं सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों से संबंधित पेंशन प्रकरणों का समय पर निस्तारण किया जाए। पेंशन मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और संबंधित कार्मिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पेंशन अदालत में विभाग से संबंधित विभिन्न लंबित पेंशन प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में दस्तावेज पूरे हैं, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए देखा जाएगा। वहीं जिन मामलों में किसी प्रकार की कमी या आपत्ति है, उन्हें दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।
पेंशन अदालत का मुख्य उद्देश्य केवल लंबित मामलों की समीक्षा करना ही नहीं, बल्कि उन कारणों की पहचान करना भी है जिनकी वजह से प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता और विभागीय स्तर पर लंबित कार्रवाई को पूरा कर मामलों को निस्तारित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
विभाग की इस पहल से लंबित पेंशन प्रकरणों को गति मिलने की उम्मीद है। पेंशन से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई होने से सेवानिवृत्त कार्मिकों को विभागीय स्तर पर बार-बार संपर्क करने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही दस्तावेजों और आपत्तियों से जुड़े मामलों को एक साथ समीक्षा के लिए लेने से निस्तारण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को पेंशन प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का फोकस ऐसे मामलों को जल्द से जल्द पूरा करने पर है, ताकि पात्र कार्मिकों को उनके पेंशन संबंधी अधिकारों का लाभ समय पर मिल सके।
कुल मिलाकर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 23 सितंबर को आयोजित की जा रही पेंशन अदालत लंबित पेंशन प्रकरणों और आपत्तियों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल है। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होने वाली इस अदालत में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी भाग लेने की व्यवस्था की गई है। विभाग का लक्ष्य पेंशन मामलों का समयबद्ध निस्तारण कर सेवानिवृत्त एवं सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को राहत प्रदान करना है।