
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 (गृह विभाग) रविवार को जयपुर जिले में निर्धारित 187 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक हुई।
जिला कलक्टर संदेश नायक ने परीक्षा के दौरान जयपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले में परीक्षा के लिए कुल 68,662 अभ्यर्थी निर्धारित थे।
पहली पारी में 45,930 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 22,732 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह पहली पारी में 66.89 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
वहीं दूसरी पारी में 45,514 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 23,148 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में कुल 66.29 प्रतिशत उपस्थिति रही।
जिला कलक्टर ने बताया कि परीक्षा के सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जयपुर जिले में कुल 187 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया।
गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए 62 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई थी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर निगरानी एवं व्यवस्थाओं के लिए 32 सतर्कता दलों का गठन किया गया।
इन सतर्कता दलों में प्रशासनिक, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था, ताकि परीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
परीक्षा समन्वयक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष जिला कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या 116 में स्थापित किया गया था। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई।
उन्होंने बताया कि परीक्षा से जुड़ी आवश्यक सूचनाओं और व्यवस्थाओं के समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष परीक्षा समाप्त होने तक संचालित रहा।
जयपुर जिले में दोनों पारियों की परीक्षा निर्धारित समय पर आयोजित हुई। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीय सामग्री की सुरक्षित पहुंच, निगरानी और समन्वय के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। दोनों पारियों में 66 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।