राजस्थान पर्यटन में नया रिकॉर्ड: 10.93 करोड़ पर्यटक पहुंचे राजस्थान पर्यटन में नया रिकॉर्ड: जून 2026 तक पहुंचे 10.93 करोड़ से अधिक पर्यटक
Wednesday, 02 Sep 2026 00:00 am

Golden Hind News

राजस्थान में पर्यटन का नया युग: रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े और ऐतिहासिक विस्तार

 जिसे अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भव्य महलों, ऐतिहासिक किलों और जीवंत लोक कला के लिए जाना जाता है, वर्तमान में पर्यटन क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति का साक्षी बन रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को केवल एक सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखकर इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय स्वरोजगार का मुख्य इंजन बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। सरकार की यह सोच अब धरातल पर रंग ला रही है, जिसका सीधा प्रमाण वर्ष 2026 के मध्य तक सामने आए पर्यटकों के ऐतिहासिक आंकड़े हैं।

पर्यटकों की रिकॉर्ड आवक: आंकड़ों की ज़बानी

राजस्थान में पर्यटकों का आगमन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2026 में केवल जून माह तक ही प्रदेश में 10.93 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हो चुका है। इनमें 10.85 करोड़ घरेलू (देशी) और 8.45 लाख अंतरराष्ट्रीय (विदेशी) पर्यटक शामिल हैं।

यह वृद्धि अचानक नहीं हुई है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों से लगातार जारी सुविचारित प्रयासों का परिणाम है:

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजस्थान न केवल भारत के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और बजटीय प्रावधान: ₹5,000 करोड़ का मास्टर प्लान

पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने पर्यटकों के अनुभव को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आधारभूत ढांचे (Infra Structure) को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है। 'राजस्थान टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड कैपेसिटी बिल्डिंग' योजना के अंतर्गत ₹5,000 करोड़ से अधिक के कार्यों का प्रावधान किया गया है।

इस भारी-भरकम बजट का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जा रहा है:

  1. पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण: ऐतिहासिक स्मारकों, किलों, और झीलों के आसपास की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना।

  2. ब्रांडिंग और मार्केटिंग: राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर राजस्थान की विविधतापूर्ण संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना।

  3. कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स: प्रमुख पर्यटन परिपथों (Tourism Circuits) में सड़कों, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं में सुधार।

दूरगामी नीतियां: निवेश, फिल्म और पर्यटन को बढ़ावा

पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर कई दूरगामी नीतियां लागू की गई हैं:

वैश्विक ब्रांडिंग और भव्य आयोजन

राज्य सरकार ने राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकाने के लिए कई मेगा आयोजनों की मेजबानी की है:

पर्यटन के नए आयाम: संस्कृति, स्वाद और उत्सव

राज्य सरकार का विशेष ध्यान राजस्थान की विविध पहचान को पर्यटन के साथ एकीकृत करने पर है:

पर्यटन का आयाम प्रमुख पहल एवं गतिविधियां
सांस्कृतिक उत्सव प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर पहली बार भव्य घूमर फेस्टिवल-2025 आयोजित हुआ।
राजस्थानी खान-पान जैसलमेर मरु महोत्सव एवं राजस्थान दिवस के अवसर पर राजस्थानी फूड फेस्टिवल आयोजित हुआ। नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में राजस्थानी भोजन कियोस्क शुरू किया गया।
हस्तशिल्प और स्वरोजगार यूनेस्को इंडिया के सहयोग से 214 लोक कलाकारों और हस्तशिल्पियों को स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
हेरिटेज संरक्षण राज्य में 81 पुरानी हवेलियों और ऐतिहासिक संपत्तियों को आधिकारिक हेरिटेज प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

 

विरासत संरक्षण: संग्रहालय, बावड़ियां और पैनोरमा

राजस्थान की प्राचीन विरासत को सहेजने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की देखरेख में कई संरक्षण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं:

  1. बावड़ियों का जीर्णोद्धार: जयपुर की ऐतिहासिक धूलारावजी बावड़ी और जमवारामगढ़ की बोरा की बावड़ी के संरक्षण पर ₹1.30 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

  2. राजकीय संग्रहालयों का उन्नयन: अजमेर के राजकीय संग्रहालय एवं किले के संरक्षण पर ₹5 करोड़ के कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा जैसलमेर, जोधपुर, मंडोर, आहड़ (उदयपुर), भरतपुर, माउंट आबू, अलवर, चित्तौड़गढ़ और बीकानेर के 9 प्रमुख संग्रहालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

  3. पैनोरमा निर्माण: प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक हस्तियों की स्मृति में 7 नए पैनोरमा बनाए जा रहे हैं:

    • श्री महावीर जी पैनोरमा (करौली)

    • जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज पैनोरमा (अजमेर)

    • करमा बाई पैनोरमा (डीडवाना-कुचामन)

    • भामाशाह पैनोरमा (चित्तौड़गढ़)

    • राव चन्द्रसेन पैनोरमा (जोधपुर)

    • गोकुला जाट पैनोरमा (भरतपुर)

    • जैसलमेर पैनोरमा

धार्मिक पर्यटन और वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा

धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने और बुजुर्गों के सम्मान के लिए देवस्थान विभाग के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं:

पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान

पर्यटकों, विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है:

निष्कर्ष

राजस्थान में पर्यटन केवल घूमने-फिरने का साधन नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नई नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश, सुरक्षा व्यवस्था और विरासत संरक्षण के एकीकृत प्रयासों ने राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले वर्षों में पर्यटन, कला, संस्कृति और स्थानीय रोजगार का यह अद्भुत मेल राजस्थान की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।