
जिसे अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भव्य महलों, ऐतिहासिक किलों और जीवंत लोक कला के लिए जाना जाता है, वर्तमान में पर्यटन क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति का साक्षी बन रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन को केवल एक सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखकर इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय स्वरोजगार का मुख्य इंजन बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। सरकार की यह सोच अब धरातल पर रंग ला रही है, जिसका सीधा प्रमाण वर्ष 2026 के मध्य तक सामने आए पर्यटकों के ऐतिहासिक आंकड़े हैं।
राजस्थान में पर्यटकों का आगमन लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2026 में केवल जून माह तक ही प्रदेश में 10.93 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हो चुका है। इनमें 10.85 करोड़ घरेलू (देशी) और 8.45 लाख अंतरराष्ट्रीय (विदेशी) पर्यटक शामिल हैं।
यह वृद्धि अचानक नहीं हुई है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों से लगातार जारी सुविचारित प्रयासों का परिणाम है:
वर्ष 2023: प्रदेश में कुल 17 करोड़ 90 लाख देशी तथा 17 लाख विदेशी पर्यटक आए।
वर्ष 2025: पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिसमें 25 करोड़ 25 लाख देशी और 19 लाख 45 हजार विदेशी पर्यटकों ने राजस्थान का भ्रमण किया।
वर्ष 2024 का प्रदर्शन: घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की कुल यात्राओं के मामले में राजस्थान पूरे देश में पांचवें स्थान पर रहा।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजस्थान न केवल भारत के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने पर्यटकों के अनुभव को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आधारभूत ढांचे (Infra Structure) को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है। 'राजस्थान टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड कैपेसिटी बिल्डिंग' योजना के अंतर्गत ₹5,000 करोड़ से अधिक के कार्यों का प्रावधान किया गया है।
इस भारी-भरकम बजट का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जा रहा है:
पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण: ऐतिहासिक स्मारकों, किलों, और झीलों के आसपास की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना।
ब्रांडिंग और मार्केटिंग: राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर राजस्थान की विविधतापूर्ण संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना।
कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स: प्रमुख पर्यटन परिपथों (Tourism Circuits) में सड़कों, परिवहन और डिजिटल सुविधाओं में सुधार।
पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर कई दूरगामी नीतियां लागू की गई हैं:
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2024: इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में नई पर्यटन इकाइयों (होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर पार्क आदि) की स्थापना को प्रोत्साहित करना और निजी निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
राजस्थान पर्यटन नीति-2025: इस नीति के माध्यम से पर्यटन विकास को एक व्यापक आधार दिया गया है, जिसमें ग्रामीण, धार्मिक, ईको और एडवेंचर पर्यटन को प्राथमिकता दी गई है।
राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति-2025: राजस्थान लंबे समय से बॉलीवुड और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद रहा है। इस नीति के माध्यम से फिल्म शूटिंग की अनुमति प्रक्रियाओं को सिंगल विंडो सिस्टम से आसान और त्वरित बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप अब तक 108 फिल्मों, वृत्तचित्रों (Documentaries) और टीवी सीरियलों की शूटिंग को मंजूरी दी जा चुकी है।
राज्य सरकार ने राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकाने के लिए कई मेगा आयोजनों की मेजबानी की है:
आईफा (IIFA) अवार्ड्स 2025 (जयपुर): जयपुर में अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार (IIFA) के 25वें संस्करण का आयोजन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। इसने राजस्थान की कला, संस्कृति और सिनेमाई संभावनाओं को दुनिया भर के करोड़ों दर्शकों तक पहुँचाया।
वेड इन इंडिया एक्सपो (Wed in India Expo): प्रधानमंत्री के 'वेड इन इंडिया' के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए जयपुर में पहली बार इस एक्सपो का आयोजन किया गया, जिससे राजस्थान को डेस्टिनेशन वेडिंग के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट और समिट: 2024 और 2025 में जयपुर में आयोजित 'राजस्थान डोमेस्टिक ट्रेवल मार्ट' और 'इंडियन रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म स्टेट समिट' ने घरेलू पर्यटन और टिकाऊ (Sustainable) पर्यटन को बढ़ावा दिया।
राज्य सरकार का विशेष ध्यान राजस्थान की विविध पहचान को पर्यटन के साथ एकीकृत करने पर है:
| पर्यटन का आयाम | प्रमुख पहल एवं गतिविधियां |
|---|---|
| सांस्कृतिक उत्सव | प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर पहली बार भव्य घूमर फेस्टिवल-2025 आयोजित हुआ। |
| राजस्थानी खान-पान | जैसलमेर मरु महोत्सव एवं राजस्थान दिवस के अवसर पर राजस्थानी फूड फेस्टिवल आयोजित हुआ। नई दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में राजस्थानी भोजन कियोस्क शुरू किया गया। |
| हस्तशिल्प और स्वरोजगार | यूनेस्को इंडिया के सहयोग से 214 लोक कलाकारों और हस्तशिल्पियों को स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदान किया गया। |
| हेरिटेज संरक्षण | राज्य में 81 पुरानी हवेलियों और ऐतिहासिक संपत्तियों को आधिकारिक हेरिटेज प्रमाण-पत्र जारी किए गए। |
राजस्थान की प्राचीन विरासत को सहेजने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की देखरेख में कई संरक्षण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं:
बावड़ियों का जीर्णोद्धार: जयपुर की ऐतिहासिक धूलारावजी बावड़ी और जमवारामगढ़ की बोरा की बावड़ी के संरक्षण पर ₹1.30 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
राजकीय संग्रहालयों का उन्नयन: अजमेर के राजकीय संग्रहालय एवं किले के संरक्षण पर ₹5 करोड़ के कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा जैसलमेर, जोधपुर, मंडोर, आहड़ (उदयपुर), भरतपुर, माउंट आबू, अलवर, चित्तौड़गढ़ और बीकानेर के 9 प्रमुख संग्रहालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
पैनोरमा निर्माण: प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक हस्तियों की स्मृति में 7 नए पैनोरमा बनाए जा रहे हैं:
श्री महावीर जी पैनोरमा (करौली)
जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज पैनोरमा (अजमेर)
करमा बाई पैनोरमा (डीडवाना-कुचामन)
भामाशाह पैनोरमा (चित्तौड़गढ़)
राव चन्द्रसेन पैनोरमा (जोधपुर)
गोकुला जाट पैनोरमा (भरतपुर)
जैसलमेर पैनोरमा
धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने और बुजुर्गों के सम्मान के लिए देवस्थान विभाग के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं:
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना: इसके तहत 1,12,000 (1.12 लाख) वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की निशुल्क यात्रा कराई गई। इनमें से 98,777 बुजुर्गों ने ट्रेन से और 12,963 बुजुर्गों ने हवाई जहाज से यात्रा की।
धार्मिक उत्सव और मंदिर विकास: राज्य के राजकीय मंदिरों में धार्मिक आयोजनों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पिछले दो वर्षों में ₹25 करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां प्रदान की गईं। साथ ही, न्यास पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।
पर्यटकों, विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है:
पर्यटक सहायता बल का विशेष अभियान: 15 फरवरी 2024 से शुरू किए गए एक विशेष अभियान के तहत असामाजिक तत्वों और पर्यटकों को परेशान करने वाले 1,583 व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई।
डिजिटल फीडबैक सिस्टम: पर्यटकों के अनुभवों को जानने और सेवाओं में सुधार के लिए फरवरी 2024 से सभी प्रमुख राजकीय स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ऑनलाइन फीडबैक प्रणाली लागू की गई है।
राजस्थान में पर्यटन केवल घूमने-फिरने का साधन नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नई नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश, सुरक्षा व्यवस्था और विरासत संरक्षण के एकीकृत प्रयासों ने राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। आने वाले वर्षों में पर्यटन, कला, संस्कृति और स्थानीय रोजगार का यह अद्भुत मेल राजस्थान की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।