राजसखी पंच गौरव रथ के माध्यम से राजीविका से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैय जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया “राजसखी पंच गौरव रथ” का शुभारंभ
Monday, 17 Aug 2026 00:00 am

Golden Hind News

राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका), जयपुर द्वारा ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा पंच गौरव कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रविवार को “राजसखी पंच गौरव रथ” का शुभारंभ किया गया। एसआईएएम, दुर्गापुरा, जयपुर से आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में जिला कलक्टर जयपुर संदेश नायक(Sandesh Nayak) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद् जयपुर प्रतिभा वर्मा द्वारा फीता काटकर राजसखी पंच गौरव रथ को रवाना किया गया।

राजसखी पंच गौरव रथ के माध्यम से राजीविका से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए

राजसखी पंच गौरव रथ के माध्यम से राजीविका से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार एवं विक्रय किया जाएगा। रथ जयपुर शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर भ्रमण करेगा, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पाद सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय एवं आजीविका के अवसरों में वृद्धि करना तथा स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाना है। साथ ही पंच गौरव कार्यक्रम के माध्यम से जिले के विशिष्ट उत्पादों और स्थानीय विशेषताओं के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

सजावटी एवं उपयोगी वस्तुओं, खाद्य उत्पादों तथा अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया

रथ में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, सजावटी एवं उपयोगी वस्तुओं, खाद्य उत्पादों तथा अन्य स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। जयपुर के विभिन्न स्थानों पर इनके प्रदर्शन एवं बिक्री से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए प्रत्यक्ष बाजार एवं ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान पुष्पेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक–आजीविका; इंदिरा शर्मा, सीएलएफ मैनेजर सहित राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। “राजसखी पंच गौरव रथ” ग्रामीण महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ‘लोकल फॉर वोकल’ और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।