
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता और निर्णय लेने में गति के माध्यम से जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ शासन को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने तथा सरकारी सेवाओं को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सहज रूप से पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को पांचजन्य के सुशासन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पांचजन्य भारत की राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय विचारधारा की सशक्त आवाज रहा है। स्वतंत्र भारत की यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर पांचजन्य ने राष्ट्रीयता के सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होने की प्रेरणा दी है। पांचजन्य के मार्गदर्शक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को एकात्म मानववाद का दर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में पांचजन्य का साप्ताहिक प्रकाशन शुरू हुआ था और इसके शुरुआती दौर में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने संपादक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति, नेतृत्व, ज्ञान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण से लेकर आर्थिक सुधारों तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जन-धन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जबकि जीएसटी जैसे बड़े कर सुधारों ने अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को लेकर पहले से अधिक मजबूत एवं सजग है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के अनुरूप काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि 181 राजस्थान संपर्क अंतिम व्यक्ति की समस्या को सरकार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार जून माह में ही राजस्थान संपर्क के माध्यम से करीब 4 लाख 90 हजार शिकायतों का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के समग्र निस्तारण की दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच दूरी को कम करना तथा नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये की है।
गरीब कल्याण की दिशा में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 1,450 रुपये प्रतिमाह की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 4 लाख 40 हजार से अधिक आवास बनाए जा चुके हैं।
बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से 14 लाख साइकिलें वितरित की गई हैं, जबकि 46 हजार छात्राओं को स्कूटी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को पेपरलीक की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने सत्ता में आने के बाद ही एसआईटी का गठन किया। पेपरलीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि एसआईटी द्वारा अब तक 569 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राज्य सरकार ने करीब 1 लाख 78 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी हैं। वहीं 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। उन्होंने कहा कि युवा अपने सपनों को पंख दें और आगे बढ़ें, राज्य सरकार उनके साथ हर कदम पर खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने के उद्देश्य से ग्राम विकास रथ अभियान संचालित किया गया। इसके माध्यम से प्रदेश की 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
इसी तरह मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-विकसित वार्ड अभियान के माध्यम से गांवों के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। सरकार ने सहकारी समितियों में लगभग 10 लाख नए सदस्यों को जोड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा स्थानीय स्तर पर लोगों की आवश्यकताओं को समझकर विकास की प्राथमिकताएं तय करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में पानी और बिजली की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। पूर्वी राजस्थान के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शेखावाटी क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित यमुना जल समझौते का मार्ग प्रशस्त किया गया है। इसके साथ ही नर्मदा परियोजना, देवास परियोजना और गंग नहर के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आने वाले समय में राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।
राज्य सरकार किसानों को बिजली की सुविधा बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पानी और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता प्रदेश के कृषि, उद्योग और समग्र आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। सरकार इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से राजस्थान को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
पांचजन्य के सुशासन संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, प्रांत सह संघचालक हेमंत सेठिया, भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण गोयल, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री के संबोधन में सुशासन, जनसेवा, युवा रोजगार, महिला एवं किसान सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन और बिजली व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाते हुए राजस्थान के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।