
बदलते बैंकिंग परिदृश्य और बढ़ते साइबर अपराधों के बीच अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को नवीनतम बैंकिंग तकनीक अपनाने के साथ साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना होगा। शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने प्रदेश के अरबन कोऑपरेटिव बैंकों से डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने और जोखिम प्रबंधन प्रणाली को प्रभावी बनाने का आह्वान किया है।
मंगलवार को प्रदेश के अरबन कोऑपरेटिव बैंकों के समक्ष वर्तमान एवं भावी चुनौतियों के मूल्यांकन तथा भविष्य की दिशा विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. समित शर्मा ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर अपराधों की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में सहकारी बैंकों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने और अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को भारत सरकार की 'सहकार से समृद्धि' कार्ययोजना के अनुरूप उपभोक्ताओं को डोर स्टेप बैंकिंग और डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इससे सहकारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ा जा सकेगा।
शासन सचिव ने कहा कि बैंकों के लिए केवल अपनी सेवाओं का विस्तार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य के जोखिमों की पहचान और उनके समाधान के लिए मजबूत तंत्र विकसित करना भी जरूरी है। प्रभावी जोखिम प्रबंधन से उपभोक्ताओं का सहकारी बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा और बैंक अधिक सुरक्षित एवं बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बैंकों को वित्तीय तकनीक और साइबर सुरक्षा में निवेश बढ़ाना होगा। इसके साथ ही बैंक कर्मचारियों को बदलती तकनीक के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
डॉ. समित शर्मा ने कहा कि अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को नेशनल अरबन कोऑपरेटिव बैंक फाइनेंशियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनयूसीएफडीसी) की सदस्यता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एनयूसीएफडीसी अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ बैंकिंग क्षेत्र में नए अवसरों और वित्तीय सेवाओं के विस्तार में सहयोग करता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था में तकनीकी सहयोग और डिजिटल समाधान अपनाना समय की आवश्यकता है। इससे छोटे और मध्यम सहकारी बैंक भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे।
शासन सचिव ने सभी अरबन कोऑपरेटिव बैंकों को आई4सी (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑन बोर्ड होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए बैंक स्तर पर जागरूकता, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, ताकि ग्राहकों की राशि और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखा जा सके।
कार्यशाला में अपेक्स बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं अतिरिक्त रजिस्ट्रार सीनियर स्केल श्री संजय पाठक सहित प्रदेश के 27 अरबन कोऑपरेटिव बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियों पर विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने विचार साझा किए।
कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि सहकारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए तकनीकी नवाचार, सुरक्षित डिजिटल सेवाएं और बेहतर जोखिम प्रबंधन समय की आवश्यकता हैं। आधुनिक बैंकिंग तकनीक को अपनाकर अरबन कोऑपरेटिव बैंक न केवल अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध करा सकते हैं।