नशामुक्त भारत अभियान तेज करने के निर्देश राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कुलगुरुओं को दिए निर्देश, नशामुक्त भारत अभियान को बनाएं जन आंदोलन
Wednesday, 29 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

 राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कुलगुरुओं को दिए निर्देश, विश्वविद्यालय चलाएं 'नशामुक्त भारत' विशेष अभियान

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से नशामुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं तथा गोद लिए गए गांवों को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करें। उन्होंने नशे से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान संचालित करने और पुलिस प्रशासन के सहयोग से मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने पर भी जोर दिया।

बुधवार को लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं के साथ आयोजित बैठक में राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले लोगों की पहचान करने तथा ऐसे तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका भी उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय निभाएं सामाजिक जिम्मेदारी

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और शोध तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक परिवर्तन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय जिन गांवों को गोद लेकर विकास कार्य कर रहे हैं, वहां 'नशामुक्त गांव' की अवधारणा को भी प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कुलगुरुओं से कहा कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक गांवों में जाकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करें। नशे की समस्या से प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें जागरूक किया जाए तथा नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले लोगों के विरुद्ध पुलिस प्रशासन के सहयोग से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास रखें विशेष निगरानी

राज्यपाल ने कहा कि कई बार विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री युवाओं को नशे की ओर आकर्षित करती है। ऐसे में संस्थानों के प्रशासन को सतर्क रहते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखनी चाहिए और संबंधित एजेंसियों को समय पर सूचना उपलब्ध करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए नियमित रूप से संवाद, व्याख्यान, कार्यशालाएं और परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

'माई भारत पोर्टल' से जुड़े अधिक से अधिक युवा

राज्यपाल श्री बागडे ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नशामुक्त भारत के लिए किए गए आह्वान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों से 'माई भारत पोर्टल' पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत 'माई भारत पोर्टल' के माध्यम से 100 सप्ताह का विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इस दौरान रैलियां, जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं, शपथ कार्यक्रम तथा विभिन्न जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 विश्वविद्यालय स्तर पर हों प्रभावी गतिविधियां

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे और नियमित अंतराल पर अभियान की प्रगति की समीक्षा भी करे। उनका कहना था कि यदि शैक्षणिक संस्थान इस अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ाएं तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका ने विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा 'नशामुक्त भारत' अभियान के अंतर्गत संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जनजागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

राज्यपाल ने अंत में कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी कुलगुरुओं से इस अभियान को मिशन मोड में संचालित कर युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ, जागरूक तथा सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।