मंडोर और कायलाना के विकास पर दिया कुमारी का फोकस दिया कुमारी ने मंडोर गार्डन और कायलाना झील का किया निरीक्षण, पर्यटन विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
Monday, 27 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

दिया कुमारी ने मंडोर गार्डन और कायलाना झील के विकास कार्यों का किया निरीक्षण, विरासत संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर

 राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को अपने जोधपुर दौरे के दौरान पर्यटन विभाग और जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से संचालित विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मंडोर स्थित ऐतिहासिक सुमनोहरा बावड़ी, मंडोर गार्डन और कायलाना झील पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सुमनोहरा बावड़ी के संरक्षण पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मंडोर स्थित ऐतिहासिक सुमनोहरा बावड़ी का अवलोकन किया। उन्होंने इसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए संरक्षण, रखरखाव और संवर्धन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान की प्राचीन धरोहरें केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान भी हैं। ऐसे में इन स्मारकों का संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाना आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें।

मंडोर गार्डन के समग्र विकास की बनेगी कार्ययोजना

उप मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. पुनीत सिंह को मंडोर गार्डन स्थित राजकीय संग्रहालय और पूरे परिसर के समग्र विकास के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएं ताकि ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडोर गार्डन को एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं, सूचना केंद्र और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाए।

वाटर लेजर शो बनेगा नया आकर्षण

दिया कुमारी ने कहा कि मंडोर गार्डन में विकसित किया जा रहा वाटर लेजर शो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से इस शो में जोधपुर के गौरवशाली इतिहास, राजवंशों की विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह की आधुनिक पर्यटन गतिविधियां न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाएंगी, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में भी सहायक होंगी।

एडवेंचर पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडोर क्षेत्र में पारंपरिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों का भी विकास किया जाएगा। उनका मानना है कि विविध प्रकार की पर्यटन गतिविधियां विकसित होने से पर्यटक अधिक समय तक जोधपुर में ठहरेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

जल्द शुरू होगा वाटर लेजर शो

निरीक्षण के दौरान जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि मंडोर गार्डन में वाटर लेजर शो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे जल्द पूरा कर आमजन तथा पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद यह जोधपुर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल होगी और शाम के समय पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव उपलब्ध कराएगी।

कायलाना झील के विकास कार्यों की भी समीक्षा

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बजट घोषणाओं के अंतर्गत कायलाना झील पर चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि कायलाना झील जोधपुर के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां विकसित की जा रही सुविधाओं से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर मनोरंजन और पर्यटन अनुभव मिलेगा।

पर्यटन विकास से बढ़ेगी स्थानीय अर्थव्यवस्था

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, परिवहन, होटल उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। इसलिए सरकार पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

विरासत संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का होगा समन्वय

दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों के दौरान ऐतिहासिक संरचनाओं की मौलिक पहचान और स्थापत्य शैली को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएं ताकि विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच संतुलन बना रहे।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करना है। मंडोर गार्डन, सुमनोहरा बावड़ी और कायलाना झील जैसी परियोजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे भविष्य में पर्यटन को नई गति मिलने