राइजिंग राजस्थान एमओयू पर CM सख्त राइजिंग राजस्थान एमओयू की समीक्षा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
Monday, 27 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

राइजिंग राजस्थान के एमओयू को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

 राजस्थान में निवेश परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और उन्हें तय समयसीमा में धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत हुए एमओयू का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, क्योंकि इन परियोजनाओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निवेशकों का विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभागों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि समिट के दौरान हुए सभी निवेश समझौतों पर तेजी से कार्य हो और परियोजनाओं का लाभ जल्द से जल्द प्रदेश की जनता को मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने एमओयू के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करे और तय समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निवेश परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केवल समझौते पर हस्ताक्षर करना पर्याप्त नहीं है। वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब परियोजनाएं शुरू होकर उद्योग, व्यापार, रोजगार और आधारभूत विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भूमि आवंटन और स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन, पर्यावरणीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियात्मक कठिनाइयों से बचाया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि परियोजनाओं से संबंधित किसी भी स्तर पर बाधाएं आती हैं तो उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि निवेशकों को सकारात्मक माहौल मिले और परियोजनाओं की शुरुआत में देरी न हो।

मुख्य सचिव स्तर पर होगी नियमित मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि एमओयू के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग समय-समय पर अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे और जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल समाधान निकाला जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा और समय पर आवश्यक निर्णय लेकर कार्यों को गति दी जा सकेगी। इससे निवेशकों का विश्वास भी मजबूत होगा और परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन की संभावना बढ़ेगी।

निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने संबंधित निवेशकों के संपर्क में रहे और उनकी समस्याओं तथा सुझावों पर गंभीरता से विचार करे।

उन्होंने कहा कि उद्योगों और निवेशकों को एक पारदर्शी, सरल और सहयोगात्मक प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य है। यदि निवेशकों को समय पर आवश्यक सहायता और स्पष्ट जानकारी मिलेगी तो वे प्रदेश में अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे।

कई प्रमुख विभागों के एमओयू की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान ऊर्जा, उद्योग, खनन, पर्यटन, स्वायत्त शासन, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, आयुष, स्कूल शिक्षा, युवा एवं खेल तथा तकनीकी शिक्षा सहित अनेक विभागों के एमओयू की प्रगति की समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, स्वीकृतियों की प्रक्रिया, निवेशकों के साथ समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।

आर्थिक विकास और रोजगार पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत होने वाला निवेश केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रदेश में व्यापक आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नई परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे युवाओं को राज्य में ही बेहतर संभावनाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर व्यापार, परिवहन, सेवा क्षेत्र और अन्य सहायक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इससे प्रदेश के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी और राजस्थान निवेश के लिए एक मजबूत गंतव्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

निवेश-अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, समयबद्ध स्वीकृतियां देने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक निवेश परियोजना को गंभीरता से लिया जाए और उसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए जवाबदेही तय की जाए। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और भविष्य में भी प्रदेश में नए निवेश आकर्षित होंगे।

विभागीय समन्वय को बताया सफलता की कुंजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़ी निवेश परियोजना की सफलता विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय पर निर्भर करती है। इसलिए सभी विभाग एक टीम की तरह कार्य करें और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा को समय रहते दूर करें।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश समझौते करना नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक लागू कर प्रदेश के विकास में बदलना है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी और विभाग की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

विकास की नई दिशा की ओर राजस्थान

राज्य सरकार का मानना है कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू का सफल और समयबद्ध क्रियान्वयन प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। निवेश परियोजनाओं से औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना का विस्तार, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेशकों का विश्वास बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए, ताकि राजस्थान विकास और निवेश के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।