
राजस्थान में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चलने वाले इस एक माह के अभियान के पहले दो दिनों में पुलिस ने राज्यभर में 1259 हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर सभी पुलिस रेंज और दोनों पुलिस आयुक्तालयों में एक साथ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हार्डकोर अपराधियों, नशा तस्करों, साइबर अपराधियों, अवैध हथियार रखने वालों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है। अभियान का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना है।
विशेष अभियान के पहले दो दिनों में राजस्थान पुलिस ने 1259 हार्डकोर अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की। कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान पूरे एक महीने तक लगातार जारी रहेगा।
राजस्थान पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 220 एनडीपीएस (NDPS) प्रकरण दर्ज किए और 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी जब्त किए गए। विशेष रूप से बीकानेर रेंज में—
बरामद की गई।
इसके अलावा फार्मा ड्रग्स के मामलों में 1065 प्रतिबंधित टैबलेट, 398.69 ग्राम चिट्टा तथा 60.095 किलोग्राम पोस्त भी जब्त किया गया।
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने 52 मामलों में कार्रवाई करते हुए 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े मामलों में 1 करोड़ 41 लाख 89 हजार 442 रुपये बरामद किए। इसके अलावा 11 लाख 25 हजार 197 रुपये पीड़ितों को वापस भी दिलाए गए।
राज्यभर में साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध हथियारों से जुड़े 45 प्रकरण दर्ज किए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
इसी अवधि में अवैध खनन के विरुद्ध भी 75 मामलों में कार्रवाई कर संबंधित लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा गया।
यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अपराधियों की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर नाकाबंदी की गई।
पुलिस ने 80 हजार 264 वाहनों की जांच की और 24 हजार 816 मामलों में मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत कार्रवाई की।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और अपराधियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी है।
महिला सुरक्षा को अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
पहले दो दिनों में 403 मामलों में कार्रवाई की गई, जबकि प्रदेशभर में 642 स्थानों पर महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए पूरे प्रदेश में 1685 कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG) बैठकों का आयोजन किया गया।
इन बैठकों में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
अभियान के दौरान विभिन्न पुलिस रेंजों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस प्रदेश में संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध और महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को और अधिक मजबूत करना है।