
राजधानी जयपुर में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने करीब 219 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम, पार्क विकास, हरित क्षेत्र का विस्तार, पर्यटन सुविधाएं और नागरिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
मंगलवार को जेडीए मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में पब्लिक वर्क्स कमेटी (PWC) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकसित राजस्थान के विजन और नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में शहर के समग्र विकास से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सबसे बड़ी स्वीकृति जोन-सी में सवाई माधोपुर रेलवे लाइन से शिप्रा पथ तक करतारपुरा नाले के पुनर्स्थापन एवं निर्माण कार्य के लिए दी गई।
इस परियोजना के लिए 165.73 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना से जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी, जलभराव की समस्या में कमी आएगी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
बैठक में विद्याधर नगर के निकट स्थित स्वर्ण जयंती ऑक्सीजन पार्क के विकास के लिए 7.54 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक पार्क उपलब्ध कराना है। पार्क के विकसित होने से स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन की आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
जेडीए ने रामनिवास बाग क्षेत्र (गार्डन-1) में रॉयल हैप्पीनेस पार्क के विकास के लिए 13.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।
यह पार्क आधुनिक थीम पर विकसित किया जाएगा, जहां परिवारों, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आकर्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। परियोजना का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक मनोरंजन स्थल उपलब्ध कराना है।
बैठक में राजस्थान उत्सव पार्क (वेस्ट-टू-वंडर) के विकास के लिए 24.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
इस परियोजना के तहत पुनर्चक्रित (रीसाइकिल) सामग्री से आकर्षक संरचनाएं और पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जोन-10 के अंतर्गत ग्राम सायपुरा, गुवाड़ी और पालेड़ा मोड़ से बालकृष्णपुरा तक सड़क नवीनीकरण के लिए 3.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
इन सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा तथा स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
बैठक में जोन-7 के अंतर्गत अजमेर पुलिया से पुरानी चुंगी (मजार) तक एलिवेटेड रोड के नवीनीकरण के लिए संशोधित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 4.20 करोड़ रुपये की प्रदान की गई।
इस परियोजना से सड़क की गुणवत्ता में सुधार होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगी।
बैठक में सभी स्वीकृत परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में स्वीकृत पार्क विकास परियोजनाओं को जयपुर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऑक्सीजन पार्क, रॉयल हैप्पीनेस पार्क और राजस्थान उत्सव पार्क जैसी परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगी, बल्कि शहर में पर्यटन गतिविधियों और सार्वजनिक मनोरंजन सुविधाओं को भी नया आयाम देंगी।
करीब 219 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद जयपुर में जल निकासी, सड़क नेटवर्क, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
बैठक में जेडीए सचिव डॉ. गौरव सैनी, निदेशक (अभियांत्रिकी) संजीव जैन, निदेशक (वित्त) सुरेश वर्मा सहित जेडीए और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से राजधानी जयपुर का शहरी ढांचा और अधिक सुदृढ़ होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।