CM भजनलाल ने लॉन्च किया साइबर सुरक्षा अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘साइबर सुरक्षा अभियान’ पोस्टर का किया विमोचन, साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का दिया संदेश
Monday, 20 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया ‘साइबर सुरक्षा अभियान’ पोस्टर का विमोचन, साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिया संदेश

 राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को ‘साइबर सुरक्षा अभियान’ के पोस्टर का विमोचन करते हुए प्रदेशवासियों से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल क्रांति का है, जहां तकनीक ने जीवन को पहले से अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया है। हालांकि, इसके साथ साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं, जिनसे निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। प्रदेशभर में साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों में शामिल गिरोहों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और साइबर अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों का उपयोग कर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। इसी दिशा में राजस्थान सरकार राजस्थान साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) विकसित कर रही है। यह अत्याधुनिक केंद्र साइबर अपराधों की रोकथाम, अनुसंधान, तकनीकी समन्वय और विभिन्न एजेंसियों के बीच त्वरित सूचना साझा करने का प्रमुख मंच बनेगा। इससे साइबर मामलों की जांच अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध के पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार साइबर हेल्पलाइन 1930 को प्रभावी ढंग से संचालित कर रही है। इसके अलावा ऑपरेशन एंटीवायरस जैसे विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन पहलों का उद्देश्य साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पीड़ितों को समय पर राहत उपलब्ध कराना है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपना ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से कई मामलों में ठगी गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल अपराधियों पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार अभियान चला रही है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न सामाजिक मंचों के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है, ताकि लोग साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच सकें।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की सख्त कार्रवाई, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जनता की सहभागिता से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि "सुरक्षित नागरिक, सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था और सुरक्षित राजस्थान" राज्य सरकार का संकल्प है और इसे साकार करने के लिए हर स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है और सभी के सहयोग से ही सुरक्षित डिजिटल राजस्थान का निर्माण संभव होगा।