लाडो योजना: लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा, पात्र बालिकाओं को समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश
Thursday, 09 Jul 2026 00:00 am

Golden Hind News

लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा: पात्र बालिकाओं को समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो प्रोत्साहन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र बालिकाओं तक समय पर लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) श्री राजेश कुमार यादव ने गुरुवार को शासन सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में योजना की वर्तमान प्रगति, लंबित आवेदनों की स्थिति, तकनीकी समस्याओं, भुगतान प्रक्रिया तथा लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से सहायता पहुंचाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक श्री सीताराम जाट सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित शाखाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक के दौरान एसीएस श्री राजेश कुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना राज्य सरकार की बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवारों को प्रोत्साहित करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और प्रत्येक पात्र बालिका को निर्धारित समय सीमा के भीतर लाभ उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन आवेदनों का निस्तारण अभी तक नहीं हो पाया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांचकर शीघ्र स्वीकृत किया जाए। साथ ही जिन मामलों में तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं सामने आ रही हैं, उन्हें संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समयबद्ध हो, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

तकनीकी समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर

समीक्षा बैठक में योजना के ऑनलाइन संचालन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन, बैंक खाते की जानकारी तथा ईसीएस प्रक्रिया के कारण भुगतान में देरी हुई है। इस पर एसीएस ने निर्देश दिए कि सभी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और आवश्यक होने पर संबंधित तकनीकी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को जल्द निपटाया जाए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को आसान बनाना है, इसलिए तकनीकी कारणों से पात्र लाभार्थियों को योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। सभी स्तरों पर नियमित निगरानी और समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया बिना किसी अनावश्यक विलंब के पूरी हो।

बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनके भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये का संकल्प पत्र प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके।

राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी सोच के साथ योजना को व्यापक बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ प्राप्त कर सकें। योजना का उद्देश्य परिवारों को बेटियों की शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।

लाखों बालिकाएं हो चुकी हैं लाभान्वित

बैठक में अधिकारियों ने योजना की उपलब्धियों की जानकारी भी प्रस्तुत की। बताया गया कि 1 अगस्त 2024 से अब तक 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है। यह संख्या दर्शाती है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में परिवार इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

सरकार ने योजना को अधिक समावेशी बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव भी किए हैं। पहले लागू दो से अधिक संतान संबंधी पात्रता की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अधिक परिवारों की बेटियां योजना के दायरे में आ सकें। इसके अलावा अब मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्राओं को आर्थिक सहायता मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

वित्तीय प्रगति की भी हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक में योजना की वित्तीय स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 4,531.96 लाख रुपये के विपत्र कोषालय को भेजे गए हैं। इनमें से 2,509.48 लाख रुपये के विपत्रों का ईसीएस सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जबकि 2,022.48 लाख रुपये के विपत्र वर्तमान में ईसीएस प्रक्रिया में हैं।

एसीएस ने निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया को और अधिक तेज किया जाए तथा जिन लाभार्थियों का भुगतान लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचे।

तीसरी किस्त का लाभ लगातार जारी

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अब तक 2,56,808 बालिकाओं को योजना की तृतीय किस्त का लाभ प्रदान किया जा चुका है। शेष पात्र लाभार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी पात्र आवेदनों का सत्यापन पूरा होते ही भुगतान जारी कर दिया जाएगा।

एसीएस ने कहा कि योजना के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी की जाए और जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए। यदि किसी जिले में आवेदन लंबित हैं या भुगतान में देरी हो रही है, तो उसके कारणों की पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव के योजना का लाभ मिले। साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकता पड़ने पर विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का निपटारा किया जाए। इससे लाभार्थियों का सरकार की योजनाओं पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

योजना का उद्देश्य

लाडो प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना, उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बालिका केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से योजना में समय-समय पर सुधार किए जा रहे हैं और पात्रता के दायरे का विस्तार भी किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक के अंत में एसीएस श्री राजेश कुमार यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए, तकनीकी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए तथा प्रत्येक पात्र बालिका तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य में बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।