
राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर
कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देना न केवल तमिलनाडु के लिए, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। वर्तमान में कांग्रेस केंद्र में इंडिया गठबंधन के तहत एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के साथ सहयोगी है। ऐसे में विपक्षी दलों को 2029 के आम चुनावों से पहले पार्टियों के बीच की अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।
टीवीके का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इससे पहले चार मई को तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटें मिलीं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से 10 कम हैं। पार्टी अब डीएमके और एडीएमके दोनों खेमों की छोटी पार्टियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस देगी विजय को समर्थन
सूत्रों के अनुसार, गूगल मीट सत्र के दौरान तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति और टीवीके के साथ गठबंधन के रणनीतिक निहितार्थों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि विजय ने तमिलनाडु में कांग्रेस से समर्थन मांगा था। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
अन्य दलों का संभावित समर्थन
तमिलनाडु कांग्रेस के पास पांच सीटें हैं, जबकि पीएमके के पास चार सीटें हैं। इसके अलावा, सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके के पास दो-दो सीटें हैं। यह उम्मीद जताई जा रही है कि ये पार्टियां भी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दे सकती हैं।