
सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने और उसे हराने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से तंबाकू, नशीले पदार्थों और खराब जीवनशैली से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कैंसर बचाव हेतु व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति जयपुर में कैंसर सोसाइटी द्वारा आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और चिकित्सा अनुसंधानों से उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कीमोथेरेपी जैसी कठिन प्रक्रिया के स्थान पर टैबलेट आधारित उपचार की दिशा में हो रहे प्रयास उत्साहजनक हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैंसर मरीजों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी सहित कई प्रकार के उपचार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह योजना सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, मुंह के कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज को कवर करती है। गरीब मरीजों को विशेष सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जाती है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर देश में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। इसके बचाव के लिए वैक्सीनेशन और समय पर जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में प्रभावी प्रयास कर रही हैं।
हरिभाऊ बागडे ने कहा कि जिस प्रकार टीबी मुक्त अभियान चलाकर सफलता मिली है, उसी तरह कैंसर मुक्त राजस्थान अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कैंसर रोकथाम के लिए जीवनशैली, खानपान और पर्यावरण पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल हैं, इसलिए लोगों को इनसे दूरी बनानी चाहिए। साथ ही शुद्ध पानी, रसायन मुक्त खेती और स्वस्थ वातावरण पर भी ध्यान देना चाहिए।
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान में कैंसर जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और चिकित्सा मंत्री ने कैंसर सर्वाइवर पर आधारित एक प्रेरणादायक फिल्म का लोकार्पण भी किया। समारोह में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली, तंबाकू से दूरी और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जन जागरूकता ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार है।