मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई,बिल 54 वोट से गिरा
Saturday, 18 Apr 2026 00:00 am

Golden Hind News

लोकसभा (Loksabha) और राज्य विधानसभाओं में 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक-131वां संविधान संशोधन विधेयकऔर परिसीमन विधेयक सहित तीनों विधेयक दो तिहाई बहुमत नहीं मिल पाने के कारण गिर गए। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। 

विधेयक को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की राह में दो दिनों तक चली लंबी चर्चा के बाद मत विभाजन में मोदी सरकार की ओर से प्रस्तुत विधेयक दो तिहाई बहुमत के अभाव में गिर गया। परिणाम घोषित होते ही विपक्षी खेमे ने मेजें थपथपाकर प्रसन्नता व्यक्त की। इसके साथ ही पूर्व में हुए प्रयासों की तरह महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की राह में राजनीतिक दलों के स्वार्थ और राजनीति फिर आड़े आ गई। जैसे ही 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिरा, वैसे ही सत्ता पक्ष ने विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने की कोशिश की।

विपक्ष ने परिसीमन बिल के विरोध के दो कारण बताए

विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल का विरोध नहीं किया लेकिन इससे जुड़े दोनों बिल के खिलाफ ही। विपक्ष ने परिसीमन बिल के विरोध के दो कारण बताए। पहला– इससे दक्षिणी राज्यों की संसद में ताकत कम हो जाएगी। दूसरा– यह ओबीसी और एसटी–एससी तबके के खिलाफ है। यह संशोधन बिल 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बदलाव के लिए लाया गया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। यदि यह बिल पास हो जाता, तो इसे 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना थी।