पाली टेक्सटाइल फैक्ट्री में भीषण आग, 7 दमकलों ने पाया काबू पाली में टेक्सटाइल फैक्ट्री में भीषण आग: 7 दमकलों ने 54 फेरे लगाकर पाया काबू, लाखों का नुकसान
Wednesday, 15 Apr 2026 02:30 am

Golden Hind News

पाली में टेक्सटाइल फैक्ट्री में भीषण आग, लाखों का नुकसान; 7 दमकलों ने 54 फेरे लगाकर पाया काबू

पाली के औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब मंडिया रोड स्थित आगम टेक्सटाइल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। रात के समय लगी इस आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में रखे हजारों कपड़ों के थान जलकर राख हो गए। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

कैसे लगी आग और कैसे फैली ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग फैक्ट्री के 220-221 नंबर फोल्डिंग हॉल से शुरू हुई थी। इस हॉल में बड़ी मात्रा में कपड़े के थान रखे हुए थे, जिनमें सूती और सिंथेटिक दोनों प्रकार के कपड़े शामिल थे। आग लगने के बाद सिंथेटिक कपड़ों ने तेजी से लपटें पकड़ लीं, जिससे कुछ ही मिनटों में आग पूरे गोदाम में फैल गई।

फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने धुआं और आग की लपटें देख तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते आग इतनी भयानक हो गई कि आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल बन गया।

दमकल विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही पाली नगर परिषद की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए सोजत सिटी से भी अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। कुल 7 दमकलों ने मिलकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह 4 बजे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान दमकलों ने करीब 54 फेरे लगाए। आग पर काबू पाने के लिए आसपास की फैक्ट्रियों से भी पानी लिया गया, क्योंकि इतनी बड़ी आग को बुझाने के लिए स्थानीय संसाधन कम पड़ रहे थे।

दमकलकर्मियों की कड़ी मेहनत और सूझबूझ के चलते आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया जा सका। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।

स्थानीय लोगों ने भी निभाई अहम भूमिका

आग बुझाने के दौरान स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने पानी की व्यवस्था कराने में मदद की, तो कुछ ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने में सहयोग किया। फैक्ट्री के आसपास की अन्य इकाइयों ने भी अपने टैंकर और पानी के स्रोत उपलब्ध कराए, जिससे राहत कार्य को गति मिली।

इस सामूहिक प्रयास के कारण ही इतनी बड़ी आग को नियंत्रित करना संभव हो पाया।

क्यों खतरनाक होती हैं टेक्सटाइल फैक्ट्री की आग?

विशेषज्ञों के अनुसार, टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में आग लगना बेहद खतरनाक होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां रखे कपड़ों का ज्वलनशील होना है। खासकर सिंथेटिक कपड़े पेट्रोकेमिकल से बने होते हैं, जो आग लगने पर तेजी से जलते हैं और पिघलकर फैलते हैं।

जब ऐसे कपड़ों में आग लगती है, तो यह सामान्य लकड़ी या कागज की तरह राख नहीं बनते, बल्कि प्लास्टिक की तरह पिघलकर चिपकते हैं और आग को और अधिक फैलाते हैं। यही कारण है कि टेक्सटाइल उद्योग में आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।

नुकसान का आकलन और जांच जारी

फिलहाल इस आग में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपए का कपड़ा और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया है। हालांकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक भी हो सकता है।

प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दमकल टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरी घटना में अग्निशमन विभाग की टीम ने बेहद सराहनीय कार्य किया। अग्निशमन अधिकारी रामलाल गहलोत के नेतृत्व में कमलकिशोर, राहुल, पारस गहलोत, डिम्पल, अशोक, महेंद्र, रमेश, आशीष, सुमेर चौधरी और अमृत आदिवाल सहित कई दमकलकर्मी पूरी रात मौके पर डटे रहे।

उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। घने धुएं और तेज गर्मी के बीच काम करना आसान नहीं था, लेकिन टीम की मेहनत के चलते बड़ा हादसा टल गया।

भविष्य के लिए सबक

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच, कर्मचारियों को आपातकालीन प्रशिक्षण और पर्याप्त पानी की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

अगर समय रहते इन उपायों को अपनाया जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

निष्कर्ष

पाली के मंडिया रोड स्थित टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी इस भीषण आग ने उद्योग जगत को एक बड़ा संदेश दिया है। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक नुकसान काफी बड़ा है।

दमकल विभाग, स्थानीय प्रशासन और आम लोगों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, जो एक राहत की बात है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के उपाय किए जा सकेंगे।