महिला अपराधों पर सख्ती, 60 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश महिलाओं से जुड़े अपराधों का 60 दिन में निस्तारण होगा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के सख्त निर्देश
Thursday, 02 Apr 2026 02:30 am

Golden Hind News

राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने महिलाओं से जुड़े अपराधों का 60 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक एफआईआर की स्थिति दो माह में अद्यतन करने को भी अनिवार्य बताया है।

शासन सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में नई आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन और स्मार्ट पुलिसिंग पहलों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए।


 जांच प्रक्रिया में तेजी पर जोर

वी. श्रीनिवास ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर मामले की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिले।

उन्होंने मेडिको-लीगल रिपोर्ट (MLR) और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी कमी न रहे।


 तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा

मुख्य सचिव ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने CCTNS, ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।

उन्होंने नागरिकों के लिए एसएमएस अलर्ट, ऑनलाइन ट्रैकिंग और ई-समन जैसी सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे आमजन को न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।


 फोरेंसिक जांच को प्राथमिकता

बैठक में यह भी तय किया गया कि गंभीर मामलों में फोरेंसिक जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से जांच करने से मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।


 विभिन्न विभागों में समन्वय जरूरी

वी. श्रीनिवास ने पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक और न्यायिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर काम करें, तभी न्याय प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों और जेलों के बीच सुनवाई प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए।


 डिजिटल सिस्टम से बढ़ी कार्यक्षमता

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक अजय पाल लाम्बा ने जानकारी दी कि फोरेंसिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल सिस्टम के एकीकरण से मामलों के निस्तारण में सुधार हुआ है।

राज्य में अपराधों के पंजीकरण, जांच और निस्तारण की प्रक्रिया में लगातार प्रगति हो रही है और समयसीमा में मामलों के समाधान की दर बढ़ी है।


 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वी. श्रीनिवास के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार अपराधों के निस्तारण में तेजी लाने और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे न केवल महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि आमजन का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी बढ़ेगा।