
United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच जंग की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ‘डुअल ट्रैक स्ट्रैटजी’ अपनाई है—एक तरफ कूटनीतिक बातचीत और दूसरी ओर संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी।
अमेरिका एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहा है—
हालांकि Donald Trump ने अभी तक जमीनी हमले को मंजूरी नहीं दी है।
अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के करीब 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं। इसके अलावा—
भी भेजने की तैयारी है।
विश्लेषकों के अनुसार, United States फुल स्केल वॉर के बजाय सीमित जमीनी हमले कर सकता है। इसके लिए 3 प्रमुख टारगेट चुने जा सकते हैं—
Iran ने भी अपनी रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। ईरानी मीडिया ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
ईरान अपने—
को मजबूत कर रहा है।
इस संभावित संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका ने अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन सैन्य तैयारियां इस ओर इशारा करती हैं कि हालात किसी भी समय गंभीर मोड़ ले सकते हैं।