
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवक विकसित राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं को गहराई से सुनकर उनका त्वरित समाधान करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के नवनियुक्त लोक सेवकों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिश्रम से मिली सफलता केवल पद तक पहुंचाती है, लेकिन सेवाभाव ही लोक सेवक को जनता के दिलों में स्थायी स्थान दिलाता है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में लोक सेवकों की भूमिका निर्णायक होगी। राज्य सरकार ने इस दिशा में स्पष्ट रोडमैप तैयार कर कार्य शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पेयजल और सिंचाई के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें शामिल हैं—
ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन किए गए हैं और 2027 तक राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि—
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
राजस्थान में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नीमराणा, भिवाड़ी और खुशखेड़ा जैसे क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। साथ ही डीएमआईसी और भारतमाला परियोजनाओं से राज्य के विकास को नई गति मिल रही है।
बांसवाड़ा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र और बालोतरा में रिफाइनरी परियोजना पर भी काम जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवकों का प्रमुख दायित्व है—
उन्होंने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवक राज्य के नैतिक आधार स्तंभ हैं और उनके आचरण से ही विभाग की कार्य संस्कृति तय होती है।
संवाद कार्यक्रम में कई नवनियुक्त अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और पेपर लीक पर नियंत्रण तथा समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और 2023 परीक्षा के चयनित लोक सेवक उपस्थित रहे।