
टीबी-मुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान में शुक्रवार को राज्य स्तरीय सम्मान समारोह और पीडियाट्रिक टीबी स्टेकहोल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कार्मिकों और विकास भागीदारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में टीबी उन्मूलन के लिए बहु-क्षेत्रीय समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ पीडियाट्रिक टीबी के प्रभावी एकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डॉ. शर्मा ने कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर कार्य को और सुदृढ़ करने, जनभागीदारी गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाने और चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविरों के माध्यम से टीबी जांच एवं उपचार सेवाओं को बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों, एसटीसी, एसटीडीसी और डेवलपमेंट पार्टनर्स को सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) की प्रगति, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान और राज्य में टीबी-एआई समाधान की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।
राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी ने सभी जिलों की समीक्षा करते हुए “टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय” के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके अतिरिक्त राज्य नोडल अधिकारी टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान, डॉ. एस.एन. धौलपुरिया ने टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा पीडियाट्रिक टीबी के लक्ष्य, तकनीकी दिशानिर्देश और आरबीएसके के अंतर्गत सहयोगात्मक ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्तर पर टीबी और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बेहतर एकीकरण के लिए अनुभव साझा सत्र और समूह कार्य आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में विभागीय लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए सभी प्रतिभागियों ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने का संकल्प दोहराया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विकास भागीदार, विभिन्न जिलों से आए टीबी अधिकारी, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस राज्य स्तरीय समारोह और कार्यशाला से टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में राजस्थान की सक्रियता और प्रतिबद्धता सामने आई। कार्यक्रम ने स्वास्थ्य अधिकारियों और विकास भागीदारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रणनीतियों और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से टीबी-मुक्त भारत अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।